मेरी सांवली पर सेक्सी दीदी- 3

Antarvasna

नंगी बहन की बुर चुदाई मैंने अपने घर में की. हम दोनों घर में अकेले थे. मैं अपनी बहन को चोदना चाहता था. मैंने उसे लंड चुसवाया, फिर उसकी बुर की सील खोली?

कहानी के पिछले भाग

में आपने पढ़ा कि

अब आगे नंगी बहन की बुर चुदाई:

मैं दीदी की बुर पर किस करने के लिए बढ़ा.

पर तभी मेरे दिमाग में एक ख्याल आया कि क्यों ना दीदी की बुर चाटते चाटते दीदी को भी अपना लंड चुसाया जाए.
यह सोचकर मैंने दीदी को गले लगा लिया और उनके कान में बोला- दीदी आई लव यू सो मच! मैं आपसे बहुत प्यार करता हूं और अगर आपका मन नहीं है तो मैं आप के नीचे किस नहीं करूंगा! मैं कुछ भी ऐसा नहीं करना चाहता, जो आपको अच्छा ना लगे! मैं आपकी खुशी के लिए अपने सारे सपने तोड़ सकता हूं! जान भी दे सकता हूं!

मैं जानबूझकर यह यह इमोशनल डॉयलॉग्स बोल रहा था ताकि दीदी भी इमोशनल हो जायें!
और हुआ भी वही!

दीदी ने मेरे कान में कहा- मेरे भाई, तुम्हारी बातों से और तुम्हारे प्यार को देखकर मुझे भी तुमसे प्यार होने लगा है! आई लव यू मेरे भाई, आई लव यू सो मच! कभी सोच भी नहीं सकती कि कोई मुझसे इतना प्यार कर सकता है! मैं बहुत लकी हूं कि तुमने मुझे इतना प्यार किया! तुमने अभी तक जो किया मुझे बिल्कुल भी बुरा नहीं लगा! मुझे बहुत अच्छा लगा है! मेरा तो मन कर रहा है कि काश यह रात खत्म ही ना हो और तुम ऐसे ही मुझे प्यार करते रहो!

मैंने चाल चली और दीदी के कान में कहा- दीदी, मैं आपसे बहुत प्यार करता हूं और इसीलिए मैंने आपको हर जगह किस किया! और अपना प्यार दिखाया. पर आप मुझसे उस तरह से प्यार नहीं करती जैसे मैं आपसे करता हूं.

दीदी ने कहा- ऐसा क्यों कह रहे हो? मैं भी तुमसे उतना ही प्यार करती हूं जितना तुम मुझसे करते हो! तभी तो तुम्हें वह सब कुछ करने दिया जो सिर्फ मेरा पति मेरे साथ कर सकता है या फिर मेरा बॉयफ्रेंड! और आज तुम ही मेरे पति हो और तुम ही मेरे बॉयफ्रेंड हो! ऐसा क्यों कह रहे हो कि मैं तुमसे प्यार नहीं करती, मैं अपने प्यार को साबित करने के लिए कुछ भी करूंगी.

तो मैंने दीदी से कहा- प्लीज दीदी, जैसे मैं आपको प्यार कर रहा हूं, आप भी मुझे वैसे ही प्यार करो ना!

दीदी बोल पड़ी- अच्छा मेरे भाई, तुम, चाहते हो कि मैं भी तुम्हारे बॉडी के हर हिस्से पर किस करूं! तुम अपनी दीदी का पूरा मजा लेना चाहते हो!

मैंने कहा- नहीं दीदी, मैं आपसे इतनी मेहनत नहीं करवाऊंगा! जो प्यार करते हैं वे दूसरों की परवाह परवाह करते हैं. आप बस एक जगह मुझे किस कर लो, मेरा काम चल जाएगा.

दीदी ने कहा- जब मेरा भाई मेरी इतनी फिक्र करता है तो मैं भी उसकी हर बात मानूंगी! आज की रात में तुम्हारी हर बात मानूंगी! किसी बात को मना नहीं करूंगी. बताओ कहां पर किस करना है?

तब मैंने उनका हाथ ले जाकर अपने लंड पर रख दिया.
दीदी शर्मा कर वापस से मुझसे चिपक गई.

मैंने कहा- सॉरी दीदी अगर आपको बुरा लगा हो!

तब दीदी हंसती हुई मेरे कान में बोली- नहीं जान, बुरा नहीं लगा!
दीदी के मुंह से अपने लिए जान शब्द सुनकर मैं बहुत एक्साइटेड हो गया और अपना पजामा और अंडरवियर उतार कर फेंक दिया.

