बीवी की बड़े लंड से चुदाई की तमन्ना

Indian Sex Stories

I wasn’t ready for what happened next… but once it started, there was no turning back.

माय वाइफ वांट बिग डिक सेक्स … यह मुझे तब पता चला जब मैंने उसे 8″ का डिलडो चूत में डालते देखा. मुझे बहुत गुस्सा आया पर उसने मुझे इसका बहुत बढ़िया उपाय भी बताया.

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मेरा नाम अविनाश है. मेरी बीबी मीताशी है.
हम मियां बीबी एक बड़े से घर में मज़े से रहते हैं. हम दोनों बहुत ही बेहतरीन सेक्स लाइफ इन्जॉय कर रहे हैं.

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एक समय की बात है जब मीताशी के मन की बात जान कर मेरा मन आगबबूला हो गया.

What happened next changed everything…

मैं एक बार जब घर गया तो देखा कि सारी लाइट बंद हैं.
तो मैं मीताशी को खोजते हुए घर के अन्दर गया.

जब बेडरूम के पास पहुंचा तब चोदने की आवाज मेरे कानों में पड़ी.

मैंने झटके के साथ दरवाज़े को खोला और सामने जो देखा, वह सच में बहुत बुरा था.

मेरी बीबी नंगी बिस्तर में 8 का डिल्डो (एक नकली पुरुष का लिंग) अपनी चूत में डाल कर उछल उछल कर चुद रही थी.
सामने टीवी में पोर्न फिल्म चल रही थी और वह उसे देख कर बहुत मज़े ले ले कर चुद रही थी.

मीताशी ने जैसे ही मुझको देखा, वह सब कुछ छोड़ कर बैठ गई.
उसको अपनी गलती का अहसास हो गया था.

मैंने पूछा- ये सब कब से चल रहा है?
मीताशी बोली- मुझे माफ़ कर दो अविनाश.

मैंने बोला- तुमको जब पता है कि हम दोनों भरपूर सेक्स करते हैं और भरपूर मज़े लेते हैं … तो तुमको डिल्डो की क्या जरूरत है?
वह चुप रही.

मैं समझ गया कि माय वाइफ वांट बिग डिक सेक्स … तब भी मैं बोला- जब तुमको पता है कि मुझे डिल्डो पसंद नहीं है. ये मुझे घर में नहीं चाहिए!
मीताशी रोती हुए बोली- मैं ये बात बहुत अच्छे से जानती हूं. मेरे अन्दर पोर्न देख कर मुठ मारने की भावना बहुत ज्यादा ही पनप रही है.

मैंने कहा- ये सब तो तुम मेरे सामने भी कर सकती हो, पर डिल्डो इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.

मीताशी रोती हुए बोली- बात यह है कि आप का लौड़ा 6 इंच का है, जो बुरा नहीं है पर पोर्न देख देख कर मुझे 8 इंच के लवड़े से चुदने का मन होता है. मैं क्या करूँ. आपको कह भी नहीं सकती थी, तो 8 इंच का डिल्डो अपनी चूत में डाल कर मुठ मारने लगी थी.

मैंने कहा- तो तुम क्या चाहती हो?
मीताशी सपाट शब्दों में बोली- बस 8 इंच का लौड़ा!

मैंने उसकी इस बात पर क्रोध में आकर उसे थप्पड़ मार दिया और उसी वक्त उसे बिस्तर पर पटक कर उसका ही डिल्डो उसके मुँह में भर दिया.

वह भी वाइल्ड हो गई.
उसने भी मुझे नंगा कर दिया और मैं उसे चोदने लगा.

कुछ देर बाद मैंने उसकी गांड भी मारी.

मुझसे चुदती हुई ही मीताशी बोली- हम लोग एक बार जीते हैं, एक बार मरते हैं. आठ इंच का लवड़े से चुदने का मेरा सपना पूरा कर दो, मैं आपकी ग़ुलामी करूँगी.

मैंने अपनी मादरचोदी रांड लुगाई को पटक कर चोदा और कुछ समय बाद जब मैं कुछ शान्त हुआ.

तब मैंने पूछा- जब तुमको पता है भारत में औसत लंबाई 6-7 इंच ही है, तो ये कैसे संभव है?
मीताशी बोली- सब संभव है. मैं एक डॉक्टर को जानती हूँ, जो ऑपरेशन से ये कर देता है. ये काम बस कुछ दिन का है. वह आपका लंड मोटा और लम्बा कर देगा.

मुझे भरोसा नहीं था.

कुछ समय की बहस के बाद आखिर मीताशी की जीत हुई.

