मां की चुदासी जवानी बाप बेटे से चुदी- 2

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Xxx फैमिली की चुदाई कहानी में पढ़ें कि कैसे मेरी चाची माँ ने मुझे सेक्स के लिए बढ़ावा दिया. मैंने चाची माँ को चोद दिया. इसके बाद चाचा भी इस खेल में शामिल हो गए.

मित्रो, मैं अनिल आपके सामने पुन: हाजिर हूँ.
अब तक आपने मेरी मां की चुदाई की कहानी के पहले भाग

में पढ़ा था कि मेरी मां ने मुझे मेरी बर्थडे पर खुद की जवानी को देने का तय कर लिया था.

इसी क्रम में उन्होंने मेरे सामने अपनी साड़ी ब्लाउज खोल दिया था और मुझे किस करने लगी थीं.

इस सेक्स कहानी में मैंने एक बात का खुलासा किया था कि मेरी चाची को कोई सन्तान नहीं होती थी, जिस वजह से चाचा ने मुझे गोद ले लिया था और अब वो दोनों मेरे मां बाप बन गए थे. मुझे गोद लेने के बाद चाची ने एक लड़की को जन्म दिया था. उसका नाम आरती है और वो मेरी चचेरी बहन होते हुए भी मेरी बहन हो गई थी.

अब Xxx फैमिली की चुदाई कहानी का आगे मजा लें.

तो चाची ने यानि मां ने मेरे सामने अपनी साड़ी ब्लाउज आदि खोल दिया था और मुझसे होंठों से होंठ लगा कर चूमाचाटी करने लगी थीं.

कोई 5 मिनट तक मेरे होंठ चूसने के बाद मां बोलीं- तेरा लंड हाथ में लेने के बाद ही तुझे से चुदने का मन था, लेकिन फिर सोचा मां को उसका बेटा अपने जन्मदिन पर ही चोदे. इसलिए आज तू मेरी चूत मार ले बेटे. आज मैं तेरी रंडी रखैल छिनाल सब हूँ. तू आज अपनी बाप की जगह लेकर अपनी मां को भी एक गिफ्ट दे दे. मुझे अपनी ताजे मोटे लंड से चोद दे बेटा.

इतना बोलते ही मां ने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया.
मैं- अहह अहह मां … ये तो सपना लग रहा है. मैं अपनी मां को चोदने के लिए तैयार हूँ अहह!

मां- मां नहीं बेटा … रंडी मां बोल.
मैं- हां मां … रंडी मां अहह मां मुझे अपनी चूत का मजा दे दो.

फिर मैंने नीचे लेट गया. मां मेरे ऊपर आ गईं. उन्होंने अपनी चूत मेरे मुँह पर रख कर मसलना शुरू कर दिया.
मैं भी मां के दोनों मम्मे पकड़ कर भंभोड़ रहा था.

‘अहह अहह …’
फिर मैं 69 में आ गया.

मां की चूत से मूत की धार निकल रही थी.
मैंने अपने मुँह में मूत ले लिया.

मां- आह मेरा बेटा इतना जवान हो गया है आह मेरा मूत पी रहा है!
मैं- हां मां मुझे आपकी चूत से निकला हर रस पीना पसंद है.

मां- हां बेटा. आज से तू अपनी मां का मूत पिया कर.
‘हां मां, मैं रोज आपका मूत पीना चाहूंगा.’

मां- अहह बेटा, मुझे भी अपने बेटे का मूत पीना है.
मैं- रुको मां मां … अभी नहीं. पहले चुदाई करते हैं अहह.

ये कह कर मैंने मां की चूत चाटना शुरू कर दी.
‘अहह बेटा अब रात भर चूत ही चाटेगा क्या? अपनी मां की लंड की प्यास बुझा दे.’

मैंने सीधे होकर चुदाई की पोजीशन बनाई और लंड चूत में पेल दिया.
हम दोनों की चुदाई चालू हो गई.

‘अहह अहा मां मस्त मजा दे रही हो.
‘आह बेटा तू भी मस्त चुदाई का रहा है.’

इसी तरह से मैं मां को घोड़ी बना कर पेलता, कभी मां मेरे ऊपर आ जातीं. कभी मैं मां के ऊपर चढ़ कर उनकी लेने लगता.

अहह … दोनों तरफ आग लगी हुई थी.
मैं घोड़ी बना कर मां की चूत चोद रहा था कि तभी मेरी नजर उनकी मस्त गांड पर लग गई.

