I wasn’t ready for what happened next… but once it started, there was no turning back.
मेरा नाम पिंकी है और मैं एक कॉलेज स्टूडेंट हु. मैं बहुत ही सुंदर हु और अत्त्रेक्टिव हु. ये मेरी पहली स्टोरी है, पर आखिरी नहीं. मेरे पास आपको सुनाने के लिए बहुत स्टोरी है, क्योंकि मैं एक सेक्स गोडस हु, “आई लव सेक्स”. मेरे ये मानना है, कि अगर लड़की चाहे तो कुछ भी कर सकती है और करवा सकती है. मेरी ऐज २० साल है और फिगर है ३४-३०-३४, रंग गोरा, काले बाल. तो अब मैं आपको ज्यादा बोर ना करते हुए, सीधी स्टोरी पर आती हु. ये बात २ साल पहले की है, जब गर्मियों की छुट्टिया पड़ी थी. मुझे मेरे घर वालो के साथ गोवा जाने का मौका मिला. मेरे घर में मेरे अलावा, मेरे माँ – डेड और मेरा छोटा भाई है. गोवा में मेरे मामा जी रहते है. मेरे मामा के २ लड़के और एक लड़की है. लडकी नेहा १६ साल की है और बड़ा लड़का विजय २४ साल का और छोटा दीपक मेरी ही ऐज का है. दोस्तों, मैं सेक्स की बहुत बड़ी भुक्कड़ हु और एक बड़े सिटी से हु. तो सेक्स का सब जानती हु. गोवा जाकर भी मैं सेक्स के लिए उतावली होने लगी और कुछ ढूंढने लगी. फिर मुझे दीपक के कंप्यूटर का पासवर्ड पता चल गया.
वो एकदिन बाहर गया हुआ था. तो मैंने उसका सिस्टम खोला और सर्फिंग करने लगी. मुझे उसमे एक फोल्डर मिला. उसका नाम कुछ स्पेशल था. जब मैंने वो फोल्डर ओपन किया, तो उसने बहुत सी न्यूड फोटो और विडियो थी. तभी मैंने सोचा, कि दीपक को फसाना आसान रहेगा और हाँ मामा जी का घर बहुत छोटा है. जब रात को हम सोने जाने लगे डिनर करके, पर जगह कम थी. तभी मामी मेरे पास आई और बोली – तुम और दीपक एक साथ एक ही रूम में सो जायो. मैं तो बहुत ही खुश हो गयी थी. हमारे पास बेड नहीं था. एक मेट्रेस को जमीन पर बिछाया हुआ था सोने के लिए. नेहा को पता नहीं क्या सूझी, वो छत पर चली गयी. शायद बॉयफ्रेंड से बात करनी थी उसको या कुछ और काम. मैं और दीपक बातें करने लगे लेट कर. वो सिर्फ अंडरवियर में सोता था, गर्मी का मौसम जो था. कूलर या एसी नहीं था. हम बात कर रहे थे और बातें करते – करते हम पर्सनल बातो पर आ गये. दीपक बोली – रानी मुझे नीद नहीं आती रात में. तो मैंने कहा – रात में कुछ गड़बड़ मत करना और मैं हंस पड़ी. उसने कहा – गड़बड़ क्यों? ऐसा कुछ नहीं होगा, घबरा मत. मैं बिस्तर पर लेट गयी और उनसे अपनी शर्ट उतारी, पेंट उतारी, बनियान उतारी और सिर्फ अंडरवियर में आ गया. वोइलेट कलर का अंडरवियर था. आगे से काफी फुला – फुला था और देखने से पता चल रहा था कि उसकी लंड बहुत बड़ा होगा.
