लेडीज किटी पार्टी का चहेता गुलाम- 2

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Xxx BDSM सेक्स कहानी में पढ़ें कि मेरी मालकिन ने मेरे साथ पीड़ादायक सेक्स करने के बाद मुझे अपनी सहेलियों से मिलवाया जो बाँडेज और डोमिनेंट सेक्स करना चाहती थी.

प्रिय पाठको, सेक्स कहानी के पहले भाग

में आपने पढ़ा था कि एक 20 साल का युवक प्रकाश को महिलाओं का गुलाम बनने का सेक्स वीडियो देखना अच्छा लगता था.
उसका सपना था कि वह भी महिलाओं का गुलाम बनेगा.

प्रकाश जिस दुकान में काम करता था, उस दुकान की मालकिन को यह बात पता चली तो मालकिन ने उसे अपना यौन गुलाम बना लिया.

आगे की Xxx BDSM सेक्स कहानी प्रकाश की जुबानी:

मालकिन- मैंने अपनी किटी पार्टी की 5 खास महिलाओं को गुलाम का वीडियो दिखाया, तो उनको मजा आया. मैंने उन को बताया कि मैं गुलाम का इंतजाम कर सकती हूँ. गुलाम को हर बार 50,000/ देने होंगे तो वे सब राजी हो गई हैं.
ये कह कर मालकिन ने मुझे तैयार रहने को कहा.

मैं खुश था कि गुलाम के खेल का मजा मिलेगा और रूपए भी.

मालकिन- इन 5 महिलाओं में दो 25-26 साल की हैं, दोनों के पति अमीर और उनसे करीब 30 साल बड़े हैं. पतियों की पहली पत्नी से तलाक के बाद बाद यह शादी हुई. दोनों महिलाओं ने ऐशो आराम की जिंदगी के लिए यह शादी की. उनको अपने पतियों से यौन संतुष्टि नहीं मिलती. पति अपनी खीज पत्नियों से गुलाम जैसा बर्ताव करके, उन्हें पीटकर, लंड चुसवाकर करते हैं. वे सम्भोग में जल्द थक कर झड़ जाते हैं.

मैं मालकिन की बात को ध्यान से सुन रहा था.

मालकिन- बाकी 3 महिलाएं अमीर आदमियों की दूसरी (अवैध) पत्नी हैं. जो कुछ भी वे अपनी पहली पत्नी के साथ नहीं कर सकते, इनके साथ करते हैं. जैसे कि पीटना, मूत पिलाना, क्रूर सेक्स, आदि. इन तीनों महिलाओं ने ऐशो आराम की जिंदगी के लिए यह शादी की. इनके पति अपने व्यापार के फायदे के लिए, इन पत्नियों को दूसरों के साथ सोने को मजबूर करते हैं. पांचों महिलाओं का परिवार नियोजन का ऑपरेशन उनके पतियों ने करा दिया है, पतियों को डर है कि बच्चा होने से क़ानूनी अड़चन हो सकती है. पांचों महिलाएं सावधानी रखती हैं कि उनको यौन रोग न हो जाए.

मैं हां में सर हिलाकर इस बात को बता रहा था कि मैं मालकिन की सभी बातें ध्यान से सुन रहा हूँ.

मालकिन- प्रकाश, मैंने तुम्हें इन पांच महिलाओं के बारे में इसलिए बताया कि तुम्हारे साथ गुलाम का खेल खेलते समय ये सब अपनी जिंदगी की झुंझलाहट मिटाने के लिए काफी क्रूर हो सकती हैं.

वर्षा ने मेरे शरीर के अनचाहे बाल हरदम के लिए एलेक्ट्रोसिस से निकलवा दिए थे. मालिश करवाकर तरोताजा कर दिया.
इन दो महीनों में मेरे चूचे रोज ब्रेस्ट पंप लगाने के कारण थोड़े और बड़े हो गए थे.

