सेक्सी लड़की से दोस्ती करके होटल में चोदा

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I wasn’t ready for what happened next… but once it started, there was no turning back.

हॉट बेब पोर्न स्टोरी में पढ़ें कि एक लड़की को मेरे बुलेट की आवाज इतनी पसंद आई कि वह मेरी दोस्त बन गयी. हम मिलने लगे और एक दिन मैंने उसे होटल के कमरे में चोदा.

नमस्कार दोस्तो, मेरा नाम अवतार सिंह है. मैं गुजरात के भरूच जिले में रहता हूं.

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मैं एक पंजाबी लड़का हूँ मेरी हाईट 5’10” और लिंग 6 इंच लम्बा है. पर्सनालिटी पंजाबी लड़के की आप समझ ही सकते हो.
अन्तर्वासना पर यह मेरी पहली कहानी है और यह एक सत्य कथा है.

What happened next changed everything…

पंजाबियों को हमेशा बुलेट बाइक काफी पसंद आती है. उनमें से मैं भी हूं और मेरे पास भी बुलेट है.
इस कहानी में एक लड़की, जो मुझे मेरे बुलेट के अच्छी और ज्यादा आवाज के साइलेंसर की वजह से मिली, उसका नाम दीपाली है.
वह यहीं भरूच में अपने परिवार के साथ रहती है.

उसकी उम्र लगभग 22 से 23 साल की होगी.
फिगर उसका 34 32 36 है और थोड़ी बॉडी फैट है. वह सांवली है पर चलने का स्टाइल, जैसे वह गांड मटका कर चलती है, सबसे हटके है.

यह बात आज से एक साल पहले की है.

मैं एक दिन अपनी बुलेट से ऑफिस जा रहा था.
तभी रेड लाइट सिग्नल पर बुलेट पर एक भाई बहन आए और मुझे आगे गाड़ी रोकने को कहा.

जब मैंने साइड में गाड़ी रोकी तो लड़के ने मेरे से पूछा- आप ये साइलेंसर कहाँ से लाए हो? मुझे बहुत पसंद आया.
मेरे बाइक का साइलेंसर बहुत अच्छी आवाज करता है तो उसने मेरे से पूछ लिया.

तो मैंने उसे बताया कि यह पंजाब से में लेकर आया हूँ.
तभी उसकी बहन ने बोला- प्लीज़ हमें भी ऐसा साइलेंसर मंगवा कर दो.

ऐसे उस जवान लड़की ने दो तीन बार रिक्वेस्ट की.
तो उनकी रिक्वेस्ट के कारण मैंने हाँ बोल दिया और उनसे मैंने कहा- 1 हफ्ते में मंगवा कर देता हूँ.
मैंने उस लड़के से उसका नम्बर ले लिया और घर का पता भी सरसरी पूछ लिया.

तभी उस लड़की ने मेरा नंबर मांगा और मैं नंबर देकर वहाँ से निकल गया।
फिर 2 दिन बाद मैं हमारे ऑफिस के गेस्ट हाउस गया।

जब मैं गेस्ट हाउस से अपने घर के तरफ निकला तो गेस्टहाउस की गली में पहला घर उसका ही था.
तो उसने मेरी तरफ देखा और थोड़ी स्माइल की.

पर मैं इग्नोर कर के वहाँ से निकल गया।

तब उसका रात में मुझे व्हाट्सएप पे मेसेज आया तो मैंने उससे पूछा- आप कौन हो?
तो उसने बताया- मैं वही लड़की हूँ जिसने आपसे बुलेट का साइलेंसर मंगवाया है.

और उसने बताया कि आपको मैंने मेरे घर के पास से जाने के समय देखा था. तब आप इग्नोर करके वहाँ से चले गए थे.
तभी मैंने उसे कहा- मैंने आपको तब पहचाना नहीं था. और उस दिन जब मिले थे तो आपने मुंह पर मास्क पहन रखा था इसलिए मैं पहचान नहीं पाया.

तब उस हॉट बेब ने अपना नाम दीपाली बताया और ऐसे ही हमारी नार्मल बात हुई.
मैंने उसे बताया- मेरे ऑफिस का गेस्ट हाउस आप ही की गली में है.

फिर थोड़े दिन बाद उसका साइलेंसर आ गया और मैंने उसे कहा- अपने भाई को बोलो कि साइलेंसर आ गया है. एक मकेनिक मेरे पहचान का है, वहाँ से बुलेट में साइलेंसर लगवा ले.