दीपक एकदम दुबला पतला था, गोरा – चिट्टा था, गुलाबी होठ, दीखता बहुत सुंदर है. दीपक ने लाइट बुझाई और मेरे बगल में सो गया. फिर उसने मुझे कहा – पिंकी मेरे सिर पर थोड़ा हाथ फेर दो नीद नहीं आ रही है. मैं उसके सिर पर हाथ फेरना शुरू किया. पिंकी तुम कितनी अच्छी हो, मैं तो तुम पर फ़िदा हु. बहुत प्यार करता हु. मानो मेरी बात. फिर उसने कहा – याद है, मैंने तुम्हे क्लास सिक्स में रहते हुए, अपना लंड दिखाया था और कैसे कैसे तुम उसको हाथ लगाने के लिए कह रही थी. मैंने शरमा कर कहा – हाँ ठीक है. अब सो जाओ. पर मैं मन ही मन खुश हो रही थी, कि मैं तो सिर पर हाथ फेर ही रही थी. उसने कहा – एक बार प्लीज लंड देखो ना. उस दिन के बाद मुझे बहुत अफ़सोस हुआ. तुम किस तरह जिद कर रही थी और मैंने मना कर दिया था. आज मुझे माफ़ कर दो. ये देखो अच्छे से. जितना मर्ज़ी हो उतना देखो. पिंकी प्लीज देखो ना. कैसे खड़ा है. उसने अपने लंड को अंडरवियर से बाहर निकाला और मेरे ब्त्ट्स से लगा दिया. देखो पिंकी देखो, कैसे रेड हॉट रॉड हुआ पड़ा है, देखो ना प्लीज. मुझे से अब रहा नहीं गया और मैं तुरंत उसकी तरफ करवट बदल कर उसके लंड को पकड़ ली. पिन्क्कक्क्क्क आआआआआअ आआआआआअह्हह्हह्हह्हह्हह.. इस से खेलो ना. इससे मज़े लूऊऊऊऊओ.. बहुत प्यासा है ये.. उसे तुम्हारा प्यार चाहिए.. इसे प्लीज प्यार करो ना…
मैं लंड को मुठ्ठी में लेकर खेल रही थी. सूपड़ा खुला हुआ था, वो पूरा गीला हो चूका था. दीपक ने कहा – रानी इसे मुह में ले लो एक बार. मैं भी तुम्हारी चूत में मजे करूँगा. तुम नाइटी उतारो. फिर उसने मेरी नाइटी उतारी, पेंटी उतारी और मेरी चूत पर किस किया. जीभ चूत के सुराख़ पर डाल और अन्दर घुसा के खेलने लगा. उसने कहा – मेरा लंड में कुछ हलचल करो ना. मुह में लो.. चाटो.. चुसो.. मैं लंड को किस करने लगी. फिर मैंने सुपाडे पर जीभ लगायी आआआआआअह्हह्हह्हह्हह्हह आआआआआआआआआअ अह्ह्हह्ह्ह्हह्ह पिंकी.. इसे मुह में लेकर चुसो. मैं अब कमहोल में जीभ लगायी, तो उसने लंड को मेरे मुह में घुसा दिया और कहने लगा – इसे चुसो. मज़ा आएगा. मैं भी तुम्हारी चूत की क्लिट को चाटता हु. आधे घंटे में दोनों झड़ गए. उसने मेरे मुह में पिचकारी मार दी और गरम – गरम तरल गाढ़ा दूध पूरा का पूरा मैं निगल गयी. फिर हम २ बजे तक सो गए और करीब १ घंटे बाद, मैंने महसूस किया कि मेरे बूब्स पर दीपक हाथ फेर रहा है, दबा रहा है, मसल रहा है. नाइटी के बटन खोल रहा है.
मैं ऐसे एक्टिंग करने लगी, कि मुझे कुछ पता नहीं चल रहा है और मैं गहरी नीद में हु. फिर उसने अपने लंड के मोटे सुपाडे को मेरी चूत पर लगाया और झटके देने लगा. आआअगग गगागागाग आअहहहहह दीपक धीरे.. ऐसे थोड़ी करते है. बहुत दर्द हो रहा है.
दीपक – पिंकी, सब्र करो थोड़ा. बहुत मज़ा आ रहा है. काफी मशक्कत के बाद लंड अन्दर चले गया है.
लेकिन मेरी सील टूट गयी थी, ब्लीडिंग भी होने लगी. मैं दर्द से चिल्ला रही थी. दीपक प्लीज बहुत दर्द हो रहा है. दीपक ने कहा – बस दो मिनट में मेरा माल निकलने वाला है. चुदाई पूरी होने दो. २ मिनट में पूरा माल मेरी चूत में गिर गया. एंड पॉइंट में उसकी चुदाई की रफ़्तार तेज होने लगी थी और उसने वाइल्ड सेक्स करते हुए, अपना पूरा माल मेरी चूत में डाल दिया. अगले दिन, दीपक ने मुझे पिल दी और कहा – आज के बाद अनसेफ नहीं करेंगे जानू. अपना ख्याल रखना. मैंने कहा – ओके. इस तरह हम एक वीक तक उनके यहाँ रहे और मैंने दीपक के साथ मस्त चुदाई का मज़ा लिया.
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