मालकिन- अगले हफ्ते उनके बंगले में किटी पार्टी है. करीब 10 महिलाएं आएंगी. उनमें ये 5 महिलाएं भी होंगी, जिनके बारे में मैंने बताया है. पार्टी में चाय-नाश्ता, शराब आदि महिलाओं को देना है. यदि 5 खास महिलाओं को तुम पसंद आ गये तब बात आगे बढ़ेगी.

किटी पार्टी के दिन मालकिन ने मुझे काले रंग की हाफ पैंट और बिना बांह की टी-शर्ट पहनाई.

मालकिन ने किटी पार्टी में आयी महिलाओं को कहा- यह प्रकाश है, हमारे यहां काम करता है.

मेरे गोरे बदन और सुंदर चेहरे पर काला रंग जच रहा था. मेरी मांसल चिकनी जांघें, थोड़े बड़े चूचे, साफ़ कांख महिलाओं को सेक्सी लग रहे थे.

पार्टी में महिलाएं कह रही थीं- वर्षा तेरा नौकर तो काफी सुन्दर और जवान है, कभी चखा भी है क्या?

पांच खास महिलाओं को मालूम था कि मैं उनका सेक्स गुलाम बनने को राजी हूँ.

पार्टी के बाद पांचों खास महिलाएं रुक गईं, उन्होंने आपस में कुछ सलाह की.
फिर वे मुझे गेस्ट रूम में ले जाकर बोलीं- प्रकाश अपने कपड़े उतार दो.

मैं इतनी महिलाओं के सामने कपड़े उतारने में शर्मा रहा था.

महिलाओं ने मेरे कपड़े उतारकर नंगा कर दिया और मेरे चिकने बदन, चूचे, कूल्हों की तारीफ़ की.
पांचों मेरा बदन सहलाने लगीं, मुझे चूमने लगीं.
मेरा लंड खड़ा हो गया.

सभी को लंड सुन्दर लगा.
उन्होंने मालकिन को बताया कि उनको गुलाम पसंद आया.

मेरी फिर से डॉक्टरी जांच हुई.
डॉक्टर ने सर्टिफिकेट दे दिया कि कोई यौन रोग नहीं है.
पांचों महिलाओं को रिपोर्ट भेज दी.

दो दिन बाद, सुबह उन दो महिलाओं का आना तय हुआ, जिनके पति बूढ़े थे.

मालकिन ने मुझे चेताया- ये दोनों महिलाओं को अपने बूढ़े पतियों से यौन संतुष्टि नहीं मिलती. प्रकाश, ये दोनों तुम्हें निचोड़ लेंगी.

गुलाम का खेल मालकिन के बंगले में होने वाला था.

सुबह 9 बजे दोनों महिलाएं आ गईं.
मालकिन मुझे उनके साथ बंगले पर छोड़कर दुकान चली गईं.

टेबल पर सूटकेस रखा था, जिसमें गुलाम के लिए सब सामान था.
रस्सी, छड़ी, लकड़ी का खूंटा, हथकड़ी, काली पट्टी आदि उपलब्ध थे.

प्रिय पाठको, मैं यहां उनको महिला 1 और 2 बोलूंगा.

दोनों महिलाओं ने मुझे बंगले के गेस्ट रूम में ले जाकर घुटने के बल खड़ा किया.

मेरे हाथ पीछे लेकर हथकड़ी लगा दी, आंख पर पट्टी बांध दी.

मुझे अपने चेहरे पर महिला 1 के शरीर छूने का अहसास हुआ.
महिला 1 बोली- चाट.

मैंने जीभ निकालकार चाटना शुरू कर दिया.
मैं समझ गया कि मैं चूत चाट रहा हूँ.

मैं चूत चाटने लगा.
तभी अचानक मेरी पीठ पर छड़ी की मार पड़ी.

महिला 1 बोली- रंडी, अब चूत चूसने के लिए भी बोलना पड़ेगा.
मैं चूत चूसने लगा.

महिला 1 मेरा सर चूत में दबा रही थी, काफी देर बाद चूत से पानी की बौछार निकली.
मेरा चेहरा भीग गया.
महिला 1 ने मेरा चेहरा पौंछा.

