सास बहू ननद ने की आपस में घपाघप चुदाई

Family Sex Stories

Xxx परिवार सेक्स कहानी में ननद ने अपनी भाभी को सुहागरात मनाने के बाद उसी रात एक दूसरे लंड से चुदवा दिया. उसके बाद तो सास बहू और ननद ने मिल कर सेक्स के जो खेल किये …

मेरी बुरचोदी ननद इतनी बेशरम और बेहया है कि उसने मेरी सुहागरात से पहले ही पूछ लिया- भाभीजान, तुमको किस तरह का लंड पसंद है?
मैंने हैरान होकर कहा- यह कैसा सवाल पूछ रही हो तुम? वह भी ठीक मेरी सुहागरात के पहले?

वह बोली- मैं सही और सटीक सवाल पूछ रही हूँ भाभी जान … क्योंकि सुहागरात का असली हीरो तो लंड ही होता है. लंड ही अगर मन का न हुआ तो फिर सुहागरात किस काम की? बताओ न भाभी जान, तुम किसी तरह का लंड लेना चाहती हो?
मैंने जबाब दिया- देखो यार, अब मेरे शौहर का लंड चाहे जैसा हो, वह मुझे पसंद होगा.

वह फिर जोर देकर बोली- बताओ न भाभी जान प्लीज, तुझे मेरी कसम?
तब मैंने कहा- हां मुझे मोटा और सख़्त लंड पसंद है। पर ऐसा क्यों पूछ रही हो तुम बार बार?

उसने खुल कर बताया- देखो भाभी जान, तेरी सुहागरात की जिम्मेदारी मेरी है और मुझे तुम्हें हर हाल में खुश रखना है. तुम्हारी सुहागरात को कामयाब बनाना है। मुझे यह जिम्मेदारी मेरी अम्मीजान यानि तेरी सास ने दी है और कहा है कि बहू को अपनी सुहागरात में खुश करना तुम्हारी जिम्मेदारी है रेशमा! अगर तेरी भाभीजान अपनी सुहागरात में खुश नहीं हुई तो मैं तेरी माँ चोद दूँगी। अब ऐसे में कहीं कुछ गड़बड़ हो गयी तो तेरी सास मेरी गांड में दम कर देगी.

मैंने कहा- अच्छा अगर मुझे अपने शौहर का लंड पसंद न आया तो तुम क्या करोगी?
वह बोली- तब मैं कोई मोटा लंड अपने हाथ से पेल दूँगी तेरी चूत में! तब तो तुझे मज़ा जरूर आएगा. एक से नहीं आएगा तो दूसरा पेल दूँगी। जब तक तुम मना नहीं करोगी, तब तक मैं पेलती रहूंगी लंड पे लंड?

मेरा नाम सना है दोस्तो.
मैं 24 साल की एक मदमस्त औरत हूँ।
गोरी चिट्टी सेक्सी जिस्म की एक खूबसूरत हॉट लड़की हूँ।

यह Xxx परिवार सेक्स कहानी मेरी है.

मेरी शादी अभी अभी हुई है और मेरी सुहागरात की सेज मेरी ननद ने सजा रखी है।

इससे पहले की मैं अपनी सेज पर दाखिल होती, मेरी ननद मेरे पास आई और मुझसे सवाल करने लगी।
यह सवाल जवाब का दौर आपने बड़े प्यार से सुना।

मेरी शादी नजदीकी रिश्तेदारी में हुई है इसलिए दोनों तरफ के लोगों में आपसी जान पहचान बहुत है।

ख़ैर मैं ननद के सवालों के जवाब देकर अपनी सुहागरात की सेज पर जाकर बैठ गयी और अपने शौहर के आने का इंतज़ार करने लगी यानि उसके लंड का इंतज़ार करने लगी।
एक नई नवेली दुल्हन के लिए उसके होने वाले मरद का लंड बड़ा माने रखता है।

मैं मन ही मन ख़ुदा से दुआ करने लगी- ऐ खुदा, मेरे शौहर का लंड मेरे मन का हो!

