बुआ के बेटे को गर्लफ्रेंड की चूत चुदाई करते देखा

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I wasn’t ready for what happened next… but once it started, there was no turning back.

Xxx गर्लफ्रेंड चुदाई कहानी में मैंने अपनी बुआ के बेटे को छत पर उसकी गर्लफ्रेंड की चूत चुदाई करते देखा. चांदनी रात में उसकी गर्लफ्रेंड दीवार फंड कर सेक्स के लिए आई थी.

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मेरा नाम प्रीति है और मैं 27 साल की लड़की हूँ.
यह मेरा पहली चुदायी की कहानी है और सच्ची घटना पर आधारित है.

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मुझे उम्मीद है कि आप सब लोग इस Xxx गर्लफ्रेंड चुदाई कहानी को अपना खूब प्यार देंगे.

What happened next changed everything…

यह तब की बात है जब मैं एक बार अपनी बुआ के घर में छुट्टी मानने आई थी.

उस समय मैं 19 साल की थी और उसी समय अपनी जवानी की नशीली महक से झूम रही थी.
मेरा बदन पूरा भरा हुआ था और मेरे चूचे भी पूरे भरे हुए थे.

उस समय भी मेरी फिगर 34-30-36 का था.
तो आप लोग मेरे जिस्म की कल्पना कर सकते हैं कि मैं कितनी थी.

मुझे यकीन है कि आपका लंड मेरे जवान जिस्म को सोच कर ही खड़ा हो गया होगा.
मैं अपने बुआ के घर छुट्टी मनाने आई थी. यहां मेरी मुलाकात शुभम से हुई जो मेरी बुआ का बेटा था.

वह मुझसे पाँच साल बड़ा था और काफी हैंडसम था.
मैं उससे पहले भी फोन से बहुत बात करती थी.
अब जाकर इन छुट्टियों में उससे मिलने का मौका मिला.

जब मैं उससे मिली तो उसने मिलते ही मुझे गले से लगा लिया.
इससे मुझे थोड़ा अजीब सा लगा.
मेरे चूचे उसकी मर्दाना छाती में गड़ कर मुझे भी चुदास से भर रहे थे.

कुछ देर बाद जब उसने मुझे अपने सीने से अलग किया, तब मैंने देखा कि उसकी पैंट लंड की जगह से फूल गई थी.
वह भी मेरे मम्मों को देख रहा था.

मैं उससे अलग होकर बुआ से बात करने लगी.
वह भी बाहर चला गया.

फिर रात में सब खाना आदि खा पीकर सो गए तो मैं शुभम के बारे में सोचने लगी.
उसकी याद आते ही मेरे अन्दर सेक्स मुझे परेशान करने लगा और मैं शुभम को लेकर उससे चुदवाने की सोचने लगी.

अब मुझे नींद नहीं आ रही थी और मैं बार बार बस शुभम के बारे में ही सोच रही थी.

गर्मियों का मौसम था तो मुझे गर्मी लगने के कारण बेचैनी भी कुछ ज्यादा हो रही थी.
तभी मैंने छत पर कुछ आवाज सुनी, जैसे छत पर कोई कूदा हो.

पहले तो मैं डर गयी, पर उत्सुकतावश मैं छत पर देखने के लिए धीरे धीरे आ गयी.
छत पर जो नजारा मैंने देखा, उसे देख कर तो पागल सी हो गयी.

छत पर शुभम था, जो कोने में एक लड़की के साथ बैठा था और उसके बूब्स को मसल रहा था.

यह मैं इसलिए देख पायी क्योंकि वह चाँदनी रात थी और छत में होने वाला खेल साफ साफ़ दिख रहा था.
मैं छुप कर वहीं खड़ी हो गयी और उन दोनों को देखने लगी.

फिर उस लड़की ने शुभम को किस किया और उसके पैंट की चैन वाले हिस्से में अपना हाथ फेरने लगी.

शुभम भी उसको किस करते हुए उसके बूब्स को दबा रहा था.

शुभम ने उसके हाथ को हटाकर अपनी पैंट की ज़िप खोल दी और अपनी अंडरवियर से अपना लंड बाहर निकाल लिया.

उसने अपने लौड़े को उस लड़की के हाथ में पकड़ा दिया.
वह लड़की भी उसके लौड़े को पकड़कर हिलाने लगी.

मेरी तो ये सब देखकर हालत ही खराब हो रही थी पर मेरे बदन में भी या सब देखकर बिजली सी दौड़ने लगी थी.

मैं छुपकर उन दोनों को देखने लगी.
यह तो मैं समझ गयी थी कि यह शुभम की गर्लफ्रेंड है.

उसके बाद उस लड़की ने शुभम के लंड को अपने होंठों से चूमा और उस पर अपनी जीभ घुमाने लगी.

शुभम भी बहुत मचल रहा था और उसके मम्मों को जोर जोर से दबा रहा था.