मैंने भी सोचा कि कहीं मीताशी मेरे हाथ से फिसल न जाए और किसी और मर्द की संगत में न आ जाए.
इस डर से मैं लंड का ऑपरेशन करवाने को राज़ी हो गया.
मगर बहुत सारी शर्तों के साथ.

मैं अपनी बीवी को छोड़ कर दिल्ली गया और 5 दिन बाद डॉक्टर ने सर्जरी करके मेरा 8 इंच का लंड बना दिया जिससे मैं भी काफी खुश था.

मैंने मीताशी को फोन मिलाया, मैंने बताया- तुमको बधाई हो, मेरा ऑपरेशन सफलता पूर्वक और बड़े आराम से हो गया.

मीताशी बोली- अरे वाह … ये बहुत अच्छी बात है. आपको कोई तकलीफ तो नहीं हुई ना?
मैं बोला- नहीं ये बहुत आराम से हो गया. बस डेढ़ घण्टे का ऑपरेशन था. कुछ दिनों का आराम करना बताया है.

खैर साहब, मैं दिल्ली से लंड बड़ा करवा कर घर जाने की सोचने लगा और मीताशी से बात करने लगा.

मीताशी मुझे मोबाईल से ही चूमती हुई बोली- आई लव यू जान. आपने सच में मेरी बात मान ली और मेरी खुशी के लिए ये भी किया. अब देखो मैं कैसे आपका स्वागत करती हूं कि आप कभी नहीं भूल पाओगे.
मैंने बोला- हां ठीक है.

इसके बात हम लोगों ने खूब बातें की और जब बात खत्म हुई, तब मैंने भी महसूस किया कि मेरे अन्दर कुछ ज्यादा ही आत्मविश्वास आ गया है. इसका अहसास हुआ और मुझे भी बड़ा लिंग पाकर बहुत अच्छा लग रहा था.

फिर कुछ दिनों बाद जब मैं वापस अपने शहर गया तो अपनी मीताशी को घर आने की खबर दी.

मीताशी मेरे स्वागत की तैयारी में जुट गई.

मैं जब घर पहुंचा, तब मुझे आश्चर्य हुआ कि मीताशी को मालूम था कि मैं बस घर आने ही वाला हूँ. मगर वह दरवाजे पर खड़ी नहीं हुई है.

मैंने कुछ सोचते हुए घंटी बजाई.
मीताशी ने थोड़ी देर से दरवाजा खोला.

मीताशी ने एक नई नीले रंग की साड़ी पहनी हुई थी और ब्लाउज की जगह की उसने ब्रा ही पहनी थी. साड़ी भी उसने नाभि के नीचे से बांधी थी.

वह काफ़ी बोल्ड मेकअप की हुई थी, बहुत ही ज्यादा सेक्सी लग रही थी.

मैंने कहा- तू तो साली मस्त रांड लग रही है.
मीताशी बोली- आपका प्यार देख मैं आपके लिए हर रात रांड बन जाऊंगी सनम … आज भर की क्या बात है.

मैं घर के अन्दर गया.
मैंने जूता नहीं निकाले थे.

जैसे ही मैंने अपने जूता निकलने की कोशिश की, मीताशी ने मेरा हाथ रोक दिया और नीचे जमीन में बैठ कर मेरे पैरों से जूते निकालने लगी.

मेरी नजर उसके बूब्स पर जा पड़ी, जो सेक्सी सी ब्रा के अन्दर कैद थे और बड़े मस्त लग रहे थे.

मीताशी मुझे मुस्कुराकर देख रही थी मानो चुदने के लिये एकदम गर्म हो.

मैं बिना समय गंवाए अपने हाथ से उसके बूब्स को दबाने लगा.

मीताशी बोली- आह जान … मेरे बूब्स बहुत तरस रहे थे आपके हाथों से मसलने के लिए!

मैंने मीताशी के बूब्स जोर से मसल दिए.
वह जोर से चीख कर बोली- आह मत करो … दर्द होता है.

मैं कहां कुछ सुनने वाला था; मैं और जोर जोर से उसके दोनों मम्मों को मसलने लगा.

मैंने कहा- मादरचोद, तेरे लिए मैं इतनी तकलीफ उठा रहा हूं और तू इतने में ही डर गई?

वह बोली- आप बूब्स दबाते नहीं हो … मसल कर रख देते हो.
मैं बोला- मेरी बीबी, मेरी माल … और अपनी माल के बूब्स मैं दबाऊं या मसलूँ … तू कैसे रोक सकती है?