अब मेरे चेहरे पर दूसरी सूखी चूत छूने लगी.
मैंने जीभ निकालकर चाटना शुरू ही किया था कि मुझे कूल्हों पर मार पड़ी.

महिला 2 बोली- मैंने अभी चाटने को कहा नहीं, फिर कैसे चाटा?
वह मेरे चेहरे पर चूत रगड़ने लगी.

थोड़ी देर बाद बोली- हां, अब चूत चाट और चूस.
उसका भी चूत रस निकल गया.

महिला 2 हट गयी.

मैं घुटनों के बल खड़ा होकर उनकी अगली आज्ञा का इंतजार करने लगा.

महिलाओं ने थोड़ी देर बाद मेरे आंख की पट्टी और हथकड़ी खोल दी.
मुझे खड़ा किया और मेरे चूचे दबाने लगीं.
वो दोनों नंगी थीं.

उनका बदन और चूचे काफी सुन्दर थे.
गेस्ट रूम में दो पलंग थे, मुझे एक पलंग पर पीठ के बल लिटा दिया.

बारी बारी से दोनों महिलाएं अपने चूचे मेरे मुँह के पास लाकर अपने चूचे चुसवा रही थीं, मेरे निप्पल मरोड़ रही थीं.
मेरा लंड खड़ा हो गया.

महिला 1 मेरी तरफ पीठ करके मेरे जांघ पर हाथ रखकर मेरे लंड की सवारी करने लगी.
मैंने आइने में देखा, महिला 2 लंड पर सवार महिला के चूचे दबा और चूस रही थी.

महिला 2 मुझसे बोली- प्रकाश, झड़ना मत, अभी मेरी बारी बाकी है.

मैंने झड़ने से बचने के लिए अपना ध्यान दूसरी तरफ लगा दिया.
काफी देर तक उछलने के बाद महिला 1 झड़ गयी.

अब महिला 2 मेरी तरफ पीठ करके लंड की सवारी करने लगी.

महिला 2 अपने झड़ने से पहले, मेरी तरफ मुँह करके मेरे लंड की सवारी करते हुए कहने लगी- गुलाम, अब तुम झड़ो, मेरे चूचे दबाओ.
मैं नीचे से धक्के लगाने लगा, चूचे दबाने लगा.

हम दोनों एक साथ झड़ गए.

इसके बाद मुझे हुकुम मिला- चाय बनाओ.
मैंने चाय बनाकर दोनों को दी और खुद जमीन पर बैठकर पीने लगा.

थोड़ा आराम करने के बाद महिला 2 ने मेरे निप्पल मरोड़कर मेरा लंड खड़ा किया.
खुद चित लेटकर अपने पांव फैलाकर उसने कहा- गुलाम, मेरे ऊपर आकर मुझे चोदो, पर झड़ना नहीं.

मैं उसे चोदने लगा.
वह कह रही थी- और जोर से चोदो.
पर मुझे जोश नहीं आ रहा था.
वह छड़ी से मेरे पीठ और कूल्हों पर मारने लगी.

शायद मालकिन ने उनको बता दिया था कि पीटने से मुझे जोश आता है.

मैं जोश में जोर से चुदाई करने लगा.
वह झड़ गयी और उसने मुझे अपने ऊपर से उतरने को कह दिया.

महिला 1 उसकी जगह लेट गयी.
उसका हुकुम मिलते ही मैं उसकी चुदाई करने लगा.

गति बढ़ाने के लिए वह मुझे पीट रही थी.
कुछ ही देर में वह भी झड़ गयी.

उसने मुझे भी झड़ने को कहा.
मैंने अपना ध्यान उसके हिलते चूचों पर लगाया और जोरदार चुदाई करके झड़ गया.

उसकी चूत मेरे वीर्य से भर गयी.
उसे संतुष्टि मिल गई.

महिला 2 की चूत मेरे वीर्य से लंड की सवारी करते समय भर चुकी थी.