यह सब देखकर मेरा हाथ भी अपने बूब्स पर चला गया और मैं भी अपने बूब्स को अपनी कुर्ती के बाहर से मसलने लगी.

फिर उस लड़की ने पास में रखी एक चादर को छत पर बिछाया और वह उस पर आ गई.
यह चादर शायद शुभम अपने साथ ले गया था.

शुभम सीधा लेट गया.
उसका लंड उस लड़की ने अपने मुँह में ले लिया और लंड को लॉलीपॉप की तरह चूसने लगी.

ये देख कर मेरे तो तन बदन में आग लग गयी.
शुभम भी उसके सिर को पकड़ कर ऊपर नीचे करने लगा.

लंड की चुसाई देख कर मेरा बदन जलने लगा.
वह लड़की कभी अपनी जीभ उसके लंड पर घुमाती तो कभी उसके लंड को अपने मुँह में अन्दर ले लेती.

फिर थोड़ी देर में वह लड़की उठ कर खड़ी हो गई.
मेरे भाई ने उसकी सलवार को नीचे कर दिया.

उसने पैंटी नहीं पहनी थी तो वह नीचे से नंगी हो गयी.
मेरे भाई शुभम ने उसकी कुर्ती को ऊपर करके अपना मुँह उसकी चूत में डाल दिया.

पोजीशन कुछ ऐसी थी कि वह लड़की अपने दोनों पैर फैला कर नंगी खड़ी थी और शुभम उसकी चूत को कुत्तों के जैसे चाट रहा था.
वह लड़की शुभम का सर पकड़ कर अपनी चूत पर रगड़ रही थी.

मैं भी मस्ती से देख रही थी कि मेरा भाई उसकी चूत को कितनी तबीयत से चाट रहा है.
वह गर्मा गर्म सीन देखकर मेरा हाथ भी सलवार के बाहर से मेरी चूत को सहलाने लगा.
मेरे साथ ये सब कुछ अपने आप ही हो रहा था.

उधर वह लड़की अपनी टांगों को फैला रही थी और मेरा भाई उसकी टांगों के अन्दर अपना सर डाले हुए चूत चाट रहा था.
इससे वह लड़की आह आह कर रही थी और मेरे भाई का सर पकड़ कर अपनी चूत पर और ज्यादा दबा रही थी.

कुछ मिनट बाद मेरे भाई ने अपना सर बाहर निकाला और वह दोनों फिर से होंठों का चुंबन करने लगे.

उसके बाद वह लड़की मेरे भाई की गोदी में उसके मुँह की तरफ मुँह करके बैठ गयी.
लड़की की चूत मेरे भाई के लौड़े के ऊपर सैट हो गई थी.

मेरे भाई ने अपना लंड उसकी चूत में डाल दिया.
लंड अन्दर लेते ही वह लड़की मेरे भाई से चिपट गयी.

इधर मेरी चूत का भी बुरा हाल हो रहा था और उससे इतना अधिक पानी निकल रहा था जैसे मैंने मूत दिया हो.

अब वह लड़की मेरी भाई के लंड पर उछलने लगी और भाई भी उसको नीचे से उठाते हुए धक्के देने लगा.
यह देखकर मेरी तो हालत ही खराब हो रही थी.

सच में दोस्तो, एक मन तो कर रहा था कि उस कुतिया को अपने भाई के लंड से हटा कर खुद अपनी चूत को उसके लंड पर रख दूँ.

वह लड़की एकदम मस्त होकर मेरे भाई के खड़े लौड़े पर तेजी से उछलने लगी.
इससे मेरे भाई का लौड़ा उसकी चूत में अन्दर बाहर होता साफ दिखाई दे रहा था.

मेरा भाई भी उसके चूचे बहुत जोर जोर से दबाने में लगा था.
वह उसकी चूचियां उसके कुर्ते के बाहर से ही मसल रहा था.

उसको चोदते समय बीच बीच में मेरे भाई अपने हाथ को उसकी गांड पर भी फेर रहा था.

फिर भाई ने उसको अपने लंड से उठाया और वापस अपने लंड को उसके मुँह में दे दिया.
वह कुतिया फिर से मेरे भाई के लंड को मुँह में लेकर चूसने लगी.

सच में, ऐसा मैंने सिर्फ ब्लू फिल्म में ही देखा था.
पर रियल लाइफ में मैं आज पहली बार ही देख रही थी.

मैंने भी अपनी सलवार का नाड़ा ढीला कर दिया और अपनी चूत रगड़नी शुरू कर दी थी.
मैं क्या करती … मेरे सामने का नजारा ही कुछ ऐसा था.

उसके बाद मेरे भाई ने उसे चादर पर लिटा दिया और उसकी एक टांग को अपने कंधे पर रख कर अपना लंड फिर से उस लड़की की चूत में पेल दिया.

अब मुझे कुछ कुछ उस लड़की का चेहरा दिखने लगा था.
वह एक गोरे रंग की मस्त लड़की थी.