मीताशी बोली- हां ये भी सही है. अब तो सारे दर्द सहना ही पड़ेगा. लो मेरे बूब्स मसलो.
अब वह हंसते हंसते दर्द सहने लगी और मैं जोर जोर से उसके मम्मों को उसकी ब्रा के ऊपर से मसलने लगा.

थोड़ी देर में मीताशी बोली- आप मुझे यहीं अभी ही चोद दोगे क्या? अपना 8 इंच का लौड़ा कब दिखाओगे?
मैं बोला- मादरचोद, सब्र कर दिखाऊंगा भी और चुसवाऊंगा भी!

मीताशी बोली- ठीक है, आप बहुत दूर से आए हो और हमारे पास समय भी बहुत है. पहले कुछ खा लो, आपके लिए बड़े प्यार से बिरयानी बनाई है.

मैंने मीताशी के बूब्स मसलना छोड़ा और कहा- मादरचोद, तू आज इतनी सेक्सी लग रही है कि मैं बिरयानी भी खाऊंगा और तुझको भी खाऊंगा … और मेनकोर्स में जो मेरा लौड़ा है न … उसको तेरे को खिलाऊंगा. जा बिरयानी लेकर आ.

मीताशी बिरयानी लेकर आई और साथ में बीयर भी ले आई.
उसने खाने के लिए मुझसे डाइनिंग टेबल के पास बैठने को कहा.

फिर मीताशी डाइनिंग टेबल के ऊपर चढ़कर खड़ी हो गई और उसने अपनी ब्रा और साड़ी उतार दी.

धीरे धीरे वह पूरी नंगी होकर डाइनिंग टेबल पर मेरे सामने लेट गई.
मीताशी ने अपने पेट पर बिरयानी परोस दी.

मैं भी मीताशी के नंगे जिस्म पर परोसी हुई बिरयानी देख कर बहुत खुश था.

मीताशी बोली- कैसा लगा मेरा स्वागत?
मैं बोला- बहुत सेक्सी.

मैं मजे से मीताशी के नंगे जिस्म से बिरयानी को जीभ से चाट कर खाने लगा, कभी खाते खाते उसके बूब्स मसल देता.

कुछ देर बाद मैंने चावल के कुछ दाने मीताशी की चूत में डाल दिए, जिनको खाने के बहाने से मैं मीताशी की चूत चाटने लगा.

धीरे धीरे पूरी बिरयानी खत्म हो गई और मैंने मीताशी का नंगा जिस्म चाट चाट कर साफ कर दिया.

मीताशी बोली- अविनाश, मैं बहुत गर्म हो गई हूं. मुझसे अब रहा नहीं जा रहा है … प्लीज अपना लौड़ा पेल दो न!

मैं और मेरा लौड़ा तैयार था, यह मेरे पैंट के बाहर से साफ दिख रहा था.

मैंने जानबूझ कर अंडरवियर नहीं पहना था तो लौड़ा अपनी औकात साफ साफ दिखा रहा था.

तब मैंने मीताशी से कहा- मीताशी नीचे आ … तुझे अपना लौड़ा दिखाता हूँ.

वह नीचे आ गई और घुटनों के बल बैठ गई. मैंने शान से अपना पैंट खोला, तो मेरा लौड़ा उछल कर बाहर आ गया.

मीताशी बोली- हाय सदके जावां … क्या तगड़ा लौड़ा है आपका अविनाश!
मैं बोला- मीताशी साली कुतिया … मेरा लौड़ा देख. आज तू इसी से चुदेगी.

वह अपने होंठों को चबाती हुई बोली- हर रात मैं इसी लवड़े से चुदूँगी सनम.
फिर अपनी जीभ निकाल कर मीताशी मेरे लवड़े के हर कोने को चाटने लगी.

मैंने भी इस हसीन मौके का फायदा उठाते हुए उसके बाल खींच कर उसके मुँह में अन्दर तक अपना लौड़ा भर दिया.

मेरा लौड़ा इतना बड़ा हो गया था कि उसके मुँह में पहली बार पूरी तरह नहीं आ पाया.

मीताशी ने ‘यक … कक … ऊऊम्म्म …’ करके मेरा लौड़ा छोड़ने की कोशिश की.
उसने किसी तरह से मेरी पकड़ से खुद को छुड़वा लिया और उसको उल्टी सी आने लगी.

मीताशी हांफती हुई बोली- इतना बड़ा लौड़ा … इतनी जल्दी जल्दी मेरे मुँह में अन्दर तक मत डालो.

मगर मैं कहां सुनने वाला था, मैंने फिर से अपना 8 इंच का लौड़ा मीताशी के मुँह में घुसा दिया.

