रिटायरमेंट के बाद जिंदगी में फिर से बहार आयी- 2

Indian Sex Stories

वाइफ स्वैप ओल्ड ऐज सेक्स का मजा अनायास ही दो दोस्तों ने एक दूसरे की बीवी के साथ ले लिया. और यह सब उन दोनों की रिटायरमेंट के बाद हुआ. खुद पढ़ कर मजा लें.

कहानी के पहले भाग

में आपने पढ़ा- अशोक, अनिशा और रतन, रंजना पति पत्नी थे। उनमें गहरी दोस्ती थी। 8 साल बाद अशोक को दूसरे शहर में नौकरी मिली, अशोक, अनिशा चले गए।

60 की उम्र में रिटायर होने के बाद रतन ने अशोक से संपर्क किया।
चारों हिल स्टेशन महाबलेश्वर में एक हफ्ते के लिए गए.

मिलने पर पता चला कि अशोक और रत्न की पत्नी रंजना को, पूजा पाठ कर्मकांड, तीर्थ ही अच्छा लगता है, यौन में उनकी रूचि नहीं रही।
इसके विपरीत, रत्न और अशोक की पत्नी अनिशा को- मौज मस्ती, पार्टी, धूमना अच्छा लगता है, यौन की उनकी इच्छा मरी नहीं।
महाबलेश्वर में अशोक रंजना एक साथ घूमकर खुश थे।
रत्न अनिशा साथ घूमकर खुश थे।

चारों ने तय किया पुणे के पास एक बंगला खरीदकर साथ रहेंगे।
समाज की नज़र में पति पत्नी रहेंगे, पर पति पत्नी की अदला बदली कर लेंगे.

अब आगे वाइफ स्वैप ओल्ड ऐज सेक्स:

चारों पुणे जाकर रत्न के फ्लैट में रुके।
उनको बंगला पसंद आया, एक हफ्ते में चारों के नाम से रजिस्ट्री हो गयी।

अशोक, रत्न ने अपना अपना फ्लैट किराए पर दे दिया और बंगले में रहने लगे।

एक किचन में रंजना अपने और अशोक के लिए वेज खाना बनाती, दूसरे किचन में अनिशा अपने और रतन के लिया नॉनवेज खाना बनाती।

जैसा तय हुआ था अशोक और रंजना (रत्न की पत्नी) एक बेडरूम में सोते।
दूसरे बेड रूम में रत्न और अनिशा (रत्न की पत्नी) सोते।
बाकी दो बेडरूम गेस्ट रूम हैं.

बेडरूम में रत्न बोला- अनिशा, अब हम पति पत्नी के रिश्ते की शुरुआत करें?
अनिशा- ऐसे नहीं, पहले हम शादी करेंगे। तभी मुझे पत्नी वाली फीलिंग आएगी। अशोक और रंजना दो दिन बाद 10 दिनों के तीर्थ यात्रा पर जाने वाले हैं, तब हम शादी करेंगे.

अशोक और रंजना के जाने के बाद:

रत्न फूल की माला और फूल अदि लेने चला गया।
अनिशा दूसरी कार लेकर ब्यूटी पार्लर गयी, फुल बॉडी वैक्सिंग, फेशीयल कराने!

बंगले में वापस आकर रत्न ने अच्छे से शेविंग की, कांख और झांट के बाल साफ़ किये।
रंजना ने अपनी चूत के बाल साफ किये, क्रीम लगायी।

दोनों उत्साहित थे.

शाम को रत्न ने कुरता पजामा पहना।
अनिशा ने दुल्हन का शृंगार किया.
वह खूबसूरत लग रही थी.

ड्राइंग रूम में शाम को शादी का मन्त्रोच्चार लैपटॉप में लगा दिया।
दोनों ने एक दूसरे को माला पहना कर शादी की.

रत्न ने अनिशा की मांग में सिंदूर लगाया।
दोनों ने शादी की पार्टी की, हल्का खाना खाया, रात को मेहनत जो करनी थी।

रत्न ने बेडरूम के पलंग को फूलों से सजा रखा था.
कमरे में धीमी लाइट थी।

अनिशा सुहागसेज पर घूँघट करके बैठी.
रत्न ने कमरे में आकर अनिशा का घूँघट उठा कर कहा- मेरी दुल्हन बहुत सुन्दर है!
अनिशा ने शर्माकर सर झुका लिया।

रत्न ने अनिशा की आंखों, होंठों को चूमा.
उसे प्यार से लिटाकर बांहों में लेकर चूमने लगा.

अनिशा उसका साथ दे रही थी.
दोनों एक दूसरे के होंठ चूमने, चूसने लगे.