अभी भी दीदी मेरे कंधे से से चिपकी हुई थी.

तब मैंने उनका हाथ पकड़ कर अपने लंड के ऊपर रख दिया.
मेरा गर्म गर्म लंड अपने हाथ में पाकर दीदी ने तुरंत अपना अपना हाथ लंड से हटा दिया.

मैंने दीदी के कान में कहा- प्लीज दीदी पकड़ लो ना! इतना भी बुरा नहीं है.
यह कहकर मैंने दोबारा उनका हाथ पकड़ा और उनकी हथेली में अपना लंड दे दिया.

अबकी बार उन्होंने अपना हाथ नहीं हटाया और मेरे लंड को पकड़ी रही.

मैंने दीदी के कान में पूछा- दीदी कैसा लगा मेरा औजार?
दीदी ने शर्माते हुए कहा- अच्छा है भाई!

तब मैंने कहा- दीदी, आप इसको हिलाओ न!
दीदी मेरे लंड को ऊपर नीचे करने लग गई.

मेरा कई सालों का सपना आज पूरा हो रहा था. जिस दीदी को देखकर मैंने इतने साल मुठ मारी थी, आज वही दीदी मेरे लंड को पकड़ कर मेरे लंड की मुट्ठ मार रही थी.
मैंने कहा- दीदी आप मेरे मेरे औजार पर किस करेगी क्या?
दीदी ने धीरे से हम्म कह दिया.

तब मैंने दीदी को लिटा दिया और उनकी बुर के ऊपर अपना मुंह रख दिया जिसकी वजह से मेरा लंड मुंह की तरफ हो गया था.

दीदी नीचे लेटी हुई थी और मैं उनके ऊपर था और यह 69 वाली पोजीशन हो रही थी.

मैंने दीदी के पैरों को फैला कर उनकी बुर को चाटना शुरू कर दिया.
पर दीदी कुछ नहीं कर रही थी … शायद वे बहुत शरमा रही थी!

कुछ ही देर में दीदी की बुर से पानी निकलने लगा क्योंकि मैं अपनी जीभ से दीदी की चुदाई कर रहा था.
अब मैंने अपने लंड को धीरे से नीचे दबाया और वे दीदी के होठों में जाकर टच होने लगा.

तब दीदी एक किस कर ली मेरे लंड के सुपारी पर!
फिर मैंने बुर से मुंह हटाकर दीदी से कहा- दीदी, जैसे मैं आपको प्यार कर रहा हूं आप भी करो ना मेरे औजार को प्यार!

दीदी समझ गई और मेरे लंड के सुपारी को उन्होंने अपने होठों से चूसना चालू कर दिया!

मुझे गजब का मजा आ रहा था जिसकी वजह से मैं उनकी बुर को और जोर-जोर से चाटने लगा.
यह देख कर दीदी ने भी मेरे लंड को धीरे धीरे और अंदर लेना चालू कर दिया.

और कुछ ही देर में मेरे पूरे लंड को अपने मुंह में लेकर अच्छे से चूसने लग गई! मैं अपनी दीदी की बुर को पूरा एन्जॉय कर रहा था.

मेरे लंड को दीदी ने हाथ से पकड़ लिया और मुठ मारने के साथ-साथ चूसने भी लगी जैसे कि पोर्न मूवीस में लड़कियां करती हैं.
दीदी इतने जबरदस्त तरीके से मेरे लंड को चूस रही थी कि कुछ ही देर में मैं झड़ने वाला हो गया.

मैंने दीदी से कहा- मैं झड़ने वाला हूं, क्या मैं आपके मुंह में झड़ जाऊं?
तब दीदी ने कहा- भाई, मैं भी झड़ने वाली हूं.

मैंने कहा- दीदी, मुझे आपकी बुर का रस पीना है.

मेरे मुंह से बुर शब्द सुनकर दीदी कुछ नहीं बोल पायी.

मैंने दीदी से कहा- दीदी क्या आप मुझे अपनी बुर का रस नहीं पिलाओगी?

अब दीदी ने कहा- बिल्कुल मेरे भाई, मेरी बुर का रस तुम्हारे लिए ही है, बस निकलने ही वाला है. पी लो मजे लेकर!

तब मैंने दीदी से कहा- अगर आपको मेरे लंड का रस पीने में कोई प्रॉब्लम हो, तो मेरा लंड मुंह से बाहर निकाल दीजिए मैं आपके मुंह के बाहर ही झड़ जाता हूं.
दीदी ने कहा- पागल हो क्या? मेरे मुंह में झड़ना, मुझे भी तुम्हारे लंड का रस पीना है! एक बूंद भी वेस्ट मत करना वरना बहुत मारूंगी.