मैं बोला- मादरचोद, बहुत शौक था न कि आठ इंच के लौड़े को चूसना है. अब चूस हरामजादी मेरा लौड़ा!

मीताशी ‘उक्क क्कय … उम्म …’ की आवाज भर निकाल पा रही थी.
मैंने उसके हलक तक लौड़ा जो दे दिया था.

मीताशी ने किसी तरह से खुद को मेरी पकड़ से छुड़वाया और बोली- इतना बड़ा लौड़ा है … ये मेरे हलक तक आ रहा है!
मैं बोला- अरे साली रांड तेरा शौक कैसे खत्म हो गया?

मीताशी बोली- नहीं शौक खत्म नहीं हुआ है मेरे लवली लवली पति जी. अब देखो मीताशी रंडी आपका लौड़ा कैसे चूसती है.
फिर मीताशी अपने मुँह में लौड़े में लार लगा लगा कर उसको खूब अच्छे से चूसने लगी.

मैं भी मजा लेता हुआ बोला- आह चूस मादरचोद … चूस मेरा लौड़ा चूस रंडी रांड आह चूस मेरा लौड़ा रंडी साली मादरचोद.
मीताशी बोली- तेरी रांड तेरा लौड़ा जरूर चूसेगी … आह क्या लौड़ा है.

इसी तरह से हम दोनों में गालियों का आदान प्रदान होता रहा और लंड की चुसाई चलती रही.

फिर मैंने फिर मीताशी के बालों को पकड़ कर उसको डाइनिंग टेबल पर चित लिटा दिया और कुछ सोच कर उसको उल्टा करके उसका सिर टेबल के बाहर की तरफ लटका दिया.
उसका मुँह हवा में झूलने लगा था.

मैं फिर से अपना लौड़ा उसके मुँह में पेल कर उसका मुँह चोदने लगा.
मीताशी मेरा लौड़ा अपने हलक तक बड़े आराम से ले रही थी.

लंड चुसवाने के साथ ही मैं इसी पोजिशन में उसकी चूत में उंगली भी कर रहा था.
उसकी चूत से पानी निकलने लगा.
मुझे बड़ा मजा आ रहा था.

फिर मीताशी मौका पाकर बोली- अविनाश मेरी चूत आपके लंड के लिए बिल्कुल तैयार है. अपनी इस रंडी को प्लीज चोद दो.
मैं बोला- हां, पर मीताशी तेरी इतनी गर्मी देख कर तुझको थप्पड़ मारने का मन कर रहा है. तेरी सज़ा अभी बची हुई है, पहले वह तो पूरी कर लूं.

मीताशी बोली- हां, बिल्कुल शौक से.
मैंने मीताशी के गाल में एक ज़ोर का थप्पड़ मारा और पूछा- मादरचोद, कभी डिल्डो का इस्तेमाल करेगी?
मीताशी बोली- नहीं.

पर अभी भी उसके चेहरे पर शैतानी वाली मुस्कुराहट थी.
फिर दूसरा थप्पड़ लगा- अब कभी डिल्डो से चुदेगी?
मीताशी बोली- नहीं, मैं उससे कभी नहीं … अब बस मीताशी आप से ही चुदेगी.

उसके बाद एक के बाद एक 8 थप्पड़ मैंने मारे पर मीताशी की गर्मी कम नहीं हुई.

मीताशी का गोरा चहरा लाल पड़ गया, पर अभी भी मेरा लौड़ा उसके हाथ में था और वह बहुत खुश थी.

‘अविनाश आज मेरी चूत की आग बुझा दो … अपनी रंडी को चोद दो.’
मैंने मीताशी को उठा कर अपनी बांहों में उठाया और बिस्तर में पटक दिया.

मीताशी अपनी दोनों जांघों को फैला कर मेरे सामने लेट गई.
मैंने अपना लौड़ा उसकी चूत के ऊपर थोड़ा घुमाया जिससे उसकी चूत ने पानी छोड़ दिया.

फिर मैंने झटके से पूरा लौड़ा उसकी चूत में डाल दिया.
मीताशी की जोर से चीख निकल गई और वह बोली- आह मादरचोद …आह क्या लौड़ा करवा कर आया है … आह अविनाश … चोदो मुझे चोदो.
मैं बोला- मीताशी हां … मैं तेरी चूत को चोदूंगा … आह मादरचोद ले साली भोसड़ी वाली.

‘आह मेरी चूत फाड़ दो … चोदो चोद दो.’

