मौसी ने चुदवाई मुझसे अपनी देवरानी की चूत

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जवान मौसी Xxx कहानी मेरी सेक्सी मौसी की है. मैं गाँव से उनके घर दूध देने जाता था. मौसी की मस्त जवानी देखकर मैं उन्हें ललचाई नज़रों से देखता था.

मेरा नाम रुचित है। मैं 25 साल का एकदम गोरा चिट्टा हट्टा कट्टा नौजवान हूँ।
मेरा कद 5′ 10″ है, मेरा बदन कसरती है। मैं बॉडी बिल्डर तो नहीं हूँ पर मुझे कसरत करने का शौक है। मैं ज्यादा पढ़ा लिखा तो नहीं हूँ पर देखने में स्मार्ट और हैंडसम हूँ। बाल मेरे घुंघराले हैं, चेहरा गोल है और माथा चौड़ा है।

मैं गाँव में रहता हूँ और दूध का काम करता हूँ। आप मुझे दूध वाला भी कह सकते हैं। मैं रोज़ सुबह शहर के घरों में दूध पहुंचाता हूँ।
मेरा गांव शहर के पास में ही है।

मेरी एक काजल मौसी हैं, मुझसे सिर्फ चार साल बड़ी हैं उनकी शादी अभी 3-4 साल पहले हो चुकी है। वे अपने पति के साथ शहर में रहतीं हैं।
मैं उनके घर में भी दूध पहुंचाता हूँ।
यह जवान मौसी Xxx कहानी इसी काजल मौसी की चूत चुदाई की है.

काजल मौसी बेहद खूबसूरत, गोरी, सेक्सी हैं और बोल्ड हैं।
उनके दूध बड़े बड़े हैं और मैं जब उसे देखता हूँ तो मेरी नज़र उसके दूध पर ही रहती है।
उनकी गांड मोटी, कमर पतली और बाहें बड़ी मनमोहक हैं।

वे जब स्लीवलेस कपड़े पहनतीं हैं तो उसके कन्धों की चौड़ाई और गोलाई देखते ही बनती है।

सबसे बड़ी बात यह है कि वे खुल्लम खुल्ला सब बोलती हैं और गन्दी गन्दी बातें करने में बिल्कुल नहीं शर्माती.
गालियां भी खूब मस्त मस्त देतीं हैं।
उनकी गालियाँ सुनकर मेरा लन्ड खड़ा हो जाता है।

जबसे उनकी शादी हुई है तबसे वे और सुन्दर और बोल्ड हो गई हैं।

मैं भी मौसी से खुल कर बात करता हूँ, हंसी मजाक भी करता हूँ।
मौसी की मस्त जवानी देखकर मैं उन्हें ललचाई नज़रों से देखने लगा हूँ, उन्हें नंगी देखना चाहता हूँ, उनके सामने नंगा होना चाहता हूँ। उनके बड़े बड़े मम्मों में अपना लन्ड पेलना चाहता हूँ।
मेरी नियत उस पर बुरी तरह ख़राब हो चुकी है।

इधर कई दिनों से मौसी भी मुझे बड़ी हसरत भरी निगाहों से देखने लगीं थीं।
एक दिन अचानक वे मेरे साथ भी लन्ड, बुर, चूत, भोसड़ा की बातें करने लगीं।

मुझे मज़ा आने लगा।
मैं भी उससे और ज्यादा बातें करने लगा.

