मेरी बहन को मुझसे चुदकर चुदाई की लत लग गयी- 6

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बहन भाई की चुदाई की स्टोरी में पढ़ें कि पहली बुर फाड़ चुदाई के बाद सुबह मैं अपनी बहन को एक बार फिर चोदना चाहता था लेकिन उसकी चूत में दर्द हो रहा था.

कहानी के पिछले भाग

में आपने पढ़ा कि बहन की चूत की भाई से चुदाई पूरी हुई.

आपा ने मुझे देखा और प्यार से मुझे किस करते हुए बाथरूम में जाने लगी.
लगभग 10 मिनट बाद अपने आप को साफ करके आपा वापस आई, आकर मेरी बांहों में नंगी ही लेट गई.

अब आगे बहन भाई की चुदाई की स्टोरी:

फिर आपा ने बातों बातों में मुझसे कहा- सलीम, मैं जसवंत के साथ सेक्स नहीं करना चाहती. वह पता नहीं मेरे साथ कैसे सेक्स करेगा. मैंने तो आज पहली बार सेक्स किया है और मुझे अभी इतना दर्द हो रहा है. तुम कुछ करके उससे कुछ दिन बाद का टाइम ले लो. अगर इस बीच पैसों का इंतजाम हो गया तो और भी अच्छा रहेगा. वरना कुछ दिनों बाद तो मुझे उस हरामी के नीचे लेटना ही पड़ेगा.
तो मैंने आपा को किस करते हुए कहा- आप चिंता मत करो. कल मैं उस कुत्ते से जाकर बात करता हूं. शायद वह मान जाए.
आपा ने मुझसे कहा- वहां जाकर लड़ाई मत लड़ना. वैसे तुम क्या बहाना बनाओगे?

तो मैंने कहा- आपा अभी मुझे कुछ नहीं पता. कल तक सोचता हूं, कुछ बहाना मिल जाएगा.
आपा ने कहा- तुम उससे जाकर कहना कि मेरी बहन को पीरियड आ गए हैं इसलिए वह चार-पांच दिन तक कुछ नहीं कर पाएगी. कुछ दिन बाद वह सेक्स करने के लिए आ जाएगी. इससे हमारे पास चार-पांच दिन होंगे तो हम कुछ ना कुछ सोच लेंगे.

यह कहते हुए आपा के आंखों से आंसू आ गए.

मैंने उनसे कहा- यार आपा, ऐसे मत रो … वरना मैं अपने आप को कभी माफ नहीं कर पाऊंगा.
तो आपा ने मुझसे कहा- कोई बात नहीं. इसमें तुम्हारी कोई गलती नहीं है. मैं एक बार उस कुत्ते के साथ सेक्स करके यह सारा मामला ही खत्म कर दूंगी.

लगभग 10 मिनट बाद मैंने आपा को कहा- आपा, आयें एक बार और सेक्स करते हैं.
तो आपा ने कहा- नहीं तुम अब सो जाओ. तुम पहले ही दो बार झड़ चुके हो, तुम्हें कमजोरी आ जाएगी. और मेरी चूत में भी अभी दर्द हो रहा है.

ये कहकर आपा बिस्तर से उठने लगी और अपने कपड़े पहनने लगी.
मैं आपा को कपड़े पहनते हुए देख रहा था.

आपा ने सबसे पहले अपनी ब्रा उठाई तो मैंने उन्हें रोक दिया.
मैंने कहा- आज मैं आपको कपड़े पहनाता हूं.

तो उन्होंने मेरी तरफ मुस्कुरा कर देखा और ब्रा वहीं बिस्तर पर गिरा दी.
मैंने आपा की ब्रा उठाई और उन्हें ब्रा पहना दी.

फिर मैंने उनकी पैंटी को उठाकर सीधा किया और उनसे टांगें उठाने को कहा.
तो आपा ने टांग उठाकर पेंटी के छेद में अपनी टांग डालकर पहन ली.

ऐसे ही मैंने उनको टीशर्ट और पजामा भी पहना दिया.