दोनों मुझे बाथरूम ले गईं, मेरे ऊपर मूतकर मुझे मूत पिलाया गया और मूत्र स्नान कराया गया.
फिर मुझे बोला गया कि नहाकर बाहर आ जाओ.

मेरे बाद दोनों महिलाएं एक साथ नहाकर आईं.

दोपहर के 1 बजे थे, सबने नंगे ही खाना खाया.

महिला 1 मुझसे बोली- हम सब लोग अब थोड़ा सो लेते हैं, तुम भी सो जाओ. फिर 4 बजे चाय बनाकर हमें जगाना.

मैं अलार्म लगाकर सो गया.

ठीक 4 बजे चाय के बाद फिर से खेल शुरू हुआ.

दोनों बारी बारी घोड़ी बनकर पलंग के किनारे खड़ी हुईं.
मैं जमीन पर खड़े होकर चुदाई करने लगा.

जब मैं एक की चुदाई करता, दूसरी महिला जोश दिलाने के लिए मेरे कूल्हों को लकड़ी के खूंचे से पीटती.
मैं सुबह से तीसरी बार झड़ा था.

मैं और वो दोनों महिलाएं थक गई थीं.

महिलाओं ने मुझे काफी मिठाई खिलाई और खुद भी खाई.
ग्लूकोस डी पानी में घोलकर पिया, पिलाया.

हमारी थकान कम हुई.

उन्होंने मेरे निप्पल मरोड़कर, लंड सहलाकर, लंड को खड़ा किया.

फिर से एक और दौर चुदाई का चला.
मैं चौथी बार झड़ गया.

रात के 9 बजे मालकिन ने दुकान से वापस आकर, गेस्ट रूम के अधखुले दरवाज़े से कहा- खाना खा लो.
हम तीनों ने कपड़े पहने और मालकिन के साथ खाना खाया.

थोड़ी देर गपशप के बाद, दोनों महिलाएं मुझे गेस्ट रूम ले गईं.
दोनों ने मेरा लंड खड़ा करने की कोशिश की. मेरा लंड खड़ा नहीं हो रहा था.

उन्होंने मुझे एक टेबलेट खिलाई.
थोड़ी देर बाद मेरा लंड खड़ा हो गया.
दोनों ने मेरे लंड की सवारी बहुत देर तक की.

मैं पांचवी बार झड़ गया, मेरा लंड दुःख रहा था.
थकान से मेरी हालत ख़राब थी.
फिर सभी सो गए.

सुबह मुझे पैसे देकर वे बोलीं- मजा आया. जल्दी ही फिर से मिलेंगे.
वे चली गईं.

मैं मालकिन के साथ दुकान चला गया.

एक हफ्ते बाद मालकिन ने मुझे बताया, तुमको 3 महिलाओं ने बुलाया है. तुम उनसे किट्टी में मिल चुके हो.

तीनों अपने अपने पति की दूसरी (अवैध) बीवी हैं. उनको फार्म हाउस में पति और पति के भेजे मर्दों के साथ जरूरत से ज्यादा क्रूर यौन झेलना पड़ता है. वे लोग अपना आक्रोश तुम पर निकाल सकती हैं. गुलाम का खेल फार्म हाउस में होगा.

तय दिन शाम 6 बजे मुझे फार्म हाउस के एक कमरे में ले जाया गया.
कमरे में सोफा, टेबल, पलंग, बार था.
छत से और दीवार पर लगे खूंटों से रस्सी लटक रही थी.

तीनों महिलाएं हाफ पैंट और टी-शर्ट में सोफे पर बैठी थीं.

उन्होंने मुझे हुक्म दिया- नंगे हो जाओ.
मैं नंगा हो गया.

मुझे एक पतली लम्बी रस्सी देकर कहा गया- रस्सी को लंड की जड़ और गोटी के नीचे लपेटकर बांध लो.
मैंने वही किया.

मुझे तीनों को बियर सर्व करने को कहा गया.
तो मैंने उनको बियर दी.