एक दिन जब मैं थोड़ा जल्दी पहुंचा तो मौसी अपनी काम वाली बाई छमिया से अपनी मालिश करवा रहीं थीं।
बदन पर सिर्फ पेटीकोट था वह भी ऊपर चढ़ा हुआ था।
उनकी मोटी मोटी जांघें खुली हुई थीं, उनके अंदर से उनका भोसड़ा झाँक रहा था।
उनके दूध तो एकदम नंगे थे।

किसी को मालूम नहीं हुआ कि मैं अंदर घुस चुका हूँ।
छमिया उनकी कमर में तेल लगा रही थी। उनके मम्मों पर, नाभि पर और जाँघों में भी तेल लगा रही थी।

फिर दोनों बातें करने लगी।
मैं यह सब देख बड़ा उत्तेजित हो गया।
मेरा लन्ड साला टन्ना गया, एकदम आपे से बाहर हो गया।

मैं कान लगा कर उनकी बातें सुनने लगा।

मौसी बोली- छमिया, तेरे पति का लन्ड कैसा है और कितना बड़ा है?
वह बोली- लन्ड तो बढ़िया है पर वह भोसड़ी का जल्दी झड़ जाता है। अच्छी तरह चोद भी नहीं पाता!

मौसी बोली- तो फिर तुम क्या करती हो?
वह बोली- फिर मैं पराये मरद से चुदवाती हूँ। तब मुझे संतुष्टि मिलती है.

मौसी बोली- कितने पराये मर्दों से चुदवाती है तू? उनके लन्ड कैसे हैं छमिया?
वह बोली- बड़े मस्त और जबरदस्त लन्ड हैं सब भोसड़ी वालों के! जब मेरी चूत में पेलते हैं लन्ड तो मैं एकदम चुद कर मस्त हो जाती हूँ। 3 – 4 मर्दों से अदल बदल कर चुदवाती हूँ।

मौसी बोली- अरी बुर चोदी छमिया, कभी कभी मेरी भी चूत में पेलवा दिया कर लन्ड!
वह बोली- अरे बीवी जी, बिल्कुल पेलवा दूँगी। जब कहो तब पेलवा दूं उनके लन्ड!
मौसी बोली- अच्छा मैं बताऊँगी।

फिर छमिया चली गयी।

मैं बाहर भाग गया और फिर दरवाजा खटखटाकर अंदर आ गया जैसे मैंने कुछ देखा ही नहीं और कुछ सुना ही नहीं।

मौसी वही पेटीकोट पहने थी और चुन्नी ऊपर से लपेट ली थी।

मैंने कहा- मौसी जी, मैं आज न नहाया और न कुछ खाया. बस ऐसे ही आ गया। मुझे भूख लगी है।
वे बोली- अरे तो तू फिर नहा ले। मैं नाश्ता बना देती हूँ तेरे लिए।

मैं बाथरूम में नहाने चला गया।
मैंने शावर खोला और नंगा नंगा नहाने लगा।

मैं तौलिया लेना भूल गया तो मैंने आवाज़ लगायी- अरे मौसी जी तौलिया दे दो प्लीज!

मौसी तौलिया लेकर आयीं और जैसे ही उन्होंने दरवाजा खोला तो मुझे एकदम नंगा देख लिया।
अब मेरा लन्ड तो साला खड़ा ही था।

मौसी लन्ड देख कर बोली- हाय दईया रुचित, तेरा इतना बड़ा लन्ड? इतना मोटा लन्ड? तूने मुझे कभी बताया ही नहीं। ये तो बहन चोद भोसड़ा फाड़ने वाला लन्ड है? मुझे क्या मालूम था कि मेरे घर में ही इतना बड़ा लन्ड है?

हाथ बढ़ा कर पकड़ लिया मेरा लन्ड मौसी ने!

उनके पकड़ते लन्ड साला खड़ा होकर दुगुना हो गया।

मौसी ने उसे बड़े प्यार से चूमा, कई बार चूमा,
फिर बोली- रुचित, तू भोसड़ी का बड़ा भाग्यशाली है। भगवान् ने तुझे इतना बड़ा लन्ड दिया है। तुझे चोदने के लिए चूत की कमी कभी महसूस नहीं होगी?