रत्न अनिशा के चूचे दबाने लगा, अनिशा सिसकारी ले रही थी।
पता नहीं चला कब दोनों ने एक दूसरे के कपड़े उतार दिए।

रत्न हसरत से अनिशा के भरे हुए स्तन देख रहा था।
अनिशा बोली- ऐसे मत देखो, शर्म आती है।

रत्न बारी बारी एक चूचे को दबाने दूसरे को चूस रहा था।

अनिशा अपने बदन पर खड़े लंड को महसूस कर रही थी, उसकी चूत गीली होने लगी.
उसकी चूत 15-16 साल सम्भोग न करने से टाइट हो गयी थी.

उसने पलंग के पास टेबल पर नारियल तेल की प्लास्टिक की बोतल रख दी थी.

फोरप्ले के बाद अब सम्भोग की बारी थी।
रत्न ने अनिशा को प्यार से पीठ के बल लिटा दिया.
अनिशा ने अपने घुटने मोड़कर पांव फैला दिए।

रत्न पैरों के बीच आया, अपना लंड अनिशा की चूत में डालने की कोशिश करने लगा।
चूत टाइट होने के कारण लंड अंदर नहीं जा रहा था।

रत्न ने टेबल पर तेल की बोतल देखी, उसने अपने लंड पर तेल लगा लिया. रत्न ने लंड चूत पर रखा, और हल्का झटका दिया.
तेल लगा होने के कारण लंड चूत में चला गया.

रत्न को लगा कि वह टाइट कुंवारी चूत में लंड डाल रहा है।
अनिशा को दर्द हुआ, उसके मुँह से हल्की चीख ‘आ आ’ निकली।
उसे लगा जैसे उसकी चूत की सील टूटी है।

रत्न थोड़ी देर लंड चूत में रखकर रुका तो अनिशा का दर्द कम हुआ, उसने मुस्कुराकर कमर हिलायी।
अब रत्न अनिशा को चोदने लगा, अनिशा कमर उचकाकर साथ दे रही थी।

दोनों इतने साल बाद सम्भोग से उत्तेजित थे।
10 मिनट में दोनों एक साथ झड़ गए।

दोनों के चेहरे पर संतोष भरी मुस्कान थी।

अनिशा को अपनी चूत में भरा रत्न का वीर्य ऐसा लग रहा था जैसे गर्मी के बाद बारिश हुई हो!

अनिशा नंगी बाथरूम जाने लगी.
उसके भरे कूल्हे चलते समय थिरक रहे थे, रत्न को वे मनमोहक लगे।

वापस आकर अनिशा नाइटी पहनकर बोली- मैं चाय बनाती हूँ।
रत्न ने लंड धोकर पजामा पहन लिया.

दोनों चाय पीने लगे.
रत्न- मेरी और रंजना की पसंद अलग हो गयी है जिससे हरदम झगड़ा होता था। मैंने सुखी जीवन की आशा छोड़ दी थी। अनिशा, तुमसे मिलन के बाद मुझे लगा जैसे मेरी जिंदगी में फिर से बहार आ गयी.

अनिशा- 15-16 साल पहले हमारी पसंद और विचार अलग हो गए थे, जिससे मेरा अशोक के साथ झगड़ा होने लगा था। आज मुझे लगा मेरी निराशा के दिन ख़त्म हो गए। अब बहार के दिन हैं.

रत्न ने अनिशा को गले लगा लिया.
अनिशा के चूचे रत्न की छाती में दबे थे, दोनों को अनोखा आनन्द मिल रहा था।

दोनों बिस्तर पर आ गए, आनन फानन दोनों नंगे हो गए।

अनिशा फैलाकर पीठ के बल लेट गयी.
रत्न रस लेकर अनिशा को धीरे धीरे चोदने लगा.

इस बार उसने जल्दी नहीं की।
उसका चोदने का अनुभव काम आ रहा था।

रत्न थोड़ी देर चोदने के बाद रुकता, अनिशा के चूमता, स्तन दबाता, चूसता फिर चोदने लगता.
अनिशा कमर उचकाकर साथ दे रही थी.

थोड़ी देर बाद रत्न बोला- अनिशा, क्या तुम ऊपर आना पसन्द करोगी?
अनिशा इसका ही इतंजार कर रही थी, उसने हाँ में सर हिलाया.