तब मुझे कुत्ते की तरह खड़ा किया गया, मेरी गांड में पूंछ और वाइब्रेटर लगा आस प्लग ठूंस दिया गया.

महिला 1 बोली- अब लग रहा है पूरा कुत्ता. चल कुत्ते, सबके पाँव चूम चाट और पूंछ हिला. आज तुझे पानी नहीं, मूत पीना है.

मैं पाँव चूमने चाटने लगा. कमर हिलाकर पूंछ हिलाने लगा.
फिर उन्होंने अपने पैर का अंगूठा चुसवाया.

महिला 1- अब मैं कुत्ते की सवारी करूँगी.

मेरी पीठ, कंधे पर बेल्ट लगा दिया, जैसा कुत्ते को पहनाते हैं.
मेरी गोटी और लंड की जड़ में बंधी रस्सी में घंटी लटका दी गई.

वह मेरी पीठ पर बेल्ट पकड़कर बैठकर बोली- जब तेरी गांड का वाइब्रेटर चालू होगा, तब चलना है. वाइब्रेटर बंद होने पर रुकना है.
महिला 2 ने रिमोट से वाइब्रेटर चालू कर दिया.

मैं कालीन पर चलने लगा.
चलते समय घंटी हिलकर बज रही थी.

जब वाइब्रेटर बंद हुआ तो मैं गलती से रुका नहीं.

महिला 2 ने मेरे कूल्हों पर जोर से बेल्ट से मारकर कहा- रुका क्यों नहीं कुत्ते?
मुझे गलती का अहसास हुआ, मैं सॉरी कहकर रुक गया.

फिर महिला 2 ने मेरी सवारी की.
जब मैं थककर रुकता, तो मुझे बेल्ट की मार पड़ती.

उसके बाद जब महिला 3 मेरे पीठ पर बैठी तो मैं बहुत थक गया था.
मार खाने के बाद भी बार बार रुक जाता.
तब महिला 1 मेरी गोटी और लंड के जड़ में बंधी लम्बी रस्सी पकड़कर खींचने लगी.

मुझे जोर का दर्द हुआ, ऐसा लगा कि गोटी, लंड उखड़ ही जाएंगे.
मैं चलने लगा.

सवारी का खेल ख़त्म होने के बाद मैं थककर कालीन पर लेटकर पानी पानी बोलने लगा.

महिला 2 बाथरूम गयी.
जब वह वापस आयी, उसके हाथ में प्लास्टिक का मग था.
उसमें ग्लूकोस डी डालकर वो बोली- पी ले और थोड़ा आराम कर ले.
मग में मूत्र था, मैं पी गया.

महिलाएं आपस में बात कर रही थीं.

कालीन पर लेटते ही मुझे मुझे नींद आ गयी. एक घंटे बाद मेरी थकान दूर हो चुकी थी.

एक ने मुझे जगाकर कहा- बाथरूम में फ्रेश होकर गांड साफ़ करके आ.

जब मैं बाथरूम होकर आया, तीनों महिलाएं आपस में बात कर रही थीं कि आज इसकी म्यूजिकल चुदाई करेंगे. जैसी हमारी होती है.

मैंने देखा कि तीनों अपने हाफ पैन्ट के ऊपर स्ट्रेप ऑन डिल्डो पहनकर बैठी थीं.

उन्होंने मुझे कुतिया की तरह एक नीची और मजबूत टेबल पर खड़ा किया.
मेरे हाथ टेबल के पैरों से बांध दिए और मेरे निप्पलों पर कपड़े सुखाने का क्लिप लगा दिया.

उन क्लिप्स में घंटी लटक रही थीं.
एक महिला डिल्डो से मेरी गांड मारने लगी.

उसके हर झटके के साथ मेरे निप्पल और गोटी पर लटकी घंटी बजने लगती.
बीच बीच में वो मेरे कूल्हों पर स्केल से ऐसे मार रही थी, जैसे ड्रम बजा रही हो.
मुझे म्यूजिकल चुदाई का मतलब समझ में आ गया.