और यह कहते-कहते दीदी ने अपनी बुर को मेरे मुंह में जोर से दबाया और झड़ने लग गई.
दीदी की बुर से काफी सारा पानी निकला जिसे मैं सारा का सारा चाट चाट कर पी गया.

अपने हाथ से दीदी मेरे लंड को अपने मुंह में लेकर हिला रही थी.
कुछ ही देर में मैं भी उनके मुंह में झड़ गया.

दीदी ने जैसे कहा वैसा ही किया.
वे मेरे लंड का एक-एक बूंद चाट चाट कर पी गई.
हम दोनों ही थक गए थे.

उसके बाद मैं दीदी के मुंह की तरफ मुंह करके लेटा और दीदी दीदी के होठों को चूसने लगा.

इस बार मैं दीदी के होठों को और ज्यादा तेज तेज चूस रहा था और जीभ से चाट भी रहा था.
इस बार दीदी के होठों में अपने लंड के रस का भी टेस्ट आ रहा था जो मेरी कामोत्तेजना को बढ़ा रहा था.

यह बात दीदी भी समझ गई, उन्होंने कहा- क्या बात है मेरे भाई, इस बार बड़ा मेरे होठों को चाट चाट कर चूस रहे हो? क्या क्या हुआ तुम्हें?
सुनकर मैं मुस्कुराने लग गया.

तब दीदी ने पूछा- कैसा लगा तुम्हें अपने लंड के रस का टेस्ट?
मैंने कहा- दीदी, मेरे लंड का रस आपके होठों के रस के साथ मिलकर अमृत जैसा हो गया है. मन करता है कि मैं पीता ही जाऊं.

हमारी इतनी बातें करने अपने के दौरान मेरा लंड फिर से टाइट हो गया और मेरी दीदी मेरा लंड देखकर देखकर बोली– लो तुम्हारा औजार तो फिर खड़ा हो गया.
मैंने कहा- दीदी, इसे औजार नहीं लंड कहा जाता है.

दीदी ने कहा- मेरे भाई, तुम्हारे लंड को अपने मुंह में लेकर मुझे बहुत अच्छा लगा! मेरा मन कर रहा है कि मैं तुम्हारे लंड को और प्यार करूं!
मैंने कहा- दीदी, अगर आपको और किस करने का मन है तो कर लो! पर आप मेरा लंड आपकी बुर को प्यार करना चाहता है!

कहकर मैंने दीदी की बुर को सहला दिया.

यह सुनकर दीदी ने कहा- मेरे भाई, मेरी बुर भी तुम्हारे लंड को प्यार करना चाहती है पर वे डर रही है कि उसे बहुत दर्द होगा.

“दीदी बस पहली कुछ देर के लिए ही दर्द होता है; उसके बाद जन्नत का आनंद आता है.”
तो दीदी ने कहा- लगता है तुम्हें बहुत एक्सपीरियंस है इस काम का?

मैंने कहा- नहीं दीदी, आपके साथ ही मेरी पहली चुदाई हो रही है. मैंने ऐसा सिर्फ किताबों में पढ़ा है. मेरे दोस्तों ने भी बताया है कि कि पहली बार चोदा जाता है तो लड़की को बहुत दर्द होता है. पर उसके बाद लड़की को मजा भी बहुत आता है. अगर आप दर्द से डर रही हो तो मैं बिल्कुल नहीं करूंगा. आपसे इतना प्यार करता हूं कि आपको जरा सा भी दर्द नहीं दे सकता.

यह सुनकर दीदी ने मुझे गले लगा दिया और मेरे होठों पर किस कर लिया.
फिर मेरे कान में बोली- भाई, तुम मुझसे इतना प्यार करते हो कि तुम्हारे लिए मैं हर दर्द सह लूंगी! मैं भी तुम्हारी खुशी चाहती हूं क्योंकि तुमने आज मुझे दुनिया की सबसे बड़ी खुशी दी है. तुमने मुझे प्यार दिया है और तुमने मुझे इतना प्यार किया है कि उस प्यार के बदले मैं तुम्हारे लिए कुछ भी करूं वे वे कम ही होगा! अगर तुम मुझे चोदना चाहते हो तो चोद लो! सच कहूं तो मेरा भी मन हो रहा है कि मैं अपनी बुर में तुम्हारे लंड को लूं और अपने भाई से जिंदगी की पहली चुदाई का मजा उठाऊं.