अभी मेरा ध्यान सिर्फ उसकी चुदाई में था.
उसके बाद मेरे भाई उसकी चूत में जोर जोर से धक्के देने लगा.

उस टाइम मुझे पता लगा कि मेरे भाई शुभम में बहुत दम है और वह किसी भी लड़की को देर तक चोद कर खुश कर सकता है.

मेरे भाई का लंड अभी भी बहुत कड़क था और वह अपनी पूरी ताकत से धक्के देने में लगा हुआ था.
जबकि उन दोनों के सेक्स को आधा घंटा होने को आया था.

मैं तो उन्हें देखती हुई अब तक दो बार झड़ भी चुकी थी.

अब उस कुतिया ने भी अपनी गांड उछालना शुरू की और दोनों जोर जोर से उछलते हुए धक्के मारने लगे.

कुछ देर बाद भाई ने उसको सीधा लेटा दिया और उसकी चूत में लंड पेल कर धक्के देने लगा.

इस समय लड़की का हाथ मेरे भाई की गांड पर था और वह उसके लंड को अपनी चूत में ले रही थी.

कुछ देर में वे दोनों एक एक दूसरे से चिपट गए.

मेरे भाई ने तेजी से लंड उसकी चूत से निकाल दिया और दूसरी तरफ कर दिया.

मैं समझ गयी कि भैया के लंड का माल निकलने वाला है.

भैया ने अपने लंड का माल वहीं चादर पर निकाल दिया.

वह देखकर मेरी हालत और खराब हो गयी और मैंने उसी समय सोच लिया था कि मुझे भी अपने भाई के लंड का मज़ा लेना है.

उसके बाद वह दोनों छत पर ही निढाल हो गए.

कुछ देर बाद वह दोनों बातें करने लगे.
वह लड़की मेरे भाई से पूछने लगी कि आज जो लड़की तुम्हारे घर आई है, वह कौन है?
भाई ने कहा- वह मेरी बहन है.

लड़की ने कहा- तब तो तुम बड़े बहनचोद हो!
शुभम हंसने लगा और पूछने लगा- क्यों तुम्हें ऐसा क्यों लगा?

वह बोली- साले, अपनी बहन को कोई ऐसे अपने सीने से चिपकाता है?
यह सुनकर मेरे भी कान खड़े हो गए कि मैं भी तो सुनूं कि मेरा भाई क्या जवाब देता है.

मेरे भाई ने पहले तो इस सवाल को टालने की कोशिश की- नहीं यार, वह मेरी बहन ही है.
पर उस लड़की ने जब ये कहा- हां, मैं देख रही थी कि तेरी पैंट में से तेरी बहन का प्यार फूलता हुआ दिख रहा था.

तो मेरा भाई हंसने लगा और बोला- तू साली पूरी जासूस है. चल तू भी क्या याद करेगी तुझे बता ही देता हूँ कि मेरी पैंट में मेरा हथियार क्यों फूल गया था.
वह बोली- हां बता, क्यों फूल गया था?

अब मेरे भाई ने उससे कहा- चल तेरी चूत चोदते हुए ही तुझे बताता हूँ.

वह भी तैयार हो गई क्योंकि वह दोनों छत पर चुदाई के लिए ही तो आए थे.

अबकी बार शुभम ने उस लड़की का कुर्ता भी उतार दिया और वह लड़की पूरी नंगी बड़ी ही सेक्सी लग रही थी.
उसके दूध भी एकदम भरे हुए थे.

मेरे भाई ने उसके एक दूध को अपने मुँह में भर लिया और चूसते हुए बोला- साली, तेरे चूचे के टक्कर के चूचे हैं, मेरी बहन के. मैंने उसे जब अपनी छाती से चिपकाया था न … तो उसकी चूचियाँ बड़ी ठोस और दुधारू लगी थीं.

लड़की बोली- अच्छा भोसड़ी के … इसका मतलब ये हुआ कि अब तू उसे भी पेलेगा?
शुभम हंसने लगा और बोला- अभी इतनी जल्दी में मैं कुछ कैसे कह सकता हूँ. वह राजी होगी, तभी तो मेरे लौड़े के नीचे आएगी?

इस बार वह लड़की शांत हो गई और Xxx गर्लफ्रेंड चुदाई चालू हो गया.

कुछ देर बाद जब वह दोनों झड़ गए तब मैं वापस नीचे आकर अपने बिस्तर में लेट गई और शुभम के ओटे लंड को याद करने लगी.

मैंने अपने भाई से कैसे चुदवाया, इसके लिए आप मेरी अगली कहानी का इंतज़ार करें और तब तक अपने प्यार और कमेंट करते रहें ताकि मैं कहानी को और अधिक रोचक बना सकूँ.
मेरी प्रथम कोशिश Xxx गर्लफ्रेंड चुदाई कहानी को बहुत सारा प्यार दें.
मेरी मेल आईडी है

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