मैं अभी भी उनके सामने नंगा खड़ा था.
तो उन्होंने कहा- अब तुम भी कपड़े पहन लो. और यह बात कभी किसी को पता नहीं चलनी चाहिए.
मैंने कहा- आपा आपने मुझे इतना चुतिया समझा है क्या? जो मैं ऐसे ही किसी को कुछ भी बता दूंगा. आप मेरी जान हो और आपके लिए मैं कुछ भी कर सकता हूं.

फिर मैंने आपा को अपनी बांहों में लिया और उन्हें किस करने लगा.
थोड़ी देर किस करने के बाद आपा ने अलग होकर कहा- चलो अब जाओ, जाकर सो जाओ.

रात के 3:00 बज चुके थे लेकिन मेरी आंखों से नींद गायब थी.
फिर भी थोड़ी देर बाद मुझे नींद आ गई और मैं सो गया.

अगले दिन सुबह मेरी आंख खुली तो मैं नहा धोकर जैसे ही नीचे पहुंचा
मैंने देखा कि आपा पूरी इज्जत के साथ बैठी हुई नाश्ता कर रही थी.
अम्मी ने मुझे देखकर आपा से कहा- नसरीन, सलीम को भी नाश्ता करा दो.

तो आपा अपना नाश्ता छोड़कर बावर्चीखाने में चली गई और नाश्ता ले आई.
नाश्ता देते हुए उन्होंने मेरा हाथ जोर से दबा दिया और एक आंख मार कर मुझे इशारा किया.

तो मैंने भी मैंने आपा को आँख मार कर मुस्कुरा कर देखा.

अम्मी को स्कूल जाने के लिए देर हो रही थी तो उन्होंने हमसे कहा- तुम दोनों नाश्ता करके कॉलेज चले जाना. मुझे स्कूल जाने के देर तैयार हो रही है.
यह कहकर अम्मी चली गयी.

अब हम दोनों घर में अकेले थे. अम्मी के जाते ही मैंने भागकर आपा को पीछे से पकड़ लिया और उनके बूब्स दबाने शुरू कर दिए.

उस वक्त आपा ने बुर्का पहना हुआ था.
बुर्के में आपा का जिस्म कातिलाना लगता है.

मैंने आपा से पूछा- आपा, क्या अभी भी आप की चूत में दर्द हो रहा है?
तो उन्होंने मेरी तरफ अपना मुंह करते हुए बुर्का अपने चेहरे से हटा लिया और मुझे किस करने लगी.

थोड़ी देर बाद बोली- मेरी चूत में थोड़ा सा आराम है. लेकिन रात में बहुत दर्द हो रहा था.
तो मैंने आपा को अपनी गोदी में उठा लिया और उन्हें उनके रूम में ले जाने लगा.

वो बोली- आप क्या कर रहे हो?
मैंने कहा- आपा आओ चलो ना, एक बार और करते हैं.
वे बोली- बेगैरत इंसान … जाओ कॉलेज चले जाओ. मुझे भी कॉलेज जाने, दो लेट हो रहा है.

तो मैंने उनसे मजाक के अंदाज में कहा- क्यों … जाकर विशाल का लंड भी चूसना है क्या?
तो वे मेरी इस बात पर मजे में मुझे मारने के लिए मेरे पीछे भागी.

मैं बच कर भाग गया.
फिर हम दोनों ही कॉलेज के लिए निकलने लगे.

जाते जाते नसरीन आपा ने मुझसे कहा- उस कुत्ते जसवंत से वही कहना जो मैंने तुमसे कहा है.

फिर हम दोनों अपने अपने कॉलेज के लिए चले गए.
कॉलेज से लौटते टाइम मैं जसवंत के पास गया.

मुझे देखते ही जसवंत बोला- क्यों बे मादरचोद, आज अकेला आया है? अपनी उस रंडी बहन को साथ नहीं लाया?
मैंने उसको बोला- साले तमीज से बोलो.

यह सुनते ही जसवंत मुझे मारने के लिए जैसे ही मुझे मारने के लिए आगे आया तो मैंने उसको बोला- भैया नहीं! मेरे मुंह से निकल गया. पर आप मेरी बहन को ऐसे रंडी मत बोलो!