यह कहकर दीदी ने मेरे गाल पर एक किस की और टांगें फैलाकर बेड पर लेट गयी.
दीदी ने दो उंगलियां अपने मुंह में डाली और थोड़ा सा थूक लेकर अपनी बुर के ऊपर लगा लिया और अपनी बुर को सहलाने लगी.

तब मुझसे कहा- मेरे भाई, मेरी बुर तुम्हारे लंड का इंतजार कर रही है अपनी बहन को जरा प्यार से चोदना! इस तरह से चोदना के तुम्हारी बहन को ज्यादा दर्द ना हो क्योंकि इसी बहन से तुम प्यार करते हो!

मैंने कहा- दीदी, थोड़ा दर्द तो होगा पर मैं कोशिश करूंगा कि आपको ज्यादा दर्द ना हो!
कहकर मैंने भी अपने हाथों में थोड़ा सा थूक लिया और अपने लंड पर लगा लिया.

फिर दीदी के ऊपर लेट गया वजह से मेरे लंड का सुपारा दीदी की बुर के ऊपर था.

दीदी ने अपने हाथ से मेरे लंड को पकड़ कर मेरे लंड के लंड को अपनी बुर के छेद के ऊपर लगा दिया.
और लेटते ही मैं दीदी के होठों को चूसने लग गया क्योंकि मैं चाह रहा था कि थोड़ा काम दीदी भी करें!

यह बात दीदी भी समझ गई क्योंकि थोड़ी ही देर बाद दीदी ने अपने हाथ से मेरे लंड को पकड़ कर मेरे लंड के लंड को अपनी बुर के छेद के ऊपर लगा दिया.

मैं समझ गया कि अब दीदी चाहती हैं कि मैं अपने लंड को नंगी दीदी की बुर में डालकर दीदी की सील तोड़ दूं!
दीदी के कान में मैंने कहा- बोलो दीदी, डाल दूं आपकी बुर में अपना लंड? कर दूं अपनी दीदी की चुदाई? तोड़ दूं आपकी सील?

उन्होंने मेरे कान में कहा- हां मेरे भाई, मैं चाहती हूं कि तुम मेरी सील तोड़ो और मेरी जमकर चुदाई करो! प्लीज भाई अब डाल दो ना मेरी बुर में अपना लंड! क्यों रुके हुए हो, अब नहीं रहा जा रहा प्लीज! प्लीज भाई चोदो ना मुझे मेरी सीलतोड़ दो ना प्लीज, अपना लंड मेरी बुर के अंदर डाल दो ना आप! मेरे भाई रुको मत और सहा नहीं जाता.

इतना कहने के बाद दीदी ने अपना हाथ मेरी गांड के ऊपर रखकर मेरी गांड को नीचे की ओर दबाने लगी.
इससे मेरा लंड दीदी की बुर के छेद में धीरे से जाने लगा.

दीदी के मुंह से आह निकल गई.
मैं समझ गया कि अभी दीदी के सील नहीं टूटी है.

पर मैंने दिखावा करते हुए कहा- दीदी, आपको दर्द हो रहा है; मैं अपना लंड निकाल रहा हूं! चुदाई फिर कभी कर लेंगे.
यह कहकर मैं अपने लंड का सुपारा दीदी की बुर से निकालने लग गया.

पर तभी दीदी ने फिर अपना हाथ से मेरी गांड को नीचे की ओर दबाया और मुझसे बोली- अगर तुमने आज मुझे चोदा नहीं तो मैं दोबारा कभी तुम्हें मौका नहीं दूंगी! और तुमसे कभी बात भी नहीं करूंगी.

यह सुनकर मैंने देर करना सही नहीं समझा और उनसे ‘आई लव यू’ बोलते हुए उनके होंठों को चूसने लगा.
मैंने अपने हाथ दीदी के बूब्स के ऊपर रख दिए और एक झटके में लंड को बुर के अंदर डाल दिया!

इससे मेरा लंड दीदी की बुर की सील तोड़ते हुए आधा अंदर चला गया और दीदी की आंखों से आंसू आ गए!

फिर से दीदी के होंठों को चूसना शुरू कर दिया और उनके बूब्स के निप्पल्स जोर जोर से मसलने लगा.
अभी मेरा लंड आधा ही अंदर गया था!

मैंने अपनी गांड को दीदी के बुर के ऊपर दबाना चालू रखा जिससे धीरे-धीरे मेरा पूरा लंड दीदी के बुर के अंदर जा चुका था.