जब वह कमरे दाखिल हुआ तो मेरी धड़कनें बढ़ने लगीं।
हम दोनों ने एक दूसरे को बड़ी हसरत भरी निगाहों से देखा।

उसकी चाल ढाल देख कर मैं खुश थी।
वह बिल्कुल दुबई के शेख़ की तरह दिखता है और दुबई में ही रहता भी है।

उसने सारे रीत रिवाज़ किये फिर मेरा घूँघट खोला और मेरी चुम्मी लेकर मुझे प्यार किया।

उसने मुझे अपने सीने लगाया और मैं भी उससे चिपक गई।

धीरे धीरे उसने मेरे कपड़े उतारे और भी उसके कपड़े हौले हौले उतारने लगी।

कुछ देर में मेरे सारे कपड़े उतर गए और उसके भी सारे कपड़े।
हम दोनों एक दूसरे के सामने नंगे हो गए।

मैं तो शादी के पहले भी कई मर्दों के सामने नंगी हो चुकी थी, वह भी शायद कई औरतों के सामने नंगा हो चुका था इसलिए हम दोनों में कोई शर्म या झिझक का भाव कतई नहीं था।

मेरे हाथ में जब उसका लंड आया तो मैंने खुदा का शुक्रिया अदा किया।
लंड वाकई बड़ा मस्त था और जबरदस्त भी।
मैं बड़ी देर तक लंड से खेलती रही।

वह भी मेरी चूचियों से, मेरी चूत से खेलता रहा और मेरे नंगे जिस्म पर प्यार से हाथ फिराता रहा।

फिर मैं लंड चाटने और चूसने लगी तो उसने जोश में आकर लंड एकदम पेल दिया मेरी चूत में!
मेरी चूत तो पहले से ही चुदी हुई थी तो कोई फर्क नहीं पड़ा।
उसका हक्कानी लंड एक ही बार में अंदर पूरा का पूरा घुस गया।

उसने खूब मस्ती से मुझे चोदा और मैंने भी उतनी ही मस्ती से खूब चुदवाया भी।

वह जब चोद कर चला गया तो मेरी ननद एक घंटे के बाद आई और कहा- कैसा रहा तेरे शौहर का लंड भाभीजान?
मैंने कहा- यार लंड तो बड़ा जबरदस्त है, मुझे बहुत पसंद भी आया। उसने मेरी चूत का बजा भी खूब बजाया। मेरी चूत ढीली कर दी। मगर एक बात है यार!

वह बोली- हां बताओ न क्या बात है?
मैंने कहा- मैं तो और चुदना चाहती थी, पर वह लौट कर नहीं आया।

ननद बोली- वह लौट कर नहीं आएगा भाभी जान! तुम चाहो तो किसी और से चुदवा लो. अब तो तेरी सुहागरात हो गई। अब तुम किसी से भी चुदवा सकती हो.
मैंने कहा- अरे नहीं ननद रानी, ऐसे कैसे चुदवा लूँ यार? मेरे शौहर को मालूम होगा तो क्या सोचेगा वह?

फिर वह मेरा हाथ पकड़ कर बाहर ले गई और दूर से दिखाती हुई बोली- वो देखो, तेरा शौहर कितनी मस्ती से तेरी जेठानी की चूत मार रहा है. जेठानी के बाद वह किसी और किसी और की भी चूत चोदेगा। मैं उसे अच्छी तरह जानती हूँ भाभी। तुम शर्म न करो!

मैंने कहा- मेरी सास को मालूम हुआ तो?
वह बोली- तेरी सास बुरचोदी अपने बहनोई से चुदवा रही है। देखोगी?
मैंने कहा- नहीं, समझ गयी कि तुम सच कह रही हो.