रत्न लेट गया, अनिशा उसके लंड की सवारी करने लगी।
अनिशा के चूचे हिल रहे थे।

रत्न उसके चूचों को दबाने लगा, दोनों सिसकारी भर रहे थे।
फिर अनिशा घोड़ी की तरह पलंग के किनारे खड़ी हुई, रत्न फर्श पर खड़े होकर इत्मीनान से चोदने लगा।

दोनों को अपनी अपनी शादी के बाद के कुछ वर्ष सम्भोग का अनुभव था, जो आज काम आया।
उनका सम्भोग आधा घंटे चला, दोनों झड़ गए और नंगे एक दूर की बांहों में सो गए.

दूसरे दिन सुबह जब अनिशा नहाने जाने के लिए जा रही थी तो रत्न ने पूछा- अनिशा क्या मैं तुम्हारी मालिश कर दूँ?
अनिशा झिझक रही थी।
रत्न- अब हम पति पत्नी हैं, शर्माओ मत!

अनिशा ने पुरानी चादर पलंग पर बिछा दी और कपड़े उतारकर पेट के बल लेट गयी।

रात की धीमी लाइट में रत्न अनिशा का बदन ठीक से नहीं देख पाया था।
रत्न अपने कपड़े उतार अनिशा की पीठ, उभरे कूल्हों और मांसल जांघो की मालिश करने लगा.

अनिशा के गदराये बदन को देखकर उसका लंड खड़ा हो गया.

फिर अनिशा चित लेटी, रत्न अनिशा के भरे चूचों की मालिश कर रहा था, अनिशा की चूत गीली होने लगी।
अनिशा ने रत्न के खड़े लंड को प्यार से देखा, जिसने कल रात उसे इतना सुख दिया था।

जब रत्न अनिशा के जांघो की मालिश कर रहा था, उसने अनिशा की चिकनी चूत को देखा और चूत पर हाथ फेरने लगा.

अनिशा सिसकारी लेने लगी और अपने पांव फैला दिए।
रत्न अनिशा के ऊपर आया और रुक रुक कर चोदने लगा, चूचे दबाने लगा.

अनिशा कमर हिलाकर साथ दे रही थी.
झड़ने के बाद दोनों साथ साथ नहाये.

जुलाई का महीना था, शाम को बारिश होने लगी।
अनिशा वोडका, रत्न व्हिस्की पी रहा था.

रत्न- अनिशा, तुमने कभी सेक्स का वीडियो देखा है?
अनिशा- हाँ, सहेलियों के साथ कई बार!

रत्न- वीडियो में मुख मैथुन देखकर मेरी तमन्ना है करके देखने की!
अनिशा- आज रात करके देखते हैं. करने से पहले गुप्त अंग साबुन से धो लेंगे.

रात को दोनों फोरप्ले के बाद कपड़े उतारकर 69 आसन में आ गए।
रत्न अनिशा की चूत में जीभ डालकर चूत चूस रहा था, भगनासा को चूस रहा था।

अनिशा ने पहले रत्न के लंड को चूमा फिर लंड चूसने लगी।
दोनों को असीम आनंद आ रहा था, दोनों कमर हिला रहे थे।

15 मिनट बाद अनिशा की चूत से ढेर सा कामरस निकला, थोड़ा रत्न ने पी लिया।
रत्न का वीर्य अनिशा के मुँह में भर गया, उसने बाथरूम में जाकर थूक दिया.

रत्न- बहुत मजा आया!
अनिशा- मुझे भी!

रत्न- वीर्य में प्रोटीन और विटामिन होते हैं, पी सको तो पी जाना!
अनिशा- कोशिश करुँगी, मैंने भी पढ़ा है वीर्य पीना अच्छा होता है।

दोनों सो गए।

अगली बार मुख मैथुन के समय अनिशा ने वीर्य पीया, उसे अच्छा लगा.

दोनों साथ नाश्ता बनाते खाते, बगीचे में पेड़ पौधों की देखभाल करते, बंगले का मंदिर साफ़ करते।
मजाक मौज करते उनकी जवानी लौट आयी थी।

तीसरे दिन दोनों ने शॉपिंग की, अनिशा के लिए सेक्सी नाइटी छोटा स्कर्ट खरीदा।
सिनेमा देखकर दोनों ने होटल में खाना खाया.

अनिशा सुबह नहाने के बाद मैक्सी पहनती, अंदर ब्रा पैंटी नहीं पहनती.

रत्न का गुड मॉर्निंग कहने का तरीका अनोखा है, वह पहले अनिशा के आँख होंठ चूमता; फिर अनिशा के पीछे जाकर उसकी मैक्सी कमर तक उठा देता, उसके मांसल कूल्हों को चूमता, फिर मैक्सी के अंदर हाथ डालकर चूचे दबाता, उसका लंड अनिशा के कूल्हों को छूता!