तो वह बोला- चल बता कहाँ है वह? आज साली की चूत चुदाई करूंगा.
मैंने कहा- वह आज नहीं आ पाएगी.

तो बोला- साले क्यों नहीं आएगी?
मैंने उसको कहा- उसको कल रात से पीरियड आ गये हैं. इसलिए वह अभी तीन-चार दिन तक नहीं आ पाएगी. क्योंकि पीरियडस में उसकी तबीयत बहुत ज्यादा खराब हो जाती है.

यह सुनते ही जसवंत बोला- यह लो साला खड़े लंड में धोखा हो गया.
फिर वह बोला- साले मेरा लंड खड़ा है, इसे किस की चूत में डालकर शांत करूं?
तो मैं उसको क्या जवाब देता!

थोड़ी देर बाद उसने मुझसे कहा- चल अंदर चल, मुझे तुमसे कुछ बात करनी है.
तब मैं उसके साथ अंदर चला गया.

अंदर जाते ही उसने मुझे पकड़ा और बोला- साले जब तक तेरी बहन मुझसे चुदने नहीं आती, तब तक तू मेरा लंड अपनी गांड में लेगा.
यह सुनते ही मेरी गांड फट गई क्योंकि मैंने कभी पहले लंड गांड में नहीं लिया था.

मैं उसे कहने लगा- नहीं भैया, मुझसे यह नहीं होगा.
उसने कुछ नहीं सुना और मेरे सामने आकर अपना लंड पैन्ट से बाहर निकाल लिया.

मैंने देखा कि उसका लंड बहुत बड़ा था.
यह देखकर तो मेरी गांड फट गई कि अगर उसने यह लंड मेरी गांड में डाल दिया तो पता नहीं क्या होगा.
मैं बहुत डर गया और रोने लगा.

इस पर शायद उसका दिल पसीज गया और वह बोला- चल ज्यादा रंडी रोना मत कर और चुपचाप मेरा लंड चूस!

यह सुनकर मैं खुश था कि चलो बड़ी मुसीबत से बच गया.
पर दिखावे के लिए मैं लंड चूसने के लिए भी मना कर रहा था.

तो उसने मेरा मुंह खोलकर अपना लंड मेरे मुंह में डाल दिया और जोर-जोर से लंड को हिलाने लगा.

लगभग 15 मिनट तक उसने मेरे मुंह को ऐसे ही चोदा और फिर जैसे ही उसका लंड झड़ने को हुआ तो उसने सारा पानी मेरे मुंह में ही डाल दिया.
इस वजह से मुझे उल्टी आ गयी, मैंने वहीं पर सारा पानी निकाल दिया.

फिर वह हंसने लगा और बोला- साले, तेरी बहन के मुंह में भी ऐसे ही लंड का पानी डालूंगा. और उस साली को तो पीना पड़ेगा.

तब वह बोला- अब चला जा यहाँ से! जैसे ही तेरी बहन के पीरियड खत्म हो जायें, उसको मेरे पास भेज देना, साली को दबा कर चोदूंगा. जैसे तूने मेरी बहन की चूत चुदाई की थी, तेरी बहन की चूत चुदाई भी मैं करूंगा. और जल्दी से जल्दी मेरे सारे पैसे वापस कर!

यह कह कर उसने मेरे चूतड़ों पर एक लात मारी और मुझे वहां से भगा दिया.

मैं घर आया और आकर नहाया.
तब तक कोई भी नहीं आया था.

थोड़ी देर बाद अम्मी आ गई.
और फिर थोड़ी देर बाद आपा भी आ गई.

शाम को अम्मी किसी काम से बाजू वाली आंटी के यहाँ गई थी.
तभी मैं आपा के कमरे में गया.

मैंने देखा कि आपा लेट कर अपने फोन पर किसी से बात कर रही थी.

मुझे देखते ही उन्होंने फोन पर कहा कि बाद में बात करेंगे.
यह कह कर आपा ने फोन काट दिया.

मैं जाते ही आपा के गले लग गया और रोने लगा.