दूसरी महिला अपना डिल्डो मुझसे चुसवा रही थी.

बारी बारी से उन तीनों ने मेरी गांड मारी.
फिर मेरे हाथ खोलकर मुझे आराम करने की कहकर वो सब टीवी देखने चली गईं.

करीब एक घंटे बाद महिलाओं ने कमरे में आकर मेरे गले में बेल्ट पहना दिया, उसमें चेन लगी थी.

इस बार महिलाएं काफी बड़ा वाला डिल्डो पहनी हुई थीं.
एक बोली- आज तेरी ऐसी गांड मारेंगे कि तुझे याद रहेगा.
मैं समझ गया, महिलाओं का मुझे दर्द देने का इरादा है.

मेरे कहने पर मालकिन ने इतने मोटे डिल्डो से मेरी गांड कई बार मारी थी कि मुझे मजा आया था इसलिए मुझे मोटे डिल्डो से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला था.

मैं महिलाओं को खुश करने के लिए डरने का नाटक करने लगा, गिड़गिड़ाने लगा कि इतना मोटा मैं नहीं ले पाऊंगा.

उन महिलाओं ने अट्टाहस किया.
एक ने मेरे गले की चेन पकड़कर मुझे बेल्ट से पीटते हुए कहा- चुपचाप पलंग पर लेट जा.
थोड़ी पिटाई के बाद मैं पलंग पर चित लेट गया.

महिलाओं ने मेरे हाथ फैलाकर पलंग से बांध दिए; मेरी कमर के नीचे तकिया लगाया और मेरे पैर छाती की तरफ ले जाकर बांध दिए.

तभी मैंने सुना कि एक महिला दूसरी से कह रही थी- प्रकाश, एक ही छेद में लेने से डर रहा है, जबकि हम लोगों की दोनों छेद की चुदाई एक साथ होती है.

इसके बाद बारी बारी से तीनों ने मेरी गांड मारी.
मैं उन्हें दिखाने के लिए ऐसे छटपटा रहा था, जैसे बहुत दर्द हो रहा है.

वो सभी महिलाएं मेरा दर्द देखकर खुश हो रही थीं.
एक घंटे बाद चुदाई ख़त्म हुई.

सभी ने खाना खाया और सो गईं. मैं भी सो गया.

सुबह महिलाओं ने मुझे ज्यादा रूपए देकर कहा- हमें तुम्हारे साथ बहुत मजा आया और तुम्हें?
मैंने कहा- मुझे भी मजा आया.

मुझे सचमुच में मजा आया था.
पूरे खेल के दौरान महिलाओं ने अपने कपड़े नहीं उतारे थे.

उसके बाद मुझे कई बार बुलाया.
मेरी ख्याति अन्य महिला किटी ग्रुप में फैलने लगी.

उसके दो कारण थे, एक तो मैं महिलाओं की सुप्त इच्छाओं को पूरी करके उनको पूरा आनन्द देता था.
दूसरा ये कि मैं किसी महिला के साथ हुई अंतरंग घटनाओं के बारे में दूसरों को नहीं बताता.
इसकी सलाह मालकिन ने दी थी.

मेरी काफी कमाई हो रही थी जो मैं बैंक में जमा कर रहा था.

कमाई का जरिया क़ानूनी दिखे, इसके लिए मालकिन ने मेरे नाम की इवेंट मैनेजमेंट कंपनी खोल दी.

इवेंट मैनेजर के रूप में जब मैं किटी पार्टी में जाता, तो किसी को शक नहीं होता कि मैं वहां क्यों गया.

मैं अपने साथ में कुछ सामान भी ले जाता.
किटी पार्टी की व्यवस्था का बिल मैं देता, मुझे चैक अथवा कॅश से पैसा मिलता, मैं उसकी रसीद देता.
मैं टैक्स भी भरता.

हर माह मेरी डॉक्टरी जांच होती.

अलग अलग ऐज ग्रुप की, हाई फाइ सोसाइटी की महिलाओं की कई किटी पार्टी ग्रुप शहर में थे, उनकी जरूरत अलग अलग थी.
मैंने 20 से 65 साल की महिलाओं को अपनी सेवा दी.