उन्होंने साइलेंसर लगवा लिया, दोनों भाई बहन को वो साइलेंसर बहुत ज्यादा पसंद आया।

इसी तरह हमारी मेसेज पर बात होती थी.
उसने बताया कि उसको बुलेट पर घूमना पसंद है

और बातों ही बातों में उसने बताया कि मेरी फेमिली में सब फ्रैंक रहते हैं.
मैं कभी कुछ काम से गेस्ट हाउस की तरफ जाता तो उससे उसके घर के बाहर अक्सर मुलाकात हो जाती थी. वह खड़ी होकर बात करने लगती थी.
मुझे भी उससे बात करने में अच्छा लगता था.

26 जनवरी के दिन सभी रॉयल एनफील्ड वाले एक रेली निकालते हैं.
तो उसमें मैंने उसे मेरे साथ चलने को कहा.
वह मेरे साथ चलने को मान गई.

रेली में कोई 22 किलोमीटर तक राइड हुई थी.
और इस बीच वह मेरे से बहुत चिपक कर बैठी थी जिससे उसके बूब्स मुझसे टच हो रहे थे.
उसे भी बहुत मजा आया.

उस दिन के बाद हम और भी ज्यादा क्लोज हो गए, हम रोज बात किया करते और दिन में एक बार मिल लेते थे.

ऐसे ही हमारे बीच में चलता रहा.
फिर एक दिन मुझे पता नहीं क्या हुआ कि मैंने रात को गेस्टहाउस से निकलने के समय उसे कॉल किया और आइसक्रीम खाने चलने को कहा.
उसने भी हाँ बोल दिया और साथ में आ गई.

आइसक्रीम खाकर मैंने उसे घर पर छोड़ने के समय घर से थोड़ा पहले गाड़ी रोक कर एक किस कर ली.
इससे वह मेरे से नाराज होकर घर चली गई.

उसके बाद मैंने उसे बहुत फोन किए पर वो मेरे फोन का कोई जवाब नहीं देती थी.

ऐसे ही 2 दिन निकल गए.
फिर एक दिन में उसके घर उसके भाई से मिलने गया.

वहाँ पर वह भी थी.
उसको इशारों में मैंने कान पकड़ कर सॉरी बोला.
फिर उसके भाई से थोड़ी बात कर के निकल गया।

शनिवार के दिन हमारे गेस्ट हाउस पर रात को ऑफिस के लोगों ने पीने खाने का प्रोग्राम किया.
उस बीच रात के 1:30 बज गए और मैंने उसको उस दिन एक भी सॉरी या गुड मॉर्निंग का मेसेज नहीं किया.

जब रात को मैं लेट घर के लिए निकला तब उसका फोन आया.
तो मैं थोड़ा नशे में था. मुझे पता ही नहीं लगा तो मैंने फोन रिसीव नहीं किया.
आपको मैंने पहले ही बताया था मेरे बुलेट की आवाज बहुत ज्यादा है.

सुबह को मैंने देखा तो दीपाली के 17 मिस कॉल थे.
मैंने इग्नोर किया और फ्रेश होकर गेस्ट हाउस देखने चला गया.

और दीपाली मेरी बुलेट की आवाज सुनकर मेरे गेस्ट हाउस की तरफ आ गई.
उसके बाद वो मेरे से गुस्से में बात करने लगी और गालियां देते देते रोने लगी और गले लगा लिया.

फिर उसने पूछा- तू रात को क्यों नहीं आया? तुझे आने के कितने मैसेज किए थे.
तभी उसका फायदा उठाकर मैं बोला- रात को मैंने ड्रिंक की हुई थी. मैं आता और फिर उस दिन की तरह कुछ गलत करता.

इस पर उसने बोला- उस दिन की और कल रात की बात अलग थी।

यह सब सोच कर मैंने उसे किस करने की सोची.
मैं उसको उसके सिर पर किस करके जैसे ही हटा तो उसने सामने से लिप्स किस करना चाहा.

इसके बाद हम दोनों ने 15 मिनट तक सिर्फ किस की.
उसके बाद गले मिल कर उसे जाने को कहा.
शाम को गेस्ट हाउस में मिलने को बोला.
फिर एक बार किस किया और चले गए।

तब से हमारी मेसेज में ओपन एडल्ट बातें होने लगी.

मैंने भी उससे पूछ लिया- अब किस के आगे भी कुछ करेंगे या किस तक ही सीमित रहेगा?
इस पर उसने कोई जवाब नहीं दिया.

फिर रात में लेट से उसका मेसेज आया- दो दिन बाद मुझे पासपोर्ट के लिए जाना है. भाई तो मना कर रहा है. तुम चलो. मैं घर पर मेरी फ्रेंड के साथ जाने का बोल कर आपके साथ चलूंगी.
तो मैंने उसे हाँ बोल दिया.

