दो जवान लड़कों का समलैंगिक रिश्ता

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I wasn’t ready for what happened next… but once it started, there was no turning back.

यंग बॉय गे पोर्न कहानी में दो पड़ोसी लड़के दोस्त हैं. दोनों बहुत सुंदर और आकर्षक थे. उनमें से एक अपने दोस्त को समलैंगिक संबंधों की नजर से देखने लगा था.

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यह कहानी है साहिल और समीर नाम के दो लड़कों की!

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साहिल की उम्र 19 और समीर 21 का है। साहिल अपने पापा के साथ दिल्ली के विहार कॉलोनी में रहता है.
उसकी मां उसके पापा के गुस्सैल स्वभाव की वजह से उन्हें छोड़ कर जा चुकी है.

What happened next changed everything…

समीर अपनी मां के साथ रहता है.
उसके पापा की एक कार एक्सीडेंट में मृत्यु हो गई थी तब से उसकी मां ने ही समीर को पाला और पढ़ाया लिखाया।

समीर बहुत सुंदर और आकर्षक था तो साहिल भी मस्त लौंडा था, लंबा जिम वाली बॉडी जहां से निकले, लड़कियों की आह निकल जाती।

साहिल और समीर दोनों का घर आमने सामने था.
और दोनों के परिवारों में काफी अच्छा रिश्ता था तो साहिल के पापा ने समीर को साहिल को पढ़ाने के लिए रख लिया था।

साहिल रोज 3 बजे 5 बजे तक साहिल को पढ़ाता, फिर साथ में गेम खेलता, तो कभी TV देखता, कभी घूमने चला जाता.

और साहिल के पापा के घर आने से पहले दोनों अपने अपने काम में लग जाते क्योंकि साहिल के पापा को गुस्सा बहुत जल्दी आता था।

सब कुछ ऐसे ही चल रहा था.

यंग बॉय गे पोर्न कहानी यहाँ शुरू होती है.

लेकिन साहिल समीर को जब भी देखता तो वो सब भूल जाता.
क्योंकि समीर का आकर्षक शरीर उसे काफी पसंद था. वो पढ़ाई के दौरान कई बार समीर को छूता.

यदि समीर बाथरूम जाता तो वो भी चुपके से उसके पीछे पीछे चला जाता और उसे सुसु करते देखने की कोशिश करता. कभी कामयाब होता, कभी नहीं भी!
जब समीर सुसु करके लौटता तो साहिल जल्दी से वापस आकर पढ़ने बैठ जाता।

लेकिन अब समीर भी इस बात को नोटिस करने लगा था।

कुछ दिन तो ऐसे चला पर अब समीर समझ चुका था कि साहिल को पढ़ाई से ज्यादा समीर में इंटरेस्ट है।

समीर भी अब साहिल को पाने की चाहत में लग गया था क्योंकि साहिल बहुत खूबसूरत था लड़की भी उसके आगे पानी भरे!
तो अब समीर भी कोशिश में था के कैसे भी वो एक बार साहिल को चख सके।

और फिर एक दिन समीर साहिल को पढ़ने जब उसके घर आया तो साहिल गंजी और शॉर्ट्स में था.
उसका गोरा बदन देख समीर और भी दंग हो गया था. अब उसने मन में सोच लिया के आज इसे चख के ही जाऊंगा.

थोड़ी देर पढ़ाने के बाद समीर साहिल से बोला- साहिल, तू मैथ सॉल्व कर, मैं सुसु करके आता हूं.
समीर जानता था कि पीछे से साहिल भी आएगा.
इसलिए उसने बाथरूम का दरवाजा पूरा खुला छोड़ दिया था और ऐसे खड़ा होकर मूत रहा था जिससे उसका लन्ड जो खड़े होने को तैयार था, वो साहिल को साफ दिखे और सुसु की तेज निकलती धार भी वो देख सके.