मुझे रोता हुआ देखकर आपा ने मुझसे पूछा- सलीम, क्या हुआ है? तुम ऐसे रो क्यों रहे हो?
तो मैंने जो कुछ भी हुआ सब कुछ बता दिया.

यह सुनते ही आपा का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया.
उन्होंने कहा- उस कुत्ते मादरचोद के खुट्टे सुजा दूंगी. साले जिसने मेरे भाई के साथ ऐसा किया है.

फिर मुझे चुप कराने लगी और मुझसे बोली- कि अम्मी कहाँ है?
तो मैंने उन्हें बता दिया कि वह बराबर वाली आंटी के साथ बाजार गई हुई हैं.

आपा मुझसे अलग हुई और जाकर बाहर देखने गई.
वापस आते टाइम घर का दरवाजा बंद करते हुए आई.

आते ही आपा मुझसे चिपट गई और मुझे जोर जोर से किस करने लगी.
उनके किस करने से मुझे बहुत मजा आ रहा था.

मैं थोड़ी देर पहले अपने साथ हुए हादसे को भूल चुका था. मैं आपा को किस किए जा रहा था.

उस वक्त आपा ने बुर्का भी पहना हुआ था.
मैं पहली बार आपा को बुर्के के ऊपर से किस किए जा रहा था और उनके बूब्स दबा रहा था.

आपा मुझे बिल्कुल भी मना नहीं कर रही थी जैसे वह आज खुद ही चुदना चाहती थी.

फिर मैंने आपा को अपने से अलग किया और उनको कहा- आपा मुझे आपकी चुदाई करनी है.
तो आपा ने मुस्कुरा कर कहा- किसने रोका है?

मैंने जल्दी से आपा का बुर्का उनके जिस्म से अलग कर दिया.
उन्होंने एक सफेद रंग का कमीज पहना हुआ था और नीचे लाल रंग की पजामी पहनी हुई थी. वह सफेद कमीज और लाल पजामी में बहुत ही हसीन लड़की लग रही थी.

मैंने उनके कमीज के ऊपर से ही उनके बूब्स दबाने शुरू कर दिए और उनको किस करने लगा.
मैं उनकी गर्दन पर भी चाट रहा था.

आपा ने मेरी टीशर्ट मेरी जिस्म से अलग कर दी और जल्दी ही मेरी जींस की पैन्ट खोलकर मेरी पैन्ट को भी मेरी जिस्म से अलग कर दिया.
अब मैं सिर्फ अंडरवियर में आपा के सामने खड़ा हुआ था.

फिर मैंने भी उनकी देखा देख उनका कुर्ता उनके जिस्म से अलग कर दिया.
और जल्द ही मैंने उनकी पजामी जो उनकी जांघों से चिपकी हुई थी, वह भी अलग कर दी.

अब मेरी आपा ब्रा और पैन्टी में मेरे सामने खड़ी थी.
उनकी ब्रा और पैन्टी लाल रंग की थी.

अब आप खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं एक निहायती खूबसूरत लड़की लाल ब्रा और पैन्टी में कितनी ही ज्यादा खूबसूरत लग रही होगी.

मैंने जल्दी ही आपा की ब्रा उनके जिस्म से उतारकर अलग कर दी और खड़े-खड़े ही उनकी पैंटी भी उतार दी.

आपा का नंगा जिस्म देखकर मैं पागल सा हो गया.
मैंने जल्दी से अपना लंड पकड़ा और उनकी चूत पर घिसना शुरू कर दिया.

आज मैं आपा को खड़े-खड़े चोदना चाहता था तो आपा ने मुझसे कहा- इतनी जल्दी क्या है, थोड़ा आराम से करते हैं.
फिर मैंने आपा से कहा- आपा मुझे एक बार चूत में लंड डालने दो. बाद में हम आराम से कर लेंगे.

मैंने आपा को एक टांग बिस्तर पर रखने के लिए बोला.
तो आपा ने अपनी एक टांग बिस्तर पर रख दी जिससे उनकी चूत का हिस्सा थोड़ा सा खुल गया.