मैंने गांड में उंगली की तो मां वासना भरी आवाज में बोलीं- अहह बेटा, मेरी गांड भी मार दे … बहुत दिन से तेरे पापा ने अपना लंड नहीं डाला है..
‘हा मां … अभी मेरा मन भी आपकी गांड मारने का कर रहा है.

‘हां तो मेरी गांड मार ले ना मेरे लाल … बस थोड़ा सा तेल लगा कर लंड पेलना बेटा, नहीं तो तेरी इस छिनाल मां की गांड फट जाएगी.’
मैंने तेल लगा कर मां की गांड में लंड पेल कर धक्का दे मारा.

‘अहह बेटा, अहह आराम से … अपनी मां को मार डालेगा क्या … अहह बेटा अहह अहह अह बड़ा मजा आ रहा है बेटा … ऐसे तो मैं आज तक इतनी उम्र में कभी नहीं चुदी, जितना आज अपने बेटे के लंड से चुद कर सुकून मिल रहा है … अहा बेटा मेरे चुचे मुँह में ले कर चूस ना!’
‘अहह मां … आपकी चूत में ऐसा क्या जादू है … अहह अहह.’

मेरे लंड की रफ़्तार और तेज होने लगी. मां की आवाज अब दर्द से मजे में बदल गई.

‘आह और तेज … अहह अहह अहह बेटे तेरा लंड जब उस दिन रात को हाथ में लिया था, उसी दिन से मेरी चूत मचल गयी थी. मेरे बेटे कल से तू मेरा पति है. कल से तू और तेरा नामर्द बाप दोनों मिलकर मुझे चोदना.

मैंने कहा- लेकिन मेरी रंडी मां, मैं पापा के साथ आपको कैसे चोद सकता हूँ?
‘क्यों नहीं चोद सकता तेरे बाप का लंड 2 मिनट में झड़ जाता है? मेरा बेटा मुझे ख़ुश कर रहा है … तो तेरे बाप को क्या दिक्कत होगी?’

मैंने समझ लिया कि पक्के में मां के जहन में कोई तरकीब होगी … जिसके जरिये वो मुझसे पापा के सामने चुद लेंगी.
उसके बाद मैंने मां को रात बार में 3 बार चोदा.

अगले दिन सुबह हुई.

मां मुस्कुराती हुई मुझे जगाने लगीं- उठ जा मेरे खसम … या मैं तेरे लौड़े को चूस कर तेरा मूड बनाऊं?
मैं उठ गया और तुरन्त मां के होंठों को अपने होंठों में भर कर उन्हें अपने पास खींच लिया.

मैंने सुबह की शुरूआत मां की चूत चुदाई से की. मैंने हचक कर मां चोदी.

दोपहर को 2 बजे पापा घर आए और मां से बोले- आज आरती आएगी, खाना पीना बना लेना.

इतना बोल कर पापा बाथरूम में चले गए.
मां ने मुझे इशारा करके बुलाया और कहा- जब मैं आवाज दूँ तो तू बाथरूम में आ जाना.

मैंने हां में सर हिला दिया.
मैं बाथरूम के बाहर खड़ा हो गया था.

पापा ने मां को चोदना शुरू कर दिया था.
अभी दो मिनट ही हुए थे.
तभी पापा के लंड का माल झड़ गया.

मां गुस्से में चिलाने लगीं- चुदाई अब आपके बस की नहीं है. मैं किसी और से चुद जाउंगी, तो कुछ बोलना मत!
पापा हंस कर बोले- तुझे कौन चोदेगा साली … मेरे सिवा?

मां ने कहा- बहुत लोग हैं, मुझे बस एक इशारा करने भर की देर है.
पापा ने कहा- तो जा चुदवा ले साली … लेकिन मेरी इज्जत खराब नहीं होनी चाहिए.

मां ने पापा के होंठों को चूम कर कहा- क्यों ना मैं अपने अनिल से ही चुद जाऊं? आखिर वो आपका भतीजा ही तो है, मेरा सगा बेटा तो नहीं है और घर की बात घर में ही रहेगी?

पापा ने पहले सोचा, फिर कहा- ठीक है लेकिन मेरी एक शर्त है!
मां ने कहा- कैसी शर्त है?

पापा- यही कि मैं अपने बेटे के साथ तुझे चोदना चाहता हूँ. एक बिस्तर पर बाप बेटे दोनों मिल कर तुझे चोदेंगे!
मां ने मुस्कुराते हुए कहा- ठीक है चोद लेना और आज ही रात को चुदाई का कार्यक्रम बना लेती हूँ.