साहिल पीछे से छुप कर देखने लगा.
आज उसने समीर के लन्ड को पूरा देखा था जैसा समीर चाहता था.

समीर भी सुसु खत्म होने के बाद भी लन्ड को हिला रहा था कभी दूसरे हाथ पर मार रहा था.
साहिल यह देख कर उत्तेजित था कि आज तो उसकी मुराद पूरी हो गई थी.

अब समीर ने अपना लन्ड अपने पैंट में डाला, जिप लगाई और हाथ धोने लगा.
साहिल भी जल्दी से वापस अपनी कुर्सी पर आकर बैठ गया और पढ़ने लगा।

समीर अब साहिल के पास था और वो पढ़ा कम, अपने लन्ड को पैंट के ऊपर से सहला ज्यादा रहा था.
और साहिल ये सब चोर नजर से देख रहा था और समीर ऐसा जानबूझकर कर रहा था।

थोड़ी देर बाद समीर ने कहा- साहिल यार, मैं परेशान हो गया हूं.
साहिल- परेशान … परेशान क्यूं?
समीर- यार, आज मेरा छोटा भाई बार बार जाग जा रहा है.

साहिल- क्या भैया, आपका कोई भाई थोड़े है? और कौन सा भाई आ गया है जो बार बार जाग जा रहा है मैं भी तो मिलूं उससे? क्योंकि आज तक तो हम दोनों के घर मेहमान के नाम पर मेरे पापा के दोस्त और आपके घर पर शर्मा आंटी के अलावा तो कोई आता नहीं.

समीर- तुझे देखना है उसे?
साहिल- हां, क्यूं नहीं!

समीर यही तो चाहता था.
उसने साहिल का हाथ पकड़ा और अपने खड़े लन्ड पर रख दिया.

साहिल को जैसे झटका लगा, उसने हाथ पीछे खींच लिया और बोला- क्या भाई आप भी … ऐसे कोई करता है क्या?
समीर बोला- अरे यही तो है मेरा भाई! अच्छा रुक, अब देख भी ले तू इसे!

इतना कह कर समीर ने अपनी पैंट का बटन और जिप खोल कर चड्डी नीचे सरकाई.
और उसका 7 इंच का लंबा लन्ड साहिल के सामने निकाल दिया।

साहिल देख कर खुश था पर वो नाटक करते हुए बोला- समीर भाई, ये … एएए … क्या कर रहे हो? छी … शर्म नहीं आती, मेरे सामने नंगू पंगु हो रहे हो?
समीर हंसते हुए और साहिल के नजदीक आ गया और बोला- साहिल मेरी जान, मुझे सब पता है कि तुझे मेरा लन्ड कितना पसंद है. तू जो रोज मुझे सुसु करते हुए बाथरूम में देखता है वो सब पता है. तो आज तेरे सामने मैं भी हूँ और मेरा भाई भी … तो करो मजे!

इतना बोल कर समीर ने साहिल का हाथ पकड़ा और अपने लन्ड को उसमें थमा दिया।
साहिल समझ गया था कि अब समीर को सब मालूम है और उसका क्या होने वाला है।

साहिल समीर का लन्ड सहला रहा था.
कभी वो हाथ से आगे पीछे करता, कभी अपनी मुठ्ठी में कस कर जकड़ता.

उसकी इन हरकतों से समीर के मुंह से आह निकल रही थी.

थोड़ी देर ये सब चलता रहा.

फिर समीर बोला- साहिल अब इसका अगला स्टेप कर!
साहिल- अगला स्टेप? मतलब?
समीर- अब इसे अपनी जीभ से सहला अपने मुंह में ले!
साहिल- छी ई ई … मैंने आज तक ऐसा कुछ नहीं किया और नहीं सोचा है!