मैं अपने कमरे में गयी।

तब ननद ने एक मस्त जवान लड़के को मेरे सामने खड़ा कर दिया।
वह केवल लुंगी पहले पहने था, बाकी नंगे बदन था।

उसकी उम्र लगभग 23 / 24 साल की होगी।

वह बोली- भाभी जान, ये ज़फर मेरा चचिया ससुर। यह मेरी यह रिश्ते में मेरी अम्मी जान का देवर भी लगता है।

ऐसा कह कर उसने ज़फर की लुंगी खींच ली वह नंगा हो गया।
मैंने उसका लंड देखा तो मेरी आँखें खुली की खुली गईं।

ननद ने मेरा हाथ पकड़ कर उसके लंड पर रख दिया और बोली- लो भाभी, अब तुम इसके लंड का मज़ा लो।

मैंने भी लपक कर ख़ुशी ख़ुशी लंड पकड़ लिया।
ननद ने मेरी चादर उतार फेंकी तो मैं उसके आगे एकदम नंगी हो गई।

उसका लंड साला और ज्यादा उछाल मारने लगा।
यह सच है कि ज़फर का लंड मेरे शौहर के लंड से बेहतर था तो मुझे मज़ा आ गया।

ननद चली गयी और मैं उसके लम्बे और मोटे लंड पर टूट पड़ी।
मैं बिल्ली की तरह जबान निकाल निकाल कर लण्ड चाटने लगी।

वह भी मेरी बुर मजे से चाटने लगा.

मेरी चूत बहुत गर्म हो चुकी थी।
मैं मस्ताए जा रही थी; मुझे मज़ा आ रहा था।

तभी अचानक वह घूमा और गच्च से पेल दिया लंड मेरी चूत में!
मैं भी रंडी की तरह भकर भकर बिंदास चुदवाने लगी क्योंकि मुझे किसी का डर तो बिल्कुल नहीं था।

ज़फर के जाने के बाद मेरी ननद फिर आ गयी।
उसे देख कर मैं उससे चिपक गयी और बोली- मज़ा आ गया यार … क्या मस्त लौड़ा है ज़फर का यार!

तब तक मेरी सास भी आ गयी और बोली- जानती हो बहू रानी, ज़फर का लौड़ा तेरी बुरचोदी ननद की चूत का कीमा बनाता है। तेरी ननद को उसका लंड बहुत पसंद है।
ननद बोली- भाभी जान, ज़फर का लंड से तेरी सास का भोसड़ा भी फाड़ता है। और एक बात सुन लो भाभी जान, जब तुम अपनी बुर ज़फर से फड़वा रही थी तो तेरी सास तुझे बाहर से देख रही थी। उसे अपनी बहू की फटती हुई बुर देखने के बड़ा मज़ा आ रहा था।

इतने में सास बोली- बहू रानी, तेरी ननद की माँ का भोसड़ा? … ये तो मुझसे ज्यादा हरामजादी है।
ननद बोली- भाभी जान, तेरी सास बहुत बड़ी चुदक्कड़ है. जाने कितने लंड खाता है इसका भोसड़ा!

तब मुझे भी जोश आ गया तो मैं भी बोली पड़ी- तेरी माँ की चूत ननद रानी, मैं भी बिल्कुल तुम लोगों जैसी ही हूँ।
सास बोली- हां मुझे मालूम है कि तेरी चूत भी कई लंड खाकर आई है बहूरानी। अब मैं तेरी चूत को अपने हाथ से लंड खिलाऊंगी।

ननद बोली- मैं भी तेरी सास के भोसड़ा में लंड पेलूँगी तेरे सामने भाभी जान।

बस बातों ही बातों में हम तीनों ने यह तय किया कि क्यों न हम तीनों मिलकर एक साथ घपाघर चुदाई करें!

बस अगले दिन का प्रोग्राम बन गया।

सास ने सोचा कि मैं लंड पेल पेल कर अपनी बेटी बहू की बुर चोदूँगी.
ननद ने सोचा कि मैं भाभी की बुर चोदूंगी और अम्मी का भोसड़ा.
मैंने भी सोच लिया कि मैं लंड सास के भोसड़ा में पेलूँगी और ननद की चूत में भी।

अगले दिन शाम को मेरा मामू जान शम्मी आ गया।
वह मेरी सास को भी जानता था और ननद को भी।
उन दोनों भी मेरे मामू से मिलकर खुश हुई।

