विदेशी लंड से चुदवाई बेटी बहू की बुर

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पोर्न फॅमिली ग्रुप सेक्स का मजा मैंने दिलवाया अपनी जवान बेटी और जवान बहू को अपने सामने! मेरी ननद के दो देवर बाहर से आये थे. उन दोनों के विदेशी लंड मैंने लेकर देखे तो बेटी बहू को भी दिलवाए.

यह कहानी सुनें.

मेरा नाम नफीसा है दोस्तो, मैं मुंबई में अपनी बेटी बहू के साथ रहती हूँ।

मेरी बहू का नाम है हिबा और बेटी का नाम है नसीबा।

नसीबा का निकाह अभी एक साल पहले ही हुआ है। उसकी ससुराल यही लोकल ही है। वह अपनी ससुराल और मायके के चक्कर लगाती रहती है।

यही हाल मेरी बहू का भी है।
दोनों लगभग एक ही उम्र की हैं और दोनों के बीच गज़ब की दोस्ती है।

मैं भी इन दोनों के साथ एकदम जम गयी हूँ और अपने आपको इन्हीं के बराबर महसूस करती हूँ।
अब मैं न अपनी बेटी की माँ हूँ और न अपनी बहू की सास हूँ। मैं बेटी की भी दोस्त हूँ और बहू की भी दोस्त हूँ।

मैं इन दोनों की पक्की दोस्त हूँ। नाम की ही दोस्त नहीं हूँ, मिलकर चोदा चोदी की दोस्त हूँ, आपस में गाली गलौज की दोस्त हूँ, मस्ती से लंड पेला पेली की दोस्त हूँ, लंड ठोका ठोकी की दोस्त हूँ।

हम तीनों मिलकर एक दूसरे की चूत में लंड ठोकती हैं।
कभी कभी तो आपस में कम्पटीशन हो जाता है कि कौन किसकी चूत में कितनी बार लंड ठोकती है?
इसमें तो बहुत ज्यादा ही मज़ा आता है।

एक बार ऐसा हुआ कि बेटी बहू दोनों बाहर चली गयीं।
बेटी अपनी ससुराल और बहू अपने मायके चली गई।
मैं अकेली घर में रह गयी।

मेरा शौहर और मेरा बेटा दोनों दुबई में काम करते हैं। वहां से पैसा खूब भेजा करते हैं। साल में 2 / 3 बार आते हैं।
तब होती है धकाधक चुदाई।

लेकिन 12 महीने में अगर वो 2 / 3 बार आ भी जाते हैं तो उससे क्या होता है?
हमें तो हर रोज़ लंड चाहिए।
वह भी दिन में एक बार नहीं … कई बार चाहिए लंड।

इसलिए मैं तो इनके जाने के बाद ही गैर मर्दों से घपाघप ठुकवाने लगती हूँ।
चूत जब तक बुरचोदी ठुक नहीं जाती तब उसे चैन नहीं मिलता। चूत की ठुकाई निरंतर होनी चाहिए।

मेरी बेटी जब जवान हुई थी तो मैंने उसे सब कुछ साफ़ साफ़ बता दिया था।
फिर एक दिन मैंने उसे लंड भी पकड़ा दिया था क्योंकि मुझे मालूम था कि उसे भी लंड की जरूरत है।

मैंने कहा- बेटी, इसमें शर्माने की कोई जरूरत नहीं है। जैसे पेट भरने के लिए खाना चाहिए, वैसे ही बुर चुदाने के लिए लंड चाहिए। अब तेरी चूत मेरी चूत में बराबर हो गई है। तुम भी लंड पेलो मेरी चूत में, मैं भी लंड पेलूं तेरी चूत में।
बस सिलसिला चल पड़ा।

मेरी बहू तो मायके से चुद कर आई ही थी।
फिर हम तीनों के बीच चुदाई का रास्ता बन गया और पक्की दोस्ती हो गयी।

मेरी एक ननद है वह मलेशिया में रहती है।

उसका एक दिन फोन आ गया।
मैंने फोन उठाया और बोली- हां बोलो ननद रानी, क्या हाल हैं?