शाम को दोनों सभोग की वीडियो देखते, उसके अनुसार अलग अलग आसनो में सम्भोग करते।
दोनों ने ड्राइंगरूम, किचन, दोनों गेस्टरूम, बरामदे में यौन क्रीड़ा और सम्भोग किया.
सिर्फ रंजना के बेडरूम में नहीं किया.

अब अशोक और रंजना के बारे में:

अशोक और रंजना पहाड़ी इलाके में 10 दिन के लिए गए थे, वहाँ काफी ठण्ड थी।
जब दोनों मंदिर में पूजा कर रहे थे, पंडित ने उनको पति पत्नी समझकर पूजा करवाई।

उन्होंने होटल में एक ही कमरा लिया था.

कमरे में पहुंचकर :

रंजना- हम दोनों ने पति पत्नी की तरह साथ में पूजा की, क्या यह ठीक है?

अशोक- रंजना, मैं तुमको मन से पत्नी मान चुका हूँ, हमारे विचार और पसन्द मिलती है, मैं तुमको प्यार करने लगा हूँ। जब हम महाबलेश्वर में मिले और साथ घूमे, मेरे जीवन की निराशा चली गयी। हम आज ही इसी कमरे में शादी करेंगे.

रंजना- मैं भी तुमसे प्यार करने लगी हूँ.

अशोक दुकान से फूल की माला और सिंदूर ले आया।
दोनों ने एक दूसरे को माला पहनाई, अशोक ने रंजना की मांग में सिंदूर लगाया।
अशोक ने रंजना के कपाल, आंख और होंठों को प्यार से चूमा.

रात को जब ठण्ड बढ़ी तो दोनों एक ही कम्बल के नीचे आपस में लिपटकर सो गए।
उसके बाद से पूरी यात्रा में दोनों एक दूसरे का और ख्याल रखते, आग्रह से एक दूसरे को खाना, फल खिलाते।

अब दोनों के स्वास्थ में सुधर आने लगा। अब उनको एक दूसरे से संकोच नहीं होता।

रंजना नहाने के बाद साया ब्लाउज में बाथरूम से निकलती, कमरे में आकर अशोक के सामने साड़ी पहनती.

आठवीं रात जब रंजना और अशोक होटल के कमरे साथ साथ एक ही कम्बल के नीचे लेटे थे।
जोर से बिजली कड़की और बारिश होने लगी, लाइट चली गयी।

रंजना अशोक से लिपट गयी.
अशोक रंजना के लब चूमने लगा, रंजना भी अशोक के अधरों को चूमने लगी।

तब अशोक रंजना की चूची नाइटी के ऊपर दबाने लगा, फिर अशोक नाइटी के अंदर हाथ डाला और रंजना के चूचे दबाने लगा।
रंजना सिसकारी लेने लगी।

दोनों ने एक दूसरे के कपड़े उतार दिए.

अशोक रंजना के ऊपर आया, रंजना ने समर्पण में पांव फैला दिए।
अशोक रंजना के पैरों की बीच अपने घुटनों पर बैठकर अपना खड़ा लंड सहला रहा था।

उसे अपनी सुहागरात याद आ गयी, कैसे जब वह अपना लंड बीवी की चूत नहीं डाल पा रहा था, फिर उसने लंड पे तेल लगाकर डाला था।

अशोक ने सोचा इतने सालों रंजना ने सम्भोग नहीं किया है, हो सकता है उसकी चूत टाइट हो गयी हो.

थोड़ी देर पहले रंजना ने अपने पैरों पर वैसलीन लगाई थी।
वैसलीन की डिब्बी तकिये के पास रखी थी।

अशोक वैसलीन अपने लंड पर लगाकर धीरे धीरे लंड रंजना की चूत में डालने लगा।
रंजना को थोड़ा दर्द हुआ पर उसकी गीली चूत और वैसलीन के कारण लंड आसानी से चला गया।

अशोक प्यार से चुदाई करने लगा।

दोनों झड़ने के बाद लिपटकर सो गए।

सुबह दोनों एक साथ नहाये।

नाश्ता करते समय अशोक बोला- मेरी यौन की इच्छा ख़त्म हो गयी थी, रंजना तुम्हारा साथ और प्यार पाकर फिर जाग उठी।
रंजना अशोक को गले लगाकर उसके कान में बोली- मुझे भी ऐसा लगा। यौन की इच्छा दिमाग से आती है। चलो हम भगवान को धन्यवाद कहें, हमारे जीवन में फिर से बहार लाने के लिए!