जिस महिला की जो सुप्त इच्छा अपने पति, प्रेमी के साथ पूरी नहीं हुई, वो उसने मेरे साथ पूरी की.

कोई सिर्फ चूत चुसवाती, कोई मेरे लंड की सवारी करती, मुझे उनको चोदने को कहती.
तो कोई मेरा लंड चूसती, कभी डिल्डो लगाकर मेरी गांड मारती.
कोई अपनी चूत में मेरा मुँह रखवाकर मुझे मूत्र पिलाती. कोई अपना गुस्सा शांत करने मुझे पीटती. कोई मुझे नंगा करके, खुद भी नंगी होकर अपनी मालिश करवाती. मैं उनको नहलाता भी.

किटी पार्टी जिस महिला के घर होती, वह अपने घर के सदस्यों को कुछ घंटे घर से बाहर रहने को कहती.
अपनी और सहेलियों की प्राइवेसी के नाम पर ऐसा करना जरूरी होता.

ज्यादातर पार्टी किसी बंगले या फार्म हाउस में होती, जिसमें गेस्ट रूम होता.
कुछ महिलाएं मेरे साथ मजे करने की बात गुप्त रखना पसंद करतीं.

ऐसी महिला पार्टी के पहले गेस्ट रूम में चली जाती, मैं वहां पहुंच जाता. पार्टी में नहीं जाती.

कुछ महिलाओं को मेरे सामने अपने कपड़े उतारना अच्छा नहीं लगता या अपनी पहचान गुप्त रखना चाहतीं, वो मेरी आंखों में पट्टी बांधकर मेरे साथ मजे करती.

मुझे अपने काम में मजा आता और कमाई भी होती.

ऐसे ही सात साल निकल गए.
मेरे पास काफी रूपए इकट्ठे हो गए, मेरी उम्र 27 साल हो गयी.

मैं मालकिन के बंगले में रह रहा हूँ.
अब तो मालकिन के साथ एक ही बिस्तर पर सोता हूँ.

मालकिन का अकेलापन दूर हो गया है और मेरे साथ यौन क्रीड़ा की संतुष्टि के कारण उनकी उम्र कम लगी.

मुझसे 15 साल बड़ी हैं मालकिन … पर उतनी लगती नहीं हैं.
जब मालकिन मुझे उनके ऊपर चढ़कर मिशनरी पोजीशन में चोदने कहतीं तो मैं उन्हें चोदने लगता.
मगर मुझे तब तक पूरा जोश नहीं आता, जब तक मालकिन मेरे कूल्हों की पिटाई नहीं करतीं.

Xxx BDSM सेक्स से मैंने काफी रूपए जमा कर लिए.
मालकिन के मार्ग दर्शन से मेरी खुद की दुकान खुल गयी है. उसका नाम प्रकाश गारमेंट्स रखा है.

मैंने अपनी माँ और उनके नए पति को दुकान के उद्घाटन में बुलाया.

अब मैं दुकान का मालिक हूँ, अमीर लोगों में मालकिन मेरा परिचय अपने दोस्त कहकर देती है.
मैंने लोगों को कहते सुना कि प्रकाश वर्षा का बॉयफ्रेंड है, दोनों लिव इन करते हैं.

जिन महिलाओं को मेरे बारे में पता है, वे भी अपना मुँह नहीं खोलतीं.

मैं और मालकिन पितृ पक्ष में जब बिक्री कम होती है, घूमने जाते हैं. किसी रिज़ॉर्ट में रहते हैं.

मुझे अब किटी पार्टी में गुलाम बनने नहीं बुलाया जाता है.
मैं भी नहीं जाता हूँ क्योंकि मेरा शौक पूरा हो गया है.

आपको ये Xxx BDSM सेक्स कहानी कैसी लगी, प्लीज जरूर बताएं.
अपने मेल में कहानी का नाम भी लिखें.

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