भरूच से वडोदरा 2 घंटे का रास्ता है. मैंने उसे बाइक पर चलने को कहा.
और मैंने उसे कहा- अगर अपन वडोदरा एक दिन पहले शाम के समय चलें तो? वहाँ मुझे थोड़ा ऑफिस का काम है. मैं काम भी पूरा कर लूंगा.
मैंने बहाना बनाया क्योंकि मुझे इसे चोदने का मौका इससे अच्छा नहीं मिलेगा।

पहले तो उसने मना किया फिर मेरे बार बार बोलने पर मान गई.
फिर उसने रात को रुकने का पूछा तो मैंने बोल दिया- वो सब मैं मैनेज कर लूंगा।

एक दिन छोड़ कर शाम को हम बाइक पर निकल गए।

वडोदरा पहुंच कर मैंने ओयो से होटल बुक कर लिया था.

वहाँ जाकर हम फ्रेश हुए और मैं ऑफिस का काम का बोल कर बीयर का इंतजाम करने निकल गया ताकि उसे लगे कि मैं सच में काम से गया हूँ.

करीब 1 घंटे से भी ‌‌ज्यादा समय बाद मैं आया.

हम दोनों ने साथ में मिल कर बीयर पी. रूम में ही खाना मंगवा कर खाया.

और उसके बाद कपड़े चेंज करके एक ही बेड पर साथ में बैठ कर बातें करने लगे.

बातों ही बातों में मैं उसके टीशर्ट के पीछे से हाथ डाल कर घुमाने लगा.
उस पर वो कुछ नहीं बोली तो मैंने ब्रा का हुक खोल दिया और उसकी सफेद रंग की ब्रा को ऊपर कर के बूब्स को दबाने लगा.

इससे वह गर्म होकर मुझे किस करने लगी.

कोई 5 मिनट तक किस करने के बाद मैंने उसे लेटा दिया और टीशर्ट और ब्रा को उतार दिया और उसके बूब्स को जोर जोर से दबाने लगा, उसे लिप किस करने लगा.
जिससे वह बहुत उत्तेजित हो रही थी।

10 मिनट तक मैं उसे किस करता रहा.
बाद में थोड़ा अलग होने के बाद मैंने उसके लोवर में हाथ डाला तो उसने अंदर पेन्टी नहीं पहनी थी.
मेरे पूछने पर बताया- तुमसे ज्यादा मुझे सेक्स की जल्दी है।

मेरी तो लाटरी लग गयी.
मैंने उसके लोवर को उतारा और उसकी चूत पर हाथ घुमाने लगा, चूत के दाने को दबाने लगा.
प्यार भरी आह की सिसकारी लेकर दीपाली मेरी पैन्ट के ऊपर से लन्ड पे हाथ घुमाने लगी.
थोड़ी देर बाद में उसने लन्ड को पैन्ट से बाहर निकाल कर हिलाया.

मैं भी उसे और उत्तेजित करने के लिए उसकी गोरी चिकनी चूत को चाटने लगा. दाने को जीभ से जोर जोर से दबाने लगा.
अपनी एक उंगली मैंने उसके मुंह में डाल दी.
उसे वह लॉलीपॉप की तरह चाटने चूसने लगी. लगता था कि यह हॉट बेब पोर्न खूब देखती होगी.

वह आह … हम्म्म … की सिसकारी निकालने लगी।

बाद में हम 69 की पोजिशन में आ गए और वो मेरा लन्ड बहुत ही उत्तेजित होकर चूस चाट रही थी जैसे उसका बहुत मन हो चाटने का!

दस मिनट इसी तरह चूत और लन्ड चटाई के बाद दीपाली से रहा नहीं गया, वह बोलने लगी- अवि, प्लीज चूत में लन्ड डालो!

फिर दीपाली को मैंने कॉन्डम चढ़ाने को बोला.
उसने मेरा लंड पकड़ कर उस पर कंडोम चढ़ा दिया.

तब मैंने उसकी चूत में हल्के से लन्ड के टोपे को रखा और जोर से दिया.
जिससे आधा लन्ड अंदर चला गया.
मेरा लन्ड छह इंच लंबा तो है पर मोटा भी बहुत है जिससे अच्छे अच्छे भाभियों, आंटी की चीख निकल जाए.

दीपाली की चीख निकल गई थी.