मैंने कहा- क्या बात करती हो मौसी जी? मैंने तो अभी तक कोई चूत देखी ही नहीं, चोदने की तो बहुत दूर की बात है।

फिर मौसी ने मेरे लन्ड पर मस्ती से साबुन लगाया और उसे बड़े प्यार से नहलाया।
मुझे उनके बड़े बड़े दूध देखने में मज़ा आ रहा था।

मैं नहा धो कर बाहर आ गया।

मौसी ने फ़टाफ़ट नाश्ता बनाया और हम दोनों ने नाश्ता किया।
मैं नंगे बदन था, सिर्फ एक नेकर पहन लिया था।

नाश्ता करने के बाद मैं बिस्तर पर लेट गया।
मेरा लन्ड साला फिर टनटनाने लगा।

तब तक मौसी मेरे बिस्तर पर आ गईं और मेरे लन्ड पर हाथ मार कर कहा- रुचित, क्या कहा था तूने … कि अभी तक कोई चूत नहीं देखी? तू भोसड़ी का इतना बड़ा हो गया है तूने अभी तक कोई नंगी औरत नहीं देखी? अच्छा यह बता कि तुझको किस किस ने नंगा देखा। किस किस ने देखा तेरा लन्ड?

मैंने कहा- अरे मौसी जी, मेरा लन्ड सिर्फ मेरी काजल मौसी ने देखा है और किसी ने नहीं!
वह बोली- तेरी माँ की चूत! तू तो जवान हो गया है यार! चूत नहीं देखी तो क्या मुठ मारते हो?
मैंने कहा- हां मौसी जी, अब मुठ मारने के अलावा और कर भी क्या सकता हूँ?

ये सब बाते हो ही रहीं थी कि मौसी ने मेरी नेकर खोल कर फेंक दी.
मैं उसके आगे बिल्कुल नंगा हो गया और वे मेरा लन्ड पकड़ कर हिलाने लगीं।
मैं भी उनकी चूचियाँ दबाने लगा।

मैंने फिर बड़ी बेशरमी से उनका पेटीकोट खोल डाला, उनके सारे कपड़े उतार डाले।

मुझे बिल्कुल नंगी मौसी को देखने में बड़ा मज़ा आने लगा।
आज मैं पहली बार किसी मस्त जवान औरत को एकदम नंगी देख रहा था।

मेरा लन्ड बहन चोद टन्नाता ही जा रहा था।

वे बड़े प्यार से बोली- अच्छा तुझे चूत देखने की बड़ी जल्दी है रुचित?
मैंने कहा- हां, वाकयी मुझे बड़ी जल्दी है चूत देखने की।

और जैसे ही मैंने उनकी छोटी छोटी झांटों वाली चूत देखी तो मैं पागल हो गया।
मेरे मुंह से निकला- बड़ी मस्त और खूबसूरत है तेरी चूत काजल मौसी?
वे बोली- तेरी बुर चोदी मौसी की माँ का भोसड़ा! तेरी मौसी की बहन की बुर! मैं तेरी हरामजादी चुड़क्कड़ काजल हूँ। अव्वल दर्जे की छिनार हूँ मैं! पराये मर्दों के लन्ड की दीवानी हूँ मैं! आज मैं तेरे लन्ड का पूरा मज़ा लूंगी। आज मैं तुझे सिखाऊंगी कैसे चूत चोदी जाती है!

ऐसा कह कर मौसी मेरा लन्ड मुंह में भर कर चूसने लगी।
मुझे सच में बड़ा मज़ा आने लगा.

मैं एक हाथ से उनके मम्मे दबाने लगा और दूसरे हाथ से उनकी चूत सहलाने लगा।

वे मेरे लन्ड का सुपारा पूरा का पूरा अपने मुंह में घुसेड़े हुए थी। अंदर ही अंदर उसके चारों तरफ अपनी जबान घुमा रहीं थीं और मुझे बड़ा अच्छा लग रहा था।
मेरे मुँह से सिसकारियां निकलने लगीं।

फिर वे लन्ड बार बार मुंह से निकालती और फिर अंदर घुसेड़ लेती।
आम की गुठली की तरह से चूस रही थी मेरा लन्ड!