वह बोली- नफीसा भाभी, कल मेरे दो देवर भारत आ रहे हैं। उन्हें कुछ काम है। वे दोनों आपके पास ही रहेंगे। तुमको कोई दिक्कत तो नहीं होगी भाभी जान?
मैंने कहा- मुझे कोई दिक्कत नहीं होगी ननद रानी। वे भी हमारे ननदोई हैं। उनका भी यह घर है। अच्छा एक बात बताओ, तुम तो इनके लंड का मज़ा खूब लेती होगी?
वह बोली- हां लेती तो हूँ। लंड तो इनके माशाल्ला बड़े अच्छे हैं, बड़े मोटे तगड़े हैं।

मैंने कहा- अच्छा तो बताओ न कितने बड़े बड़े हैं इनके लंड? लंड का साइज क्या है?
वह बोली- अब बता दूँगी तो तुम्हारा मज़ा किरकिरा हो जायेगा भाभी जान! तुम खुद ही पकड़ कर देख लेना। ये दोनों यहीं मलेशिया में पैदा हुए हैं इसलिए इनके लंड बड़े बड़े हैं और विदेशी हैं। हां इतना बता रही हूँ कि लंड देख कर ही तेरी गांड फट जाएगी भाभी जान।

फिर हम दोनों हंसने लगीं।

अगले दिन सवेरे सवेरे वे दोनों आ गए।
उनके नाम थे अली और वली।
मैं तो दोनों को देख कर मस्त हो गई।

दोनों ही लगभग 24 / 25 साल के थे। एकदम मस्त जवान स्मार्ट और हैंडसम लड़के थे।

थोड़ा काले थे तो मेरे मन में आया ‘हाय दईया, इनके लंड भी काले होंगें और मुझे तो काले लंड बहुत पसंद हैं। मेरी बेटी और बहू को भी काले लंड बहुत पसंद हैं। अब आएगा मज़ा।’

मेरे मन में गुदगुदी होने लगी और चूत में आग लग गयी।

दिन में वे लोग लंच करके अपने काम से बाहर चले गए।

मैं इधर दिन भर बस उनके लंड के बारे में ही सोचती रही; लंड के साइज का अनुमान लगाती रही; रात होने का इंतज़ार करती रही।

शाम को जब वो दोनों आये तो मैंने उन्हें नाश्ता दिया और बातें करने लगी।

बातें धीरे धीरे खुल कर होने लगीं और फिर वही होने लगा जिसका मुझे इंतज़ार था।

मैंने पूछा- अच्छा यह बताओ तुम लोग कुनबे में किस किस की बुर लेते हो?
दोनों एक साथ बोल पड़े- सबकी बुर लेता हूँ।
मैंने कहा- मतलब? सबकी बुर का मतलब?

उसने कहा- जो भी रात में सामने आ जाती है उसी की बुर ले लेता हूँ। रात में तो हर मर्द को बुर चाहिए।
मैंने कहा- अगर तेरी अम्मी तेरे सामने आ जाएँ तो क्या उसकी भी बुर ले लोगे?
वह बोला- हां ले लूंगा। इसमें क्या हर्ज़ है? हमारे देश में सब होता है? हमने तो अम्मी की भी ली है। हर औरत को लंड चाहिए!

मैंने कहा- तो क्या बेटियां भी अपने बाप का लंड ले लेती हैं?
वह बोला- हां खूब लेती हैं। हमारे कुनबे की लड़कियां अपने बाप का लंड भी बेहिचक पकड़ लेती हैं। रात को हर औरत को चाहिए लंड और हर मर्द को चाहिए बुर! इसके अलावा हम लोग कुछ और सोचते ही नहीं!

मैंने कहा- तो फिर मेरी भी ले लो मेरे राजा … मैं तो तुम्हारे विदेशी लंड के लिए तड़प रही हूँ।
ऐसा बोल कर मैंने दोनों के लंड पर हाथ रख दिया।

वे दोनों मेरी एक एक चूची दबाने लगे।

मुझे इतना तो मालूम हो गया कि लंड हैं बहुत बड़े बड़े।
मैंने सुना था कि मलेशिया के लंड बहुत बड़े होते हैं और मोटे भी।

मैं अपने आपको बहुत देर तक रोक नहीं सकी; मैंने उनके पाजामे के नाड़े खोल डाला और उनको नंगा कर दिया।

मेरी नज़र जब दोनों लंड पर पड़ी तो सच में मेरी गांड फट गई।
मेरे मुंह से निकला- हाय रब्बा इतने बड़े बड़े लंड? इतने मोटे मोटे लंड? ये लंड तो बहन चोद अज़गर सांप जैसे लग रहे हैं? देखो न कैसे फुफकार रहे हैं भोसड़ी वाले लंड!
मुझे लंड पकड़ने में ही मज़ा आ गया।

दोनों लंड की झांटें बिल्कुल साफ़ थीं।
काले लंड की अगर झांटें साफ़ हों तो उससे ज्यादा खूबसूरत कोई और लंड हो ही नहीं सकता.