तभी मैंने अपना लंड अपने हाथ पकड़कर आपा की चूत पर सेट किया और जोर का धक्का दिया जिससे आपा की बहुत जोर की चीख निकली.
आज आपा भी खुलकर चुदना चाहती थी इसलिए वे अपने मुंह से जोर-जोर से आवाज निकाल रही थी क्योंकि आज हमें सुनने वाला कोई नहीं था.

मैंने आपा के बूब्स पकड़ के उनको चोदना शुरू कर दिया.
खड़े-खड़े ही मैं उनकी चूत में धक्के दिए जा रहा था.

आपा के मुंह से बस जोर-जोर की सिसकारियां निकल रही थी.
उनको हल्का सा दर्द भी हो रहा था लेकिन वह आज पूरे मजे लेने के मूड में थी इसलिए उसने हर दर्द को बर्दाश्त कर रही थी.

आपा की लंबाई मेरे बराबर ही थी इसलिए हमें इस पोजीशन में चूत चुदाई करने में कोई खास परेशानी नहीं हो रही थी.

थोड़ी देर ऐसे ही चोदने के बाद मैंने आप को घोड़ी बनने को कहा.
मेरा इतना कहना था कि आपा बिस्तर पर हाथ रखकर उन्होंने अपने पैर नीचे रख लिया और घोड़ी की पोजीशन में आ गई.

मैंने पीछे जाकर अपने लंड को सेट किया और एक झटके में पूरा अंदर डाल दिया.
एकदम से आपा के मुंह से जोर से आआह ह्हह्हह अम्मीईई ईईईईई की चीख निकली.

फिर मैंने आपा की चूत में जोर जोर से धक्के देने शुरू कर दिये.
आपा मेरे हर धक्के का जवाब बहुत ही जोश के साथ दे रही थी.

फिर मैंने अपने दोनों हाथ आपा के बूब्स पर रख दिए और फिर पीछे से धक्के देने चालू रखे.

मुझे ऐसी चूत चुदाई करने में बहुत मजा आ रहा था.

मैंने आपा के मुंह को अपनी तरफ करके उनके होंठों पर अपने होंठ रख दिए और आपा के होंठ चूसता हुआ उन्हें चोदने लगा.

थोड़ी देर बाद मैंने आपा की गांड का छेद देखा तो सोचा कि आज लगे हाथ आपा की गांड भी मार लेता हूँ.
तो मैं अपना लंड उनकी चूत से निकालकर गांड के छेद पर रखकर चलाने लगा.

आपा को पता चल गया कि मैं अपना लंड उसकी गांड में डालना चाहता हूं तो उन्होंने तुरंत मुझे अपने से दूर कर दिया और बोली- यहाँ मत करो भाई, बहुत दर्द होता है.

मैंने आपा को बहुत समझाया लेकिन वे नहीं मानी नहीं!
मेरे ज्यादा कहने पर उन्होंने कहा- गांड में तुम बाद में कर लेना. अभी मेरी चूत की चूत चुदाई करो!

तो मैंने खुश होकर आपा को चुम्मा दिया और आपा की नंगी चूत में लंड डाल कर धक्के देने लगा.

लगभग 5 मिनट तेज तेज धक्के देने के बाद मेरा पानी निकलने वाला था तो मैंने आपा से बोला.
तो आपा ने तुरंत मुझे अपने आप से अलग किया और नीचे बैठकर मेरा लंड मुंह में लेने लगी.

मैंने कहा- आपा, मैं आपके मुंह में झाड़ना चाहता हूं.
पर आपा ने मना कर दिया और मेरे लंड को नीचे अपने बूब के बीच में रख कर मुझसे धक्का देने को कहा.

मैंने उनकी बात मानकर अपने लंड को धक्के देने शुरू कर दिए और जोर जोर से हिला कर पानी निकाल दिया.

हम दोनों भाई बहन चुदाई से थक चुके थे तो हम एक दूसरे के जिस्म से लिपट कर लेट गए और एक दूसरे से बातें करने लगे.

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बहन भाई की चुदाई की स्टोरी का अगला भाग:

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