अगले दो दिन दोनों ने कई बार अलग अलग आसनो में सम्भोग का मजा लूटा, मुखमैथुन भी किया।
दोनों को लग रहा था कि उनकी जवानी लौट आयी है.

अशोक और रंजना वापस लौटे, दोनों बहुत खुश दिख रहे थे।
रत्न और अनिशा ने उनका स्वागत किया।

अनिशा ने सबके लिए शाकाहारी लंच बनाया.

अनिशा ने देखा कि रंजना पहले थोड़ा सा सिंदूर लगाती थी, अब रंजना की पूरी मांग सिंदूर से भरी थी.
रंजना अशोक का ख्याल पत्नी की तरह रख रही थी।

खाने के बाद रंजना और अनिशा बात करने बैठी.

अनिशा- मैंने देखा है घूमकर आने के बाद तुम और अशोक बहुत खुश हो, तुम्हारी पूरी मांग सिंदूर से भरी है। क्या बात है?
रंजना- हम दोनों ने आपसी सहमति से अपने पतियों की अदला बदली की। मंदिर में हम पति पत्नी की तरह पूजा करते थे, जो हमें ठीक नहीं लगा। मैंने अशोक से शादी कर ली. आशा है तुम्हें बुरा नहीं लगेगा.

अनिशा- मैंने भी शादी कर ली रत्न से! मुझे ख़ुशी है कि रंजना तुम और अशोक खुश हो.

अब अनिशा ने रत्न को, रंजना ने अशोक को उनकी शादी की बात एक दूसरे को बता दिया है।

रत्न ने रात को चारों की नयी शादी की ख़ुशी में पार्टी का प्रस्ताव दिया.
सब राजी हो गए।
खाना शाकाहारी तय हुआ.

पार्टी के दौरान सभी ने माना कि उनकी पहली शादी के बाद के कुछ वर्ष अच्छे रहे। बाद में विचार और पसंद अलग अलग हो गए जिससे मनमुटाव और निराशा आ गयी थी।
इस दूसरी शादी के बाद लगा कि जिंदगी में फिर से बहार आ गयी है.

यह तय हुआ कि समाज और कानून की नजर में अशोक अनिशा और रत्न रंजना पति पत्नी रहेंगे, उनका बैंक का जॉइंट अकाउंट वैसा ही रहेगा। बंगला चारों के नाम से है ही।
नये पति पत्नी की जोड़ी बेडरूम में साथ रहेगी। जब कोई रिश्तेदार बंगले में रहने आएगा तो पुराने पति पत्नी साथ रहेंगे। चारों सुख दुःख में साथ रहेंगे.

उम्र बढ़ने के साथ नए पति पत्नी के जोड़े में सम्भोग महीने में 3- 4 बाद ही होता, मुखमैथुन ज्यादा होता।
पर वाइफ स्वैप ओल्ड ऐज सेक्स के बाद उनका प्यार बढ़ता गया।

हर रोज गुड मॉर्निंग किस, गले लगना, चुहलबाजी, चूचे दबाना यौन क्रीड़ा आदि चल रहा है।
साथ नहाना, एक दूसरे की मालिश करना रोज होता है.

जब कोई रिश्तेदार उनके साथ बंगले के गेस्ट हाउस में रहता है, तब पुराने पति पत्नी की जोड़ी बेडरूम में सोती है। परन्तु वे लोग बेडरूम में दूर दूर रहते हैं, कोई किसी को पति पत्नी की तरह नहीं छूता।
चारों पुराना मनमुटाव को भूलकर एक दूसरे को धन्यवाद कहते कि उन्हें मनपसंद साथी के साथ पति पत्नी की तरह रहने का अवसर दिया.

पिछले 10 सालों से चारों सुख से साथ रह रहे हैं.

प्रिय पाठको, आपको वाइफ स्वैप ओल्ड ऐज सेक्स कहानी कैसी लगी? अपने विचार बताते समय कहानी का नाम भी लिखें.

Related Posts

Leave a Reply

DMCA Notice: RedHotStories.com respects the intellectual property rights of others and complies with the Digital Millennium Copyright Act (DMCA). If you believe that any content on this website infringes upon your copyright, please send a detailed notice to admin@redhotstories.com including: (1) your contact information, (2) a description of the copyrighted work you claim has been infringed, (3) the exact URL(s) of the allegedly infringing material, (4) a statement that you have a good faith belief that use of the material is not authorized by the copyright owner, and (5) a statement made under penalty of perjury that the information in your notice is accurate and that you are authorized to act on behalf of the copyright owner. Upon receiving a valid DMCA request, we will review and remove the infringing content promptly.