मैं तो बड़ी देर तक लंड ही देखती रही उनकी चुम्मियाँ ही लेती रहीं, उन्हें सहलाती ही रही।
मैं तो लंड में खो गयी बहनचोद।

फिर दोनों ने मुझे भी नंगी कर दिया।

मैं लंड का सुपारा बारी बारी से चाटने लगी और वे दोनों मिलकर मेरा नंगा जिस्म चाटने लगे; मेरी बुर चाटने लगे।

फिर मैंने दोनों को बेड पर लिटा दिया और उनके लंड का मज़ा लेने लगी।

पहले अली ने मेरी बुर चोदना शुरू किया तो मैं वली का लंड चूसने लगी.
और जब वली ने चोदा तो मैं अली का लंड चूस रही थी।

मैंने पूछा- तुम लोगों ने अपनी भाभी यानि मेरी ननद की बुर चोदी है कभी?
दोनों एक ही आवाज़ में बोले- हां चोदी है, कई बार चोदी है और अक्सर चोदता रहता हूँ। हमारी भाभी बहुत मस्ती से दिल खोल कर चुदवाती है और खुल्ल्म खुल्ला सबके सामने चुदवाती है।

उसकी इस बात ने मेरा जोश और बढ़ा दिया।
मैं भी कमर हिला हिला कर बड़ी मस्ती से चुदवाने लगी।

वे दोनों बारी बारी से लंड घचाघच पेलते रहे; आगे से भी पेलते रहे और पीछे से भी पेलते रहे।
हर तरफ से पेला उन दोनों लंड मेरी चूत में।
मैंने भी खूब जम कर विदेशी लंड का मज़ा लिया।

कुछ देर में मेरी चूत ढीली हो गई और वे भी खलास होने लगे।
फिर मैंने तबियत से उनके झड़ते हुए विदेशी लंड चाटे।

मैंने उसी समय ठान लिया कि मैं ये लंड अपनी बहू बेटी की चूत में जरूर पेलूँगी ताकि वो भी विदेशी लंड का मज़ा लूटें।

दूसरे दिन सवेरे फिर दोनों काम पर निकल गए।

उसके एक घंटा के बाद मेरी बेटी आ गयी और फिर बहू भी आ गयी।
मैं बहुत खुश हुई। मैं उन दोनों को देख कर फूली नहीं समा रही थी। मेरे चेहरे पर चमक आ गयी।

उनको मैंने अपने सामने बैठाया और बातें करने लगी।
मैंने पूछा- बेटी नसीबा, इस बार अपनी ससुराल से कितने लोगों से चुद कर आई है तू भोसड़ी वाली। और सबसे बढ़िया लंड किसका था?
उसने बताया- इस बार मुझे एक देवर ने चोदा फिर उसके दोस्त ने भी चोदा। दूसरे दिन मेरे चचिया ससुर से मुझे चोदा और सास के सामने ही चोदा। अगले दिन रात को मेरी सास ने मेरे ननदोई का लंड घुसेड़ दिया मेरी चूत में! मैं उससे भी चुदी। फिर अगले दिन ननद के ससुर ने भी मुझे ननद के सामने ही चोदा। सबसे बढ़िया लंड तो मुझे देवर के दोस्त का लगा। इस तरह मैं हर दिन चुदती रही। मैंने चुदने का नया रिकॉर्ड बना लिया।

मैंने पूछा- बहू, वैसे तो तू अपनी शादी के पहले ही खूब चुदी हुई थी। यह बात मुझे तेरी अम्मी ने ही बताई थी और मैं बहुत खुश हुई थी। अब बता कैसी रही इस बार तेरी मायके में चुदाई?
बहू ने बताया- इस बार मुझे मायके में बाप ने भी चोदा और बेटों ने भी चोदा। पहले मेरे चचा जान ने मुझे चोदा। दूसरे दिन मेरा खालू मुझ पर चढ़ गया और खूब चोदा। फिर अगले दिन रात में चचा जान के बेटे ने खूब धकापेल चोदा। वह चोद कर गया तो खालू का बेटा भी आ गया। उसने भी मुझे खूब लंड पेल पेल कर चोदा और मेरी अम्मी के सामने ही चोदा। कुल मिलाकर इस बार भी खूब चुद कर आई हूँ मैं!