समीर- अभी से पहले तूने कभी मेरा लन्ड छुआ था?
साहिल- नहीं!
समीर- तो आज कर रहा है ना? मजा आ रहा ना?
साहिल- हम्म …
समीर- तो उसमें भी मजा आयेगा।

साहिल- पर उसमें तो आपको मजा आयेगा ना! मुझे कैसे?
समीर बोला- तू चूस तो सही … तुझे भी मजा आयेगा!

साहिल समीर की बात मान गया और उसके लन्ड पर अपनी जीभ फेरने लगा.
समीर का गुलाबी लन्ड का टोपा साहिल की जीभ से लगने के बाद और फूल कर लाल हो रहा था.
उसको पूरी मस्ती चढ़ रही थी और साहिल भी मस्त चूस रहा था.

अब साहिल चूस कम रहा था, समीर खुद उसके मुंह को चोदने लगा था.
समीर का 7 इंच का लन्ड साहिल के हलक तक जाता तो साहिल परेशान हो जाता … पर समीर को कोई फ़र्क नहीं पड़ रहा था।

कुछ देर बाद समीर ने साहिल को गोद में उठाया और बेडरूम में ले जाकर उसे बेड पर पटक कर उल्टा कर दिया और समीर साहिल की छोटी सी गांड की छेद को चाटने लगा.
अब साहिल को बहुत मजा आ रहा था.

कभी समीर उसकी गांड को चाटता तो कभी अपनी जीभ साहिल की छेद में डालता.
और इससे साहिल के मुंह से सिसकारियां निकल जाती.

समीर ने साहिल की गांड को चाट कर इतना गीला कर दिया था कि समीर उसकी गांड में उंगली भी डालता तो साहिल को मजा आ रहा था।
पर साहिल को अब जो मजा मिलना था उसके बारे में तो उसने सोचा भी नहीं था।

समीर पास पड़ी नारियल तेल की डिब्बी उठाई और अपने लन्ड पर डालना शुरू किया.
फिर तेल की कुछ बूंदें साहिल की गांड के छेद पर डाली और उंगली से तेल को अंदर पहुंचाने लगा।

साहिल लगातार सिसकारियां भरे जा रहा था.

समीर ने तेल की कुछ बूंदें साहिल की गोल गोल और गोरी गोरी चूतड़ों पर डाली और अपने लन्ड से चारों तरफ फैलाने लगा.

और फैलाते हुए उसने मौका देख कर लन्ड साहिल की गांड में डाल दिया.
अभी टोपा का ऊपरी हिस्सा ही गाया था.

साहिल दर्द से चीख पड़ा- आ …. अअआ अअआ!
और उसने अपनी कमर उचकायी तो समीर का लन्ड भी फिसल कर बाहर आ गया.

समीर ने साहिल को कस कर पकड़ा और बोला- मादरचोद रण्डी साला … जब नहीं चोद रहा था तो रोज मेरे लन्ड को निहारता था. तो आज भोंसड़ी के नखरे कर रहा है! शांति से मजे ले और मजे दे. नहीं तो इतनी जोर से डालूंगा कि गांड का भोसड़ा बनेगा ही … चलना भी मुश्किल हो जायेगा. समझा?

साहिल गिड़गिड़ाते हुए बोला- समीर भाई, सब कुछ कर लो, अंदर मत डालो. बहुत दर्द हो रहा है. मैं हाथ जोड़ता हूं।

पर समीर पर तो सेक्स का भूत चढ़ गया था वो कहाँ रोने और गिड़गिड़ाने पर ध्यान देता, वो गाली देते हुए बोला- सुन मादरचोद, मेरी बात मान और मेरी रण्डी बन जा! तेरी भी ऐश होगी और मेरी भी. और तू माने या ना माने … आज तो तुझे चोदूंगा ही … फिर चाहे तेरा कुछ भी हो. प्यार से दिया तो ठीक नहीं दिया तो जबरदस्ती!

साहिल समझ गया कि अब कुछ नहीं हो सकता … या तो साथ दूँ या वो खुद से ले ले!
तो साहिल ने थोड़ा तेल अपनी गांड में खुद से डाला और थोड़ा समीर के लन्ड पर डाल कर उसकी मालिश करने लगा.