फिर मेरी ननद का ससुर ज़ाहिद भी आ गया।
ज़ाहिद सबका अच्छी तरह परिचय था।

हम सब बड़े मूड में थीं।
रात के 10 बज चुके थे।

एक बड़ा सा बिस्तर ज़मीं पर लग चुका था।

बातें शुरू हो चुकी थी तभी मेरी सास का जेठ अल्ताफ भी आ गया।
ननद का चेहरा खिल उठा।

मैं जब रूम गयी तो वह मेरे पीछे पीछे आई और बोली- भाभी जान, अल्ताफ का लौड़ा बड़ा जबरदस्त है। वह मेरा बड़ा अब्बू है और कुनबे की सारी लड़कियां औरतें इसके लंड की दीवानी हैं।

ऐसा कह कर ननद में मेरी चूत में आग लगा दी।

मैं अपने बड़े ससुर का लंड पकड़ने लिए लालायित हो गई।
मेरा मन हुआ कि मैं सबके सामने उसका लंड खोल कर चूसने लगूँ।

मुझे लंड चूसने का जबरदस्त शौक है।

एक बात तो पक्की है कि मेरी सास और ननद दोनों भोसड़ी वाली इससे चुदवाती जरूर हैं।
तो फिर मुझे क्यों शर्म?

वह भी हमारे साथ बैठ कर गन्दी गन्दी बातें करने लगा।
बातें और अश्लील होने लगी और तभी ननद ने चुपके से मेरे मामू के पजामा का नाड़ा खोला और उसमे अपना हाथ घुसेड़ दिया।
हाथ सीधे उसके लंड तक पहुँच गया।

इधर मेरी सास ने भी देर नहीं लगाई और अपनी बेटी के ससुर ज़ाहिद की लुंगी में हाथ घुसेड़ा और मुस्काराती हुई उसका लंड अंदर ही अंदर सहलाने लगी।

मैं तो तैयार बैठी ही थी।
मैंने जैसे ही अपना हाथ अपने बड़े ससुर की लुंगी में घुसेड़ा, वैसे ही उसने मुझे अपने बदन से चिपका कर खुल्लम खुल्ला बोला- सना बहू, आज मैं तेरे लिए ही आया हूँ। मुझे नई नवेली बीवी की बुर चोदने का बड़ा शौक है।

उसकी बात ने माहौल को बुरी तरह गरमा दिया।

इधर हम तीनों एक दूसरे को आँख मारी और तीनों लंड एकदम से बाहर निकाल लिया।

मेरी नज़र जब तीनों टनटनाते हुए लंड पर पड़ी तो मेरी ख़ुशी का ठिकाना न रहा.
मैंने अल्ताफ के लंड की चुम्मी ली।

सास ने अपनी बेटी के ससुर का लंड चूमा और मेरी ननद ने मेरे मामू का लंड चूमा।

फिर हम तीनों कपड़े उतारने लगी।
तीनों मर्द भोसड़ी वाले को नंगी देखकर अपना आपा खो बैठे और टूट पड़े हम तीनों के नंगे जिस्म पर।

मैं नंगी अपने बड़े ससुर का लंड चाटने लगी, मेरी ननद नंगी नंगी मेरे मामू जान का लंड चाटने लगी और मेरी सास अपनी बेटी के ससुर का लंड नंगी नंगी चाटने लगी।

यह मस्ती, यह अय्यासही, यह सामूहिक चुदाई बहुत कम देखने को मिलती है।

मैंने मौका देख कर मामू का लंड पेल दिया अपनी ननद की बुर में, ननद ने अपने ससुर का लंड पेल दिया अपनी माँ की चूत में, और मेरी सास ने अपने जेठ का लंड पेल दिया मेरी चूत में।

सास बड़ी मस्ती से अपनी बहू की बुर चुदवाने लगी।
बहू भी बड़ी मस्ती से अपनी ननद की चूत चुदवाने लगी और ननद भी भोसड़ी वाली अपनी माँ की चूत चुदवाने लगी।

Xxx परिवार सेक्स से हम सबकी तमन्ना पूरी होने लगी।

पूरा घर चुदाई की आवाज़ों से भर गया।
चुदाई की महक चारों तरफ फ़ैल गयी।
हम सब लोग मज़ा लेने लगे।

फिर क्या रात भर हम सबने लंड अदल बदल कर खूब चुदवाया।

एक दूसरे की बुर में लंड पेला और खूब जी भर के एन्जॉय किया।
क्मैसी लगी आपको यह Xxx परिवार सेक्स कहानी?

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