पापा बोले- इसका मतलब तूने अनिल को पहले से ही सैट कर लिया है क्या?
मां ने कहा- अरे मैंने उसकी आंखों में देखा है वो मुझे चोदना चाहता है. वो तो मैं ही ढील नहीं दे रही हूँ. वरना वो तो मुझे नंगी करने में एक पल की देर नहीं लगाएगा.

पापा बोले- तो ठीक है आज ही ढीले दे दे अनिल को और चढ़वा ले उसे अपने ऊपर.

मैं सारी बात सुन रहा था और मन में यही सोच रहा था कि मैंने ऐसा क्या पुण्य किया, जो मुझे ऐसे मां बाप मिले.
अब मैं घर से निकल कर ज़ोश की टेबलेट और डॉट वाले कंडोम लेकर मां के पास आ गया और उनको सारा सामान दे दिया.

तभी मेरी बहन और मेरे मामा आ गए.
मैं अपनी बहन से बहुत दिन बाद मिल रहा था … तो उसने गले से लगा लिया.

उसकी बड़ी बड़ी चूचियां मेरे लंड को खड़ा कर रही थीं.

शायद मेरी बहन ने भी मेरे लंड की हरकत को समझ लिया था.
वो भी मुस्कुरा कर मुझसे अलग होकर अन्दर चली गयी.

रात को मां और मैं और पापा ने अपना प्रोग्राम शुरू किया.
मां ने गुलाबी साड़ी पहनी हुई थी.

वो मेरे पास आकर बोली- बोलो मेरे राजा क्या पियोगे … दूध या शराब?
मैं बस मुस्कुरा दिया.

उसके बाद मां पापा के पास जाकर बोलीं- तुझे क्या दूँ मेरे बालम … कॉफी या ठंडा पानी?
पापा ने मां को अपनी बांहों में खींचते हुए कहा- आज खोल दे अपनी जवानी मेरी छमिया.

मां हंसने लगीं और वो पापा का लंड सहलाने लगीं.
मैं थोड़ा पापा के सामने मां को चोदने में झिझक सा रहा था.

पापा ने मुझे शर्माते हुए देखा तो उन्होंने कहा- अरे बेटा, इसमें शर्माने वाली कोई बात नहीं है. आज से तुम इस घर के मालिक हो, अपनी मां के मालिक हो. ले लो इसकी चलो आज हम दोनों मिल कर इसकी लेते हैं. चल मेरी खड़ी क्या है … कर दे मेरे बेटे को नंगा!

इतना सुनते ही मां ने मेरी टी-शर्ट उतार कर फेंक दी, फिर पैंट भी निकाल दी.
तब तक पापा ने भी अपने सब कपड़े उतार दिए.

उसके बाद मां ने भी अपनी गुलाबी साड़ी उतार दी.
तो पापा ने आगे बढ़कर उनका ब्लाउज उतार दिया और मैंने मां के इशारे पर आगे बढ़कर उनकी ब्रा पैंटी को उतार दिया.

अब एक कमरे में हम तीनों लोग पूरी तरह से नंगे थे.

पापा ने मां की चूत को चूसना शुरू कर दिया.
मां ने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया.

दस मिनट बाद मां ने कहा- बेटा, तू चूत मार दे मेरी. अब मेरी चूत अपने बेटे का लंड मांग रही है. देख तेरे बाप का तो लंड अभी तक खड़ा ही नहीं हुआ है.
पापा ने कहा- साली रांड, तू मेरा लंड चूस ना भैन की लौड़ी.

मां कुतिया बन गईं और मैंने उनके पीछे से लंड पेल कर उनकी चुदाई चालू कर दी.
आगे से पापा अपना लटका हुआ लंड लेकर मां के मुँह के सामने आ गए.

मां ने पापा का लंड मुँह में लेकर काफ़ी देर तक चूसा, तब जाकर पापा का लंड खड़ा हो सका.
उधर मैं मां को फुल मस्ती में चोदता रहा.

पापा का लंड देख कर मैं समझ गया कि मेरी मां ने कितनी जवानी खराब की है.
लगभग 40 मिनट तक्ल मां को हचक कर चोदने के बाद मैंने अपना लंड निकाला और मां के मुँह में डाल दिया.