अब मैं दीदी के ऊपर लेट गया और उन्हें गले लगा लिया और कान में कहा- थैंक यू दीदी, आई लव यू सो मच. आपने मेरी जिंदगी का सपने बड़ा सपना पूरा कर दिया.

दीदी को अभी भी हल्का हल्का दर्द हो रहा था.
उन्होंने मेरे कान में कहा- मेरे भाई, मैं भी तुमसे बहुत प्यार करती हूं, तुम्हारे लिए दुनिया में कुछ भी कर सकती हूं, हर दर्द सह सकती हूं.

यह कहकर एक बार फिर मेरी नंगी बहन मेरी गांड को अपनी बुर की तरफ दबाने लगी.
वे मेरा पूरा लंड अपनी बुर में डाल लेना चाहती थी.

मेरा लंड काफी बड़ा था और थोड़ा बहुत अभी भी उनकी बुर से बाहर था.

कुछ देर बाद दीदी का दर्द कम हो गया और दीदी ने कहा- मेरे भाई, अब मेरी अच्छे से चुदाई करो.

मैंने एक बार अपना लंड पूरा बाहर निकाला और फिर से अंदर डाल दिया और ऐसे ही धीरे-धीरे चुदाई करने लग गया.
दीदी की बुर एकदम गीली हो रही थी जिसकी वजह से फच फच की आवाजें आ रही थी.

उन आवाजों को सुनकर हम दोनों और ज्यादा गर्म होते जा रहे थे.

कुछ ही देर में दीदी बोलने लगी- मेरे भाई … और जोर से चोदो ना मुझे! फाड़ दो मेरी बुर को मेरे भाई! मुझे तुम्हारा पूरा लंड अपनी बुर में चाहिए! मेरे भाई पूरे दम लगाकर मेरी चुदाई करो! मुझे बहुत मजा आ रहा है मेरे भाई! मुझे तुम्हारे लंड का जूस अपनी बुर में चाहिए! मैं चाहती हूं कि तुम मेरी बुर में अपने लंड को को झड़ने दो! मेरी बुर तुम्हारा अमृत मांग रही है मेरे भाई! मेरी बुर को तुम्हारे लंड का अमृत चाहिए! चुदाई करो मेरे भाई, अपनी बहन को और जोर जोर से चोदो.

वे आगे बोली- अपनी नंगी बहन की बुर को चोदने का सालों का जो सपना है उसे पूरा कर लो मेरे भाई! रगड़ रगड़ के चोदो अपनी बहन को! तुम्हारी बहन को तुम से चुदाई करके बहुत मजा आ रहा है. मैं तुम्हारे लंड की दीवानी हो गई हूं. तुम्हारा लंड बहुत प्यारा है और तुम चुदाई भी बहुत अच्छी कर रहे हो. काश मेरे भाई तुमने पहले ही अपने मन की बातें मुझसे कह दी होती तो हम दोनों बहुत पहले ही एक दूसरे को चोद चुके होते! आज तुम मेरे ऊपर चढ़कर मुझे चोद रहे हो, कल मैं तुम्हारे ऊपर चढ़कर तुम्हारी चुदाई करूंगी और और कल तुम पर बैठकर तुम्हारे लंड को अपने बुर में लूंगी और तुम्हारी चुदाई करूंगी!

दीदी जोश में बोलती गयी- देखना जैसे तुम तो मेरी चुदाई कर रहे हो, ठीक वैसे ही मैं भी तुम्हारी चुदाई करना चाहती हूं! कल मैं तुमसे अपनी गांड गांड भी मरवाऊंगी क्योंकि मैं भी तुमसे प्यार करने लगी हूं. मैं भी तुमको हर वे खुशी देना चाहती हूं जो तुम लेना चाहते हो. मैं जानती हूं कि गांड मारना भी लड़कों का एक सपना होता है. मैं चाहती हूं कि तुम्हारा यह सपना भी पूरा हो! कल तुम मेरी गांड में तेल लगाकर मेरी गांड में मारना! पर आज मेरी चुदाई करो मेरे भाई … मैं झड़ने वाली हूं.

दीदी बोलती जा रहे थी कि और कुछ ही देर में एक जोरदार चीख मारकर वे मुझसे चिपक गई.
मैं समझ गया कि अब वे झड़ने लग गई है और उसी के साथ मैं भी उनकी बुर में झड़ गया!

दोस्तो, कैसी लगी आपको यह नंगी बहन की बुर चुदाई?

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