मैंने कहा- तो फिर आज मैं तुम दोनों की चूत चोदूँगी। ननद भौजाई की चूत चोदूँगी।
नसीबा बोली- लंड तो मुझे कहीं दिखता नहीं अम्मी जान? कैसे चोदोगी हमारी बुर?
मैंने कहा- लंड तो मैं तुम्हें समय पर दिखा दूँगी, चूत चोदी नसीबा।

शाम को जब अली और वली दोनों आये तो मैंने उन दोनों को अपनी बेटी बहू से मिलवाया।
वे दोनों बहुत खुश हुए और मेरी बेटी बहू तो ख़ुशी से झूमने लगीं।
उन्हें इनके बारे में पूरा किस्सा बताया।

बेटी बहू की ख़ुशी का ठिकाना न रहा, दोनों अली और वली से खूब हंस हंस कर बातें करने लगीं।
दोनों लड़के स्मार्ट और हैंडसम तो थे ही।

बहू बेटी खुलकर मलेशिया के बारे में पूछने लगीं, धीरे धीरे वहां की सेक्स लाइफ के बारे में पूछने लगीं।

तब हम सबको मालूम हुआ कि मलेशिया में किस कदर रात में होटलों में ग्रुप न्यूड डांस होता है।
कई लड़कियां एकदम नंगी नंगी स्टेज पर नाचतीं हैं, विदेशियों को रिझाती हैं, बुलावे पर होटलों में खुल्लम खुल्ला चुदाई करवाती हैं।

यह सब जानकर मेरी और बेटी बहू सबकी चूत गीली हो गई।
हमारे मुंह में पानी आ गया।

दोनों बहू बेटी अली और वली के लंड जल्दी से जल्दी पकड़ने के लिए, पोर्न फॅमिली ग्रुप सेक्स के लिए उतावली गईं।
हिबा और नसीबा उन दोनों को जल्दी से जल्दी नंगा करना चाहती थी।

फिर मैं किचन में गई तो दोनों मेरे पीछे पीछे उछलती हुई आ गईं।
मैंने बताया- कल इन दोनों ने मिलकर मेरी चूत खूब घपाघप चोदी है, रात भर मेरे भोसड़ा का बाजा खूब बजाया है इन दोनों ने!

बेटी नसीबा बोली- तो फिर आज ये लोग हम दोनों की चूत का बाजा बजायेगें न अम्मी जान?
मैंने कहा- हां हां बिल्कुल बजायेंगे। मैं खुद अपने आगे तुम दोनों की चूत विदेशी लंड से चुदवाऊंगी।

फिर हम सबने डिनर लिया और एक बड़े से बिस्तर पर बैठ गए, बातें होने लगीं।

मैंने माहौल गर्म करने के लिए पूछा- अली यह बताओ कि तुम लोगों ने कुनबे की लड़कियां चोदने के अलावा कभी बाहर की लड़कियां चोदी हैं?
वह बोला- हां खूब चोदी हैं। अपने दोस्तों की बीवियां चोदी हैं उनकी बहनों की बुर ली है, उनकी माँ का भोसड़ा भी चोदा है। मोहल्ले में और नाते रिश्तेदारों में भी लोग एक दूसरे के घर में खूब चुदाई करते हैं। हम अगर उनकी माँ बहन बेटियां चोदते हैं तो वे सब भी हमारी भी माँ बहन बेटियां चोदते हैं। इस तरह सब लोग खूब एन्जॉय करते हैं।

फिर क्या … माहौल एकदम से गर्म हो गया और मैंने अली के पजामे में हाथ घुसेड़ दिया।
मेरी बेटी ने वली के पजामा में हाथ घुसेड़ दिया।

बस दो मिनट मैंने अली का लंड बाहर निकाल लिया और बेटी ने वली का लंड!
मैंने अली लंड अपनी बहू हिबा को पकड़ा दिया।

वह बोली- हाय रब्बा … कितना बड़ा और मोटा है लंड इसका सासू जी!
उधर से बेटी ने कहा- हाय दईया, बड़ा मस्त और जबरदस्त है भोसड़ी का लंड अम्मी जान। मुझे तो काला लंड बहुत पसंद है।

बहू बोली- मैं तो काले लंड की दीवानी हूँ सासू जी।
बेटी वली का लंड चाटने लगी और बहू अली का लंड।

तब तक मैंने दोनों को कपड़े उतार कर नंगी कर दिया।

इन दोनों को नंगी देख कर लंड और तन कर खड़े हो गए।
मैं तो मादरचोद नंगी थी ही!

किसी के बदन पर एक भी कपड़ा नहीं था।
यही खूबसूरती होती है सामूहिक चुदाई में!