मैंने अपने लौड़े को मीताशी की चूत में अन्दर बाहर करते हुए खूब पेला और मीताशी के बूब्स भी खूब मसले.

आज मुझे अपनी बीवी को चोदने में बड़ा मजा आ रहा था.

मैंने मौका पाकर मीताशी के बूब्स में अपने दांत गड़ा दिए.

तभी मैंने देखा कि मीताशी की चूत से इतना पानी निकल रहा था कि बिस्तर गीला हो चुका था.

मैंने कहा- मीताशी, तेरी चूत से पानी का झरना फूट रहा है.

मीताशी बोली- ये आपके लौड़े का कमाल है अविनाश. इतना शानदार लौड़ा है.
मैं बोला- चल अब तेरी गांड की बारी है.
मीताशी बोली- ओके, मैं अब घोड़ी बनती हूँ.

मीताशी अपनी गांड उठा कर घोड़ी बन गई.
मैंने उसके दोनों चूतड़ों में चांटे मारे. उसकी गांड में थूक कर अपना लौड़ा उसकी गांड में डाल दिया.

पूजा- आहह मारो … अविनाश मेरी गांड मारो.
मैं उसके चूतड़ों में चांटे मारता गया.

कुछ समय बाद मीताशी बोली- अविनाश आप नीचे आओ … मैं ऊपर आती हूँ.

मैं किसी महाराजा के जैसे बिस्तर पर लेट गया. मीताशी मेरे ऊपर चढ़ कर अपना चूत मेरे सीधे खड़े लवड़े में डाल दी और उछल उछल कर मेरे लंड से चुदने लगी.

मीताशी जोर जोर से बोल कर उछल रही थी- आह साला क्या लौड़ा है … आह मैं आज इस लंड से अपनी बरसों की प्यास बुझा लूँगी.

उसके बूब्स हवा में ऊपर नीचे हो रहे थे.

मेरे लवड़े और मीताशी की चूत के जोड़ के बीच पानी रिस कर मेरे अंडकोश से होता हुआ बिस्तर पर टपक रहा था.
कुछ देर बाद मीताशी रुकी और मेरे सीने में अपने दांतों से काट लिया.

मैंने भी फिर से उसके चूतड़ों में थप्पड़ लगाए.

फिर मीताशी थकने लगी, पर मैं अभी भी फुल चार्ज था. वह थक गई … तो मैंने मीताशी को नीचे पटक दिया.

मैंने उसके दोनों हाथों को मोड़ कर मीताशी से कहा- मैं अब बुलेट ट्रेन की रफ्तार से तेरे को चोदने वाला हूं … तैयार हो जा!
मीताशी बोली- हां, मैं तैयार हूं.

मैं मीताशी की चूत में अपने लंड को लगातार अन्दर बाहर बहुत तेजी से करता गया.

अचानक से मीताशी अपना पेट पकड़ कर रोने लगी, उसके शरीर में झटके आने लगे.
मैं समझ गया मीताशी का चरम आ गया और वह झड़ने ही वाली है.

मैंने चोदने की रफ़्तार बढ़ा दी और तभी मीताशी की चूत से पानी का फव्वारा छूटने लगा.
पूरा बिस्तर गीला हो चुका था.

मीताशी कराहती हुई बोली- ऐसा बिग डिक सेक्स हर किसी के नसीब में नहीं होता है. आज मुझे चुद कर बहुत मज़ा आया.

मगर अभी मेरा लौड़ा तना हुआ खड़ा था.
मैं मीताशी के ऊपर बैठ गया और मीताशी के मुँह के पास अपने लौड़े की मुठ मारने लगा.

कुछ पल बाद मीताशी ने अपने दोनों हाथों से मेरा लौड़ा हिलाना शुरू कर दिया.
मीताशी मुझे उत्तेजित करने की नीयत से बोली- मार मादरचोद … मेरे मुँह में मुठ मार … साले मैं हूँ.

मेरे लंड का पानी फूट निकला और मीताशी के मुँह, गला, सीना, बूब्स में मुठ का पानी फिंका.
मीताशी मेरे मुठ के पानी को अपनी उंगलियों से चाट कर पी गई.

उसके बाद में मीताशी के नंगे जिस्म में नंगा सो गया.
बिग डिक सेक्स की तमन्ना पूरी हो गयी मेरी बीवी की!

तो दोस्तो, ये सेक्स कहानी मेरे लौड़े की लंबाई बढ़ जाने के बाद बीवी की हुई चुदाई की कहानी थी.
आपके कमेंट्स मुझे अगली सेक्स कहानी लिखने को प्रोत्साहित करेंगे.

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