मैंने उसकी चूत पर उंगली घुमाई और एक उंगली उसके मुंह में देकर रूक गया।
फिर ऐसे ही थोड़ी देर रुक कर एक और धक्का लगाया तो लन्ड अंदर चला गया।

इससे दीपाली को बहुत ज्यादा दर्द होने लगा, वह बोलने लगी- अवि, प्लीज निकाल लो!
पर मैंने एक भी नहीं सुनी और 2 – 4 बार अंदर बाहर कर के रूक गया.

आधे मिनट बाद उसका दर्द कम हुआ.
फिर मैंने उसे चोदना चालू किया.
वह आह्ह … की सिसकारी भरने लगी और उसने अपने पैरों को टाइट कर दिया जिससे वह और सिसकारियां भरने लगी- ओह यस आह … आह!

3-4 मिनट चोदने से ही वह एक बार झड़ गई जिससे चूत और चिकनी हो गई और मेरे तेज शॉट से फट फट आवाज आने लग गई।

फिर मैं उसके दोनों पैर कन्धे पर रख कर चोदता रहा और वह आ आह … की सिसकारी भर कर बोल रही थी- जोर जोर से चोद … चोद दे मुझे!
तभी मैंने पोजिशन चेंज करके उसे अपने ऊपर आने को कहा जिससे में उसके दोनों दूध मुंह में ले सकूं.

पर उसे मजा आ रहा था तो लेटा के ही मैं उसकी चूत मारता रहा।

दीपाली की चिकनी चूत की वजह से उसे लन्ड अंदर बाहर करने में बहुत मजा आ रहा था.
मैं उसके दोनों बूब्स को जोर जोर से दबा रहा था और मुंह में लेकर चूस रहा था.
वह आह … आह … सिसकारियां लेती हुई जोर जोर से धक्के से मेरा साथ देने लगी.

और 12 से 15 मिनट की चूदाई करके मेरा पानी निकल गया।

उसने मुझे 5 मिनट तक अपने ऊपर ही रखा.
फिर वह उठ कर फ्रेश होने चली गई.

मैंने टाइम देखा. तब ग्यारह ही बजे थे.

उसके बाद दीपाली फ्रेश होकर सिर्फ पेंटी पहन कर मुझे किस करके मेरे से लिपट गई और बोलने लगी- थोड़ी देर बात करते हैं, आराम करके बाद में प्यार करेंगे।

फिर ऐसे ही रात के 3 बजे मेरी आंख खुली तो मैंने देखा कि दीपाली मेरी चड्डी में हाथ डाल कर सो रही है.

मैंने हाथ बाहर निकाला और उसके बूब्स को प्यार से पीने लगा, हल्के हल्के से उसके निप्पल को काटने दबाने लगा.
उसकी नाभि में जीभ से चाट रहा था.

ऐसे ही नींद में उसके पैर फैला कर चूतड़ को और पेन्टी के ऊपर से चूमा, चाटा.

फिर मैंने दीपाली की पेंटी उतार दी और उसकी चूत में जीभ से अंदर बाहर किया.
चूत के दाने को हाथ से पकड़ कर दबाया, चाटा.

इससे वह अपने पैरों को टाइट करने लगी और अपनी चूत को ऊपर उठाने लगी.

ऐसे ही पांच मिनट जोर जोर से चूत को चाटा, उंगली की. जिससे वह आह्ह … आह्ह की सिसकारी निकालने लगी और हाथों से मेरे मुंह को चूत पर दबाने लगी जिससे उसको मजा आए।

फिर वो खड़ी हुई और उसने मेरे लन्ड को टाइट पकड़ कर हिलाया.
बाद में उसने नीचे बैठ कर लन्ड को मुंह में लेकर जोर जोर से चूसा, लन्ड के सुपारे को थूक लगा कर चाटा, पूरा मुंह में आगे पीछे करने लगी जैसे लन्ड को खा जाएगी.

5 मिनट तक लन्ड को चूस कर उसने एकदम लाल और टाइट कर दिया।

फिर मैंने जब कॉन्डम निकाला लगाने के लिए तो दीपाली ने मना कर दिया, कहा- कॉन्डम के बिना मेरी चूत की चुदाई करो।
तो मैंने उसे वैसे ही दीवार की तरफ खड़ा करके उसका एक पैर ऊपर किया और अपना लन्ड चूत पर रख कर थोड़ा चूत पर घिसा जिससे उसे थोड़ा मजा आए.

फिर एक ही झटके में मैंने पूरा लंड अंदर डाल दिया.
दीपाली की दर्द भरी आवाज तो निकली पर उस आवाज में प्यार था।

मैं ऐसे ही धीरे धीरे शॉट मारता रहां और उसके बूब्स को चूसने लगा.