वली नसीबा के मम्मे दबाने लगा और अली बहू के मम्मे।

मैं भी दोनों नंगे मर्दों के जिस्म पर प्यार से बीच बीच में उनके पेल्हड़ सहलाते हुए बेटी बहू की चूत पर भी हाथ फिराने लगी।

वली बोला- भाभी जान, तेरी बेटी बहू दोनों बहुत हॉट हैं। दोनों बहुत खूबसूरत हैं। गज़ब का नूर हैं दोनों की आँखों में!
अली बोला- मैंने सुना था की इंडिया की लड़कियां बड़ी खूबसूरत होती हैं. आज सामने देख भी देख रहा हूँ।

नसीबा बोली- आज पहली बार हम दोनों विदेशी लंड चूस रही हैं. कितने हैंडसम होते हैं विदेशी लंड! आज मुझे मालूम हो रहा है। बड़ा मज़ा आ रहा है।

दोनों बेटी बहू बड़ी मस्ती से लंड बार बार चूमने चाटने लगीं, मुंह में डाल कर चूसने लगीं।
लंड से खेलने लगीं … लंड अपने नंगे बदन पर रगड़ने लगीं।

मैं दोनों को ऐसा करते हुए देख कर खुश हो रही थी।
इतने में वली बहू की चूत चाटने लगा और अली बेटी की बुर।

बेटी बोली- हाय अम्मी जान, बड़ा मज़ा आ रहा है। मैं वली का लंड चाट रही हूँ और अली मेरी चूत चाट रहा है। तेरी बहू अली का लंड चाट रही है और वली उसकी चूत चाट रहा है। हम सबको डबल मज़ा आ रहा है। आज मुझे मालूम हुआ कि विदेशी लंड कितना प्यारा होता है अम्मी जान!

मैं भी कभी बेटी के साथ लंड चूसती तो कभी बहू के साथ लंड चूसती।

फिर मैंने सोचा कि अब लंड इनकी चूत में पेला जाए क्योंकि चूत दोनों ही बहुत गर्म हो चुकी हैं।

मैंने वली का लंड पकड़ कर घुमाया और बेटी नसीबा की चूत में पेल दिया।
वली घपाघप चोदने लगा मेरी बिटिया की बुर!

फिर मैंने अली का लंड अपनी बहू की चूत में घुसेड़ दिया।
वह भी खचाखच चोदने लगा बहू की चूत।
दोनों पूरी ताकत से मेरी बेटी बहू की चूत चोदने लगे और मैं उनके पेल्हड़ सहला सहला कर मज़ा करने लगी।

जितना मेरी बेटी बहू चुदाई का मज़ा ले रही थीं, उतना ही मज़ा मैं भी उनकी चूत चुदवा चुदवा कर ले रही थी।

नसीबा बोली- हाय दईया, बड़ा मज़ा आ रहा है अम्मी जान! इतनी अच्छी तरह तो मुझे आज तक किसी ने नहीं चोदा। क्या मस्त लौड़ा है वली का! मेरी चूत की धज्जियाँ उड़ रहीं हैं बहनचोद। चूत लंड की चोट पर चोट खाती जा रही है। नफीसा, तू भोसड़ी की बहुत बड़ी हरामजादी बेशर्म औरत है। अपनी बेटी बहू की चूत खुले आम चुदवा रही है।

तब तक बहू भी बोली- हां यार ननद रानी, तेरी माँ ने मुझे भी बना दिया चुदक्कड़ बहू। सासू जी, बड़ा मज़ा आ रहा है। दो तीन और विदेशी लंड पेल दे मेरी चूत में। मैं बहुत चुदासी हूँ। तेरी जैसी सास सबको मिले। सभी सास अपनी बहू की चूत इसी तरह चोदे जैसे तू चोद रही है मेरी चूत। अब तो मैं भी तेरा भोसड़ा इसी तरह लंड घुसा घुसा कर चोदूँगी सासू जी।

कुछ देर में ही दोनों चूत ढीली हो गयी; सारी गर्मी निकल गयी।
फिर अली का लंड झड़ने लगा तो मैंने उसे बहू के साथ चाटा।

उसके बाद वली का भी लंड माल उगलने लगा जिसे मैंने अपनी बेटी नसीबा के साथ चाटा।

दूसरी पारी में अली ने बेटी की चूत चोद मज़ा लिया और वली ने बहू की चूत चोद कर मज़ा लिया।
बाद में बेटी बहू दोनों ने मिलकर मेरी चूत का बाजा खूब बजाया।
कभी अली का लंड पेलती मेरी चूत में तो कभी वली का लंड पेलती।
मैं भी एकदम सनी लिओनी की तरह भकाभक चुदवाती रही।

इस तरह हम तीनों ने पोर्न फॅमिली ग्रुप सेक्स में लंड अदल बदल कर रात भर चुदाई का मज़ा लूटा।
तो दोस्तो, ये थी हमारी सच्ची पोर्न फॅमिली ग्रुप सेक्स कहानी। आपको कैसी लगी बताना जरूर!

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