लन्ड पर तेल लगाने के बाद लन्ड और चमक रहा था।

समीर ने फिर से साहिल को उल्टा किया और उसके छेद पर थूका और लन्ड को अंदर डालने लगा.
साहिल फिर दर्द से बेचैन हो गया.
पर वो इस बार समीर की पकड़ से छूट नहीं पाया और दूसरे झटके में समीर ने अपना पूरा टोपा साहिल की गान्ड में गाड़ दिया.

साहिल चीखने लगा.
पर कोई फायदा नहीं था.
समीर के आगे उसकी एक भी नहीं चली.

थोड़ा रुक कर समीर ने एक झटका और मारा.
अब साहिल की गांड में समीर का पूरा लन्ड घुस गया था.
साहिल की चीख तक दर्द से बंद हो गई थी.

समीर को मालूम था कि दर्द ज्यादा हो रहा है इसलिए वो थोड़ा रुका और उसी हालत में अपने लन्ड पर और तेल डालने लगा.
लन्ड के साथ तेल साहिल की गांड में भी जा रहा था.

तब समीर अपनी कमर थोड़ी थोड़ी चलाने लगा.
साहिल को भी अब आराम लगने लगा.
थोड़ी देर बाद साहिल भी गांड चुदाई का मजा लेने लगा.

समीर के झटके से बेड हिलने लगा था.
पूरा रूम बेड की चरमराहट और साहिल समीर की मस्ती की सिसकारियों से गूंज रहा था।

समीर कभी उसे उल्टा करके चोदता, कभी सामने से टांग उठा कर डालता.
कभी कुत्ता बना कर चोदता.

और हर झटके के साथ समीर साहिल को गंदी देता.

अब साहिल को भी उसकी गाली में मजा आ रहा था.
वो भी बोलता- चोद और चोद समीर मादरचोद … बहुत सपने देखे इसके मैंने … फाड़ मेरी गांड को … दिखा अपना दम! मैं भी देखू जिम से तू कितना ताकत लाया है!

समीर भी बोलता- हां, देख मेरी रण्डी … मेरे में कितना ताकत है. तेरे इतने से छेद को आज 3 इंच खोला है, अगली बार 6 इंच खोलूंगा. फिर तेरी गांड में हाथ डाल कर वेट लिफ्टिंग करूंगा. देख लेना तू!
साहिल बोला- मुझे भी उस दिन का इंतजार रहेगा भोसड़ी के!

चुदाई का खेल अब चरम पर पहुंचने लगा था.
समीर ने साहिल का लन्ड हिलाना शुरू कर दिया और साहिल थोड़ी देर में झड़ गया.
उसका पूरा माल उसके पेट और सीने पर उछल कर गिर गया.

समीर भी अब झड़ने वाला था, उसने झट से अपना लन्ड निकाला और साहिल के मुंह डाल दिया.
और उसने साहिल के मुंह में अपने लन्ड का पूरा रस भर दिया.

समीर बोला- पी जा इसे रण्डी, मेरी तरह तू भी ताकतवर हो जायेगा.
साहिल भी पूरा रस पी गया.

समीर ने भी उसका पूरा शरीर चाट कर साफ कर दिया.
दोनों थोड़ी देर नंगे लेटे रहे.

तभी घड़ी ने शाम 6 बजे का अलार्म बजा दिया.
समीर हड़बड़ा कर उठा और बोला- जल्दी कपड़े पहन, तेरे पापा के आने का टाइम हो गया.

फिर दोनों ने जल्दी से कपड़े पहने और समीर साहिल को एक लंबा लिप किस किया और अपने घर चला गया।

तो दोस्तो, मेरी यंग बॉय गे पोर्न कहानी आपको कैसी लगी?
मुझे जरूर बताएं.
धन्यवाद.

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