उसकी चूत थोड़ी और चिकनी होने के बाद मैंने उसे गोद में उठा कर खड़ा होकर दीवार की तरफ करके उसे जोर जोर से लन्ड को चूत के अंदर बाहर किया.
पूरे रूम में पच पच की आवाज साथ में हॉट बेब दीपाली जोर जोर से उम्म्म … हा … ह …ह करके मस्त होकर सिसकारियां ले रही थी.

मैं भी उसको पूरी तरह से मजा दे रहा था.

इसी तरह झड़ने से पहले उसने मुझे एकदम पीछे से टाइट पकड़ लिया और पांच मिनट में वह झड़ गई.

पर मैं जिस पोजिशन में था, उसमें मेरे से जोर जोर के धक्के लग रहे थे और दीपाली का पानी निकलने के बाद भी और मजा आने लगा.
वह भी बोली- अवि, प्लीज जोर से उम्म्म … हा … ह … हऊह स्स … आ … आह चोदो मुझे … आई लव यू अवि!

तब मैंने उसे टेबल पर लेटाया और उसकी चूत के दाने को फिर से दांत से काटना शुरू किया।
इसके बाद फिर से मैं लन्ड को चूत पर लगा कर जोर से डाल निकाल रहा था.
ऐसे करने में उसे मजा आ रहा था।

दो मिनट करने के बाद उसे बेड पर लेकर जाकर घोड़ी बनने को कहा.
वह फट से तयार हो गई.

फिर मैंने लन्ड को उसकी चूत के दाने पर रगड़ा जिससे उसे मुंह से सिसकारियां निकलने लगी और बोलने लगी- डाल ना अंदर यार प्लीज!
उसी पोजिशन में उसको मैं धीरे धीरे से चोदने लगा. फिर एकदम स्पीड बढ़ा दी जिससे मेरे टट्टे उसकी चूत से टकराए और फट फट आवाज आई.

साथ ही मैंने दीपाली की गांड पर थप्पड़ मारना चालू किया जिससे वह जोर जोर से चिल्लाई और सिसकारियां भरकर बोली- और !
रूम में बस मेरी तेज साँसें और उसकी ‘हाह … ऊह … शस्स … आह’ कि सिसकारियां ही गूंज रही थी.

बाद में मैं बेड पर लेट गया और उसको ऊपर आने का इशारा किया.
वह फट से मेरे ऊपर आ गई और लन्ड को चूत पर सेट कर के लन्ड को अंदर बाहर करती रही.
इस चुदाई में भी मैं जोर जोर से उसका साथ दे रहा था।

दीपाली इस पोजिशन में इतना जोर से चुदवा रही थी जैसे उसका वीर्य निकलने वाला हो.
और इस तेज चुदाई में उसकी गांड टच होने से फट फट आवाज आई.

दीपाली मादक आह्ह .. आह्ह.. आवाज निकाल रही थी.
थोड़ी देर में दीपाली और तेज हो गई और अकड़ कर अपना वीर्य निकाल दिया।

वो थक सी गई थी.
फिर मैं उसे बेड पर लेटाकर उसके दोनों पैर कंधों पर रखकर चूत चोदने लगा.

पांच – सात मिनट बाद मेरा भी वीर्य निकलने वाला था तो मैंने उससे अंदर निकलने के लिए पूछ लिया.
उसने मना किया और कहा- तेरा वीर्य मुझे मुंह में लेकर पीना है.

मैंने मेरा लन्ड जल्दी से निकाला और उसके मुंह में दे दिया जिसे वह अपनी जीभ से चाटने लगी.
मेरा वीर्य निकल गया उसके बाद भी दीपाली मेरे लन्ड को चाटती रही।

इस चुदाई में हमने बहुत एन्जॉय किया।
फिर हम दोनों ऐसे ही नंगे लेट गए।

दीपाली थक गई थी. उसने तीसरे राउंड के लिए मना कर दिया.

हम सुबह उठ कर फ्रेश होकर उसके पासपोर्ट के लिए निकल गए और एक घंटे में वापस आकर किस करते करते एक और राउंड चुदाई की.

आज भी हम एक दूसरे से बहुत प्यार करते हैं।

यह कहानी मैंने दीपाली से पूछ कर लिखी है.
दोस्तो सच में यह मेरी पहली रीयल लाइफ कहानी है.
आपको मेरी हॉट बेब पोर्न स्टोरी पसंद आई होगी।
कुछ कमी रह गयी हो तो माफ करें!
थैंक्स।

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