फिर मैंने काजल मौसी को सोफा पर बैठा दिया और उनके सामने नंगा नंगा खड़ा हो गया।
मेरा लन्ड सीधे उनके मुंह के सामने आ गया।

मैंने कहा- अब मैं चोदूंगा तेरे बड़े बड़े दूध मौसी जी!
उनने अपने दोनों दूध अपने दोनों हाथों से पकड़ कर बीच में एक सुरंग बना दी और कहा- ले चोद ले तू मेरे दूध भोसड़ी के रुचित।

मैंने लन्ड दन्न से Xxx मौसी के मम्मों की सुरंग में घुसा दिया।
लन्ड का सुपारा जैसे ही उनके मुंह के सामने आया तो उनने जबान निकाल कर उसे चाट लिया।

मुझे अच्छा लगा तो मैंने जल्दी जल्दी लन्ड पेलना शुरू किया और वे हर बार मेरा लन्ड का सुपारा चाटने लगी।
वे बोली- हाय दईया, बड़ा मज़ा आ रहा है यार रुचित!

मैंने पूछा- कभी मौसा ने तेरे दूध इस तरह चोदे हैं?
वे बोली- उस भोसड़ी वाले की बात न करो यार … उस मादरचोद को चोदना ही नहीं आता. बड़ा चूतिया है उल्लू का पठ्ठा तेरा मौसा! उसकी बहन की चूत। उसका दिल भी छोटा है और लन्ड भी छोटा है। मुझे उसका लन्ड बिल्कुल पसंद नहीं। इसी वजह से मैं पराये मर्दों से चुदवाने लगी हूँ। तेरा लन्ड तो उसके लन्ड से दुगुना लम्बा है और दुगुना मोटा।

मैंने मम्मे चोदने की स्पीड बढ़ा दी।
मैं इतना जोश में आ गया कि उनके मम्मों पर ही झड़ गया।

मेरे लन्ड ने उगल दिया सारा वीर्य!
मौसी ने बड़े प्यार से मेरा झड़ता हुआ लन्ड चाटा।

इसके बाद मौसी ने बड़े प्यार से मेरा लौड़ा धोया और फिर तौलिया से पौंछा।

मैं नंगा ही था, मौसी भी नंगी ही थी।
वे नंगी नंगी कुछ काम करने लगी तो मैं पीछे से उनसे लिपट गया।
मेरा लन्ड उनके बदन से टकराने लगा तो वह बहन चोद फिर खड़ा हो गया।

मैंने कहा- देखो न मौसी, ये क्या हो रहा है!
उनने मेरा लन्ड देखा और हंस कर बोली- मुझे मालूम था कि लन्ड भोसड़ी का दुबारा खड़ा हो जायेगा। अब देखो न कैसे तन कर खड़ा हुआ है तेरा लन्ड।

मौसी ने लन्ड पकड़ा और मुझे बेड पर ले गईं।
वे मेरा लन्ड हिलाने तो मैंने अपनी दो उंगली उनकी चूत में घुसेड़ दी।

मैंने कहा- बाप रे बाप, तेरी चूत तो बहुत गर्म है मौसी?
वे तिरछी निगाह से बोली- तो फिर पेल दे न अपना गरमागरम लन्ड मेरी चूत में!

मैंने उनकी दोनों टांगें अपनी तरफ खींची और उनकी गांड के नीचे एक तकिया लगा दिया।
मैं पलंग के नीचे खड़ा हो गया।
मेरा लन्ड उनकी चूत के सामने आ गया.