मैंने लंड चुसवाते हुए पापा से कहा- पापा, अब आप भी चोदो इस साली रंडी को!
पापा ने मुश्किल से 15-20 झटके मारे और उनका काम तमाम हो गया.

मां ने कहा- बेटा देख अपने नामर्द बाप की करतूत … साला भैन का लौड़ा एकदम झांटू बसंत है. अब तू फिर से मेरी चूत की खुजली मिटा. और हां इस बार मेरे मुँह में नहीं. चूत में ही रस चाहिए मुझे. चाहे तू कंडोम लगा ले.
मैंने डॉट वाला कंडोम लगाया और मां की चूत में ऐसे ऐसे वार किए, जैसे लोहे से किसी लोहे को पीटा जा रहा हो.

काफी देर तक मां चोदने के बाद मेरा लंड भी मां की चूत में उल्टी करने वाला था.
तभी मेरी मां का मूड बदल गया और उन्होंने मेरे लंड को चूत से निकाल कर कसके पकड़ लिया.

उन्होंने लंड से कंडोम निकाल दिया और मुँह में लंड लेने लगीं.
इस धकापेल चुदाई में मेरी मां करीब 3 बार झड़ चुकी थीं.

मां की चूत से उनका माल निकल चुका था … लेकिन मां को अभी भी संतुष्टि नहीं मिल रही थी.
तभी मां के मुँह में माल झाड़ते हुए मेरे मुँह से आवाज आयी- अहह आरती अह अहह … पी ले मेरा माल.

मां ने पहले मेरा रस पिया. फिर वो बोलीं- तू आरती को माल पिला रहा था या उसकी मां को?
मैं सकपका गया था.

मगर तभी मां ने कहा- क्यों ना हम चारों मिल कर आपस में चुदाई करें?
पापा भी इस बात से मान गए.

फिर 3 बजे रात को मां आरती के रूम में नंगी ही गईं.
उन्होंने देखा तो आरती अपने बॉयफ्रेंड से वीडियो कॉल पर बात कर रही थी और आरती ने अपने पूरे कपड़े निकाले हुए थे.
वो अपनी चूत में उंगली करती हुई बोल रही थी- आह चोद दे मुझे … अजय चोद साले और जोर से चोद … आह … कब से लंड नहीं घुसा है मेरी चूत में!

इस तरह की आवाजों के साथ साथ आरती की उंगली उसकी चूत से ऐसे अन्दर बाहर हो रही थी मानो आज वो अपनी चूत का पूरा भोसड़ा बना कर ही दम लेगी.
तभी अचानक से मां को सामने देख कर आरती डर गयी. मगर मां नंगी थीं तो ये बात आरती को समझ नहीं आई.

फिर मां ने आरती को समझाया.
वो सब सुनकर आरती बड़ी खुश हुई.

वो मां के साथ नंगी ही उठ कर हम दोनों बाप बेटे के सामने आ गई.

एक बार फिर से नंगनाच शुरू हो गया.
मैंने मां पापा के सामने अपनी बहन आरती को हचक कर चोदा.

करीब 5 बजे सुबह से दोपहर के 2 बजे तक हम चारों ने लंड और चूत के मजे लिए.
मेरे पापा ने आरती की मस्त जवानी को देख कर उसे दो बार चोदा. जबकि मैंने उसे तीन बार पेला.

आज मैं अपनी बहन और अपनी मां दोनों को खुल कर चोदता हूँ.
अब आरती को मामा के घर पर रहने की कोई जरूरत नहीं है.

जब से आरती घर पर रहने लगी है … तब से पापा का मूड जल्दी बन जाता है. आरती पापा का लंड चूस कर जल्दी खड़ा कर देती है. आरती और मम्मी मुझसे चुदवा कर बहुत ख़ुश हैं.

मेरा दोस्त भी मेरे बताए रास्ते पर चल कर अपनी मां को हासिल कर चुका है.

इस शनिवार को मैं अपने इस दोस्त के साथ मिलकर अपनी मां को बदल कर चुदाई करेंगे. अभी उसकी बहन भी जल्द ही चुदना शुरू कर देगी, तब मैं आरती के साथ उसके घर पर ग्रुप सेक्स का मजा लेने जाऊंगा.
इस तरह से मेरी मां का बेटे से चुदने का सपना पूरा हुआ.

यह मेरी सच्ची Xxx फैमिली की चुदाई कहानी है.
आप कमेंट्स करके बताएं कि आपको सेक्स कहानी कैसी लगी.

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