मैंने लन्ड चूत पर रखा और भक्क से घुसा दिया अंदर!
लन्ड बहन चोद एक ही धक्के में पूरा घुस गया।

मौसी चुदी हुई तो थी ही … उन्हें कोई दर्द तो हुआ नहीं … लेकिन उफ़ तो उनके मुंह से निकल ही गया।
वे बोली- हां, आज मालूम हुआ कि किसी मर्द ने पेला है लन्ड मेरी चूत में। कुक्कू भी मादरचोद ऐसे ही पेलता है लन्ड!

मैंने पूछा- ये कुक्कू कौन है?
मौसी बोली- अरे, वह मेरे कॉलेज का दोस्त है। जब मैं कॉलेज में पढ़ती थी तो उससे चुदवाती थी। उसके साथ एक और लड़का था रज्जू … वह भी भोसड़ी वाला लन्ड ऐसे ही पेलता था। जब से शादी हुई तबसे मैं पराये मरद के लन्ड के लिए तरस गई। आज मुझे पराये मरद का लन्ड मिला है तो पुराने दिनों की याद आ गयी।

मैंने मौसी की दोनों टांगें अपने कंधों पर रखीं और धकाधक चोदने लगा उनकी बुर और देखने लगा उनकी उछलती हुई मस्तानी चूचियाँ।

वे भी अपनी गांड उचका उचका कर बड़ी मस्ती से चुदवाने लगी।
मैं बिल्कुल मूड में था, बोला- काजल माँ की लौड़ी … तू सच में एक रंडी है। तेरी माँ का भोसड़ा! आज मैं फाड़ डालूँगा तेरी बुर! तेरी बहन की चूत … तूने मुझे बहुत तड़पाया है। मैंने जाने कितनी बार तेरे नाम का मुठ मारा है। आज मैं तेरी चूत भी मारूंगा तेरी गांड भी मारूंगा।

वे बोली- भोसड़ी के कमीने रुचित, मैं भी तेरे लन्ड की बना दूँगी चटनी। भून डालूंगी तेरा मादर चोद लन्ड अपनी चूत के अंदर। न तू बचेगा न तेरा लन्ड! मैं चुदाने में बड़ी हरामजादी हूँ।

हम दोनों इतने उत्तेजित हो गए कि लगभग हम दोनों एक ही टाइम पर खलास हो गए।

शाम को मौसी की देवरानी रोली आ गयी।
वह बहनचोदी मौसी से ज्यादा खूबसूरत थी।
उनके भी मम्मे बहुत बड़े बड़े थे।

मेरा दिल उस पर आ गया.
पर मैं सोचने लगा कि अब आज रात को मौसी की बुर चोद नहीं पाऊंगा तो क्यों न गाँव चला जाऊं!

मौसी ने मुझे उससे मिलवाया।
मैंने उसके पैर छुए और कहा- आप तो मेरी छोटी मौसी हैं।
वह मुझे बड़ी देर तक देखती रही।

इधर मेरा लन्ड साला काबू के बाहर हुआ जा रहा था।

कुछ देर में मैंने मौसी से गाँव वापस जाने की बात कही तो उसने मेरे कान में कहा- तूने मेरी देवरानी की बुर नहीं चोदनी है क्या?
मेरी तो जैसे लाटरी खुल गयी.

मैंने मौसी के कान में कहा- रात भर चोदूंगा तेरी देवरानी की बुर मौसी जी! बोलो रुक जाऊं?
वे बोली- हां रुक जाओ।
मैं ख़ुशी ख़ुशी रुक गया.

अब मैं रोली को भी ललचाई नज़रों से देखने लगा, उसके बदन को बड़े गौर से देखने लगा।
फिर शाम को मैं बाहर थोड़ा घूमने के लिए निकल पड़ा।
मैं जब वापस आया तो देखा कि दोनों आपस में बातें कर रहीं हैं।
मैं उनकी बातें सुनने लगा.

मौसी बोली- अच्छा ये बता रोली तू शादी के पहले चुदी हुई थी न?
रोली- अब तुमसे क्या छुपाना काजल जीजी, मैं शादी के पहले खूब चुदी हुई थी। सच्चाई तो यह है कि मैं शादी के एक दिन पहले शॉपिंग के बहाने घर से गयी थी और दो लड़कों से अलग अलग चुद कर आयी थी। मगर शादी के बाद अभी तक मैं किसी और से नहीं चुदी।

मौसी- पराये मरद से चुदने का मन है या नहीं?
रोली- अरे जी,जी कौन बुर चोदी पराये मरद से चुदने के लिए मना करेगी? मैं तो तैयार हूँ।
मौसी- तो आज मैं पेलूँगी तेरी चूत में लन्ड!

रोली- हाय दईया, जल्दी से पेल दो लन्ड … मैं तो उतावली हो रही हूँ। मगर लन्ड किसका है जीजी?
मौसी- रुचित का लन्ड है रोली! बड़ा मस्त और जबरदस्त लन्ड है उसका!

रोली- मेरी तो चूत उसे देख कर ही गीली हो गयी थी। मैं सोच रही थी कि इसका लन्ड मिल जाए तो मज़ा आ जाए. लड़का हैंडसम है तो इसका लन्ड भी हैंडसम होगा.

यह सब सुनकर मैं बहुत एक्ससाइटेड हो गया। मेरा लन्ड साला खड़ा हो गया.

रात को खाना वगैरह हो गया और हम सब लोग बिस्तर पर आ गए।
वो दोनों मैक्सी पहने थीं. मैं केवल एक नेकर बाकी नंगे बदन था क्योंकि गर्मी के दिन थे।

उन दोनों के साथ मैं भी बिस्तर पर लेट गया।

मैं सोच रहा था कि अगर रोली मेरा लन्ड पकड़ ले तो मज़ा आ जाए। मैं उसे एकटक देख रहा था।

मेरा मन उसके बूब्स पकड़ने का हो रहा था पर हिम्मत नहीं थी।
उसके आगे काजल मौसी के मम्मे भी नहीं पकड़ सकता था।

लन्ड साला अंदर ही अंदर बढ़ता जा रहा था।

मैंने देखा कि रोली की नज़र मेरी नेकर पर है. उसे मालूम हो गया कि मेरा लन्ड खड़ा है।
वह शायद मेरे लंड के साइज का अनुमान लगा रही थी।

इतने में रोली ने कहा- रुचित, तुम इतने हैंडसम तो लड़कियां तुम पर मरती होंगी?
मैंने कहा- अरे छोटी मौसी, गाँव में कहाँ लड़कियां हैं? लड़कियां तो शहरों में मिलतीं हैं।

तब तक काजल मौसी बोली- अगर कोई लड़की मिले तो उसे चोद लोगे तुम?
मैंने मुस्कराते हुए कहा- हां बिल्कुल चोद लूँगा।

तब रोली ने कहा- लड़की न हो किसी की बीवी हो तो क्या करोगे?
मैंने कहा- तब तो और मस्ती से चोदूंगा।

बस काजल मौसी ने मेरी नेकर खोल कर फेंक दी और मैं उन दोनों के आगे नंगा हो गया।
लन्ड मेरा खड़ा था तो रोली मौसी ने उसे लपक कर पकड़ लिया और बोली- वाओ क्या मस्त लौड़ा है तेरा रुचित! बड़ा मोटा और शानदार लौड़ा है तेरा!

उसने ताबड़तोड़ लन्ड की कई चुम्मियाँ ले लीं।
फिर काजल मौसी ने उसकी मैक्सी उतार दी तो नंगी हो गई।

रोली को नंगी देख कर मैं तो पागल हो गया।
फिर मौसी भी नंगी हो गईं।
दोनों को नंगी देख कर मैं मस्त होता जा रहा था।

मैं बेड के बीच में लेट गया और ये दोनों मस्त जवान औरतें देवरानी जेठानी नंगी नंगी बारी बारी से मेरा लन्ड चाटने लगीं।

जेठानी देवरानी के मुंह में लन्ड घुसेड़ती तो देवरानी जेठानी के मुंह में। जेठानी जब लन्ड चूसती तो देवरानी मेरे पेल्हड़ चूसती और देवरानी जब लन्ड चूसती तो जेठानी मेरे पेल्हड़।
मस्ती ही मस्ती थी … मौज़ ही मौज़ थी.

मैं भी कभी दोनों की चूचियाँ दबाता तो कभी दोनों की चूत सहलाता; कभी चूत के अंदर उंगली घुसेड़ देता।

इतने में मौसी उठी और मेरा लन्ड पकड़ कर देवरानी की बुर पर टिका दिया।
फिर उसने मेरे चूतड़ दबाये तो लन्ड उसकी चूत में तुरंत घुस गया।
वह बोल पड़ी- उई माँ … बड़ा मोटा है लन्ड तेरा! साला पूरा घुस गया।

जेठानी बोली- अब ले न अच्छी तरह पराये मरद के लन्ड का मज़ा!

रोली सच में कमर हिला हिला कर चुदवाने लगी और काजल एक हाथ से मेरे पेल्हड़ सहलाने लगी और दूसरे हाथ से रोली की चूचियाँ।
हम तीनों को आने लगा सेक्स का मज़ा।

मुझे रोली की बुर बड़ा मज़ा दे रही थी।

मैंने चुदाई की स्पीड बढ़ा दी तो रोली ने कहा- वाओ बड़ा मज़ा आ रहा है यार! मुझे किसी ने इतनी अच्छी तरह से नहीं चोदा। तू तो बड़ा चोदू है यार रुचित। मुझे अपनी बीवी की तरह चोदो। ओ हो आ है हूँ ओ ऊँ अहा ऊँ ऊऊऊ ही हुँहुँहुँ ही छः छी ऊँ मज़ा आ रहा है और चोदो, पूरा पेल के चोदो। ये मेरी जेठानी बुर चोदी मेरी बुर फड़वा रही है। इसकी बुर फाड़ूंगी। हाय रे क्या मस्त चुदाई है। मैं इसी तरह चुदना चाहती थी। पराये मरद का लन्ड सच में बड़ा प्यारा होता है।

मैंने कहा- रोली तेरी बुर बड़ी टाइट है बहनचोद! तू भी अपनी जेठानी की तरह भचाभच चुदवाती है। तू भी रंडी से कम नहीं है यार!
रोली ने कहा- तुझे क्या मालूम भोसड़ी के रुचित … कि हर औरत अंदर से रंडी ही होती है। रात को वह मादरचोद और ज्यादा रंडी हो जाती है।

उसकी बातों से मुझे चुदाई में ज्यादा मज़ा आने लगा।

कुछ देर बाद वह उठी और लन्ड अपनी जेठानी की चूत में पेल दिया।

अब मैं देवरानी के आगे उसकी जेठानी की चूत चोदने लगा।
रोली ने कहा- ले भोसड़ी की जेठानी, अब मैं तेरी चूत की धज्जियाँ उड़ाऊँगी। तेरी चूत ससुरी बड़ी मस्तानी है।

मैं दोनों की बुर बारी बारी से चोदने लगा।
मुझे क्या मालूम था कि चुदाई में इतना आनंद आता है।

आखिर में जब मेरा लन्ड झड़ने लगा तो दोनों ने मिलकर नंगी नंगी बड़े मजे से मेरा झड़ता हुआ लन्ड चाटा और एन्जॉय किया।
मौसी ने मुझसे अपनी देवरानी की बुर चुदवा कर खूब मज़ा लिया।
इस तरह मैंने रात भर दोनों की चूत का मज़ा लिया।

फिर तो दोनों मेरे लन्ड की दीवानी हो गईं।

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