बहन की सहेली और उसकी बहन संग मजा- 5

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सामूहिक चुदाई कहानी में पढ़ें कि कैसे मैंने दो स्कूल टीचर और एक उनकी छोटी बहन के साथ मिल कर ग्रुप सेक्स का जोरदार मजा लिया.

दोस्तो, मैं लकी अपनी सामूहिक चुदाई कहानी के पिछले भाग

में आपको बता रहा था कि पूजा ने अपनी सहेली रेखा को मुझसे चुदवाने के लिए पटा लिया था.

मैंने पूजा से ये पूछा कि रेखा कैसे मानी. तब उसने मुझे उसकी कहानी सुना दी थी.

अब आगे सामूहिक चुदाई कहानी:

मैंने पूजा से पूछा- कब का प्रोग्राम रखना है?
तो पूजा बोली- रेखा, तुमसे चुदने के लिए पूरी तरह से रेडी है. उसने अपने पति से बोल दिया कि मुझे 3 दिन के लिए बाहर जाना है. वो आज ही रात में निकलेगी.

मैं पूजा से थैंक्स कह कर उसे चूम कर फोन काट दिया.

इसके बाद शाम को 5 बजे रेखा ने पूजा को कॉल किया और बोली- बता दो अपने भाई को … किधर मिलेगा वो?

उसके बाद पूजा ने मुझे कॉल किया और बोली- रेखा को गर्ल्स स्कूल से रिसीव कर लो.

मैं भी बिना देरी किए हुए रेखा को लेने पहुंच गया. जाते समय रास्ते में मैंने बियर की बोतलें भी ले लीं.

रेखा जब मुझे दिखी, तब मैंने देखा कि उसने डीप नेक गाउन पहन रखा था, जिसमें से उसकी चूचियां बाहर की तरफ झांक रही थीं.
उसे देख कर मेरा तो एकदम से लंड खड़ा हो गया.

रेखा ने मेरी फूलती पैंट को देख लिया था कि मेरा लंड खड़ा होने लगा है. लेकिन वो कुछ बोली नहीं … बस हल्के से स्माइल करके रह गई.

मैंने भी उससे कुछ नहीं कहा. मैं चाहता था कि जितनी जल्दी हो सके, उतनी जल्दी इसे लेकर पूजा के घर पहुंच जाऊं और इसे चोद दूँ.

आखिरकार दस मिनट बाद में हम दोनों पूजा के घर पहुंच गए. पूजा ने दूर से ही मेरी कार देख ली थी. उसने तुरंत आकर कंपाउंड गेट खोल दिया और हम लोग अन्दर आ गए.

कार से उतर कर पूजा ने रेखा को गले से लगा लिया और उसका हाथ पकड़ कर अन्दर ले गई.
मैं भी अन्दर आ गया.

हम सब बैठ कर बात करने लगे.

इतने में मधु भी आ गयी. उसे भी सारी बात पता था. पूजा ने उसे सब बता दिया था.

जब मधु आई तो वो बोली- अरे सबके सब ऐसे ही क्यों बैठे हो यार … अब तक फिल्म शुरू ही नहीं की. चलो सब जल्दी से अपने अपने कपड़े उतारो. तब तक मैं अन्दर किचन से खाने के लिए कुछ नमकीन और बियर के लिए गिलास ले आती हूँ.

मधु की चूत में अभी भी दर्द था, जिस कारण से वो लंगड़ा कर चल रही थी.
रेखा ने उससे पूछा- मधु तुमको क्या हुआ है. लंगड़ा क्यों रही हो?

मधु ने जवाब दिया कि ये सब उसी वजह से हुआ, जो थोड़ी देर में आपकी चूत के साथ भी होने वाला है.
वो हंस दी.

फिर हम सब पूरे नंगे हो गए.

रेखा के नंगी होते ही जब मैंने उसको सामने से और अपने करीब से देखा तो मेरा कलेजा हलक में आने लगा.
क्या बताऊं दोस्तो … उसे देख कर ऐसा लग रहा था कि जैसे स्वर्ग से कोई परी उतर कर मेरे सामने बैठी हो.

उसकी फिगर बिल्कुल उर्वशी रौतेला के जैसी थी.
क्या उठे हुए दूध थे और मस्त एकदम गोल गांड थी. सपाट पेट था, जिसमें गहरी नाभि एक अलग ही जलवा बिखेर रही थी.

उसके गोरे बदन देख कर मेरा लंड खड़ा होने लगा.

रेखा की चूचियां कम से कम 36+ की रही होंगी और उसकी गांड देख कर तो ऐसे लग रहा था कि साली को अभी पटक कर उसकी गांड चोद लूं.
लेकिन मैं ये सोच कर रह गया कि ये आई तो मेरे लंड से चुदने के लिए ही है.
बस मैं रुक गया.

उसके बाद हम सभी ने एक एक बियर पी और मैं सिगरेट पीने लगा.

सब चुत वालियों को तगड़ा नशा हो चुका था सिवाय मेरे … क्योंकि मुझे नशे के लिए व्हिस्की के तीन पैग से कम नहीं लगते हैं.

मैं सिगरेट फूंकते हुए रेखा की तरफ देख रहा था और वो भी मेरी आंखों से मुझे चोद रही थी.

तब तक मधु ने पूजा को पटक कर लिटा दिया और उसकी चूत चाटने लगी.
रेखा ये सब देख रही थी.

मैं उठा और मैंने रेखा को अपनी बांहों में उठा कर उसे दूसरे कमरे में ले आया.

कमरे में आते ही मैंने उसे बेड पर पटक दिया और भूखे शेर की तरह उसके होंठों को किस करने लगा. साथ ही उसके चूचों को दबाने लगा.
अब रेखा में भी कामवासना जग चुकी थी. वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी.

कुछ देर के बाद रेखा ने मेरा लंड पकड़ा और बोली- इतना बड़ा लंड … इससे तो मेरी जान निकल जाएगी.

वो कुछ और कहती, तब तक मैंने उसके मुँह में अपना लंड डाल दिया. वो भी पूरे जोश में मेरे लंड को चूसने लगी.

कुछ देर बाद में अपने पसंदीदा 69 की अवस्था में आ गया. अब रेखा मेरा लंड खा रही थी और मैं उसकी चूत चाट रहा था.

कोई पांच मिनट बाद वो चुदने के लिए एकदम गर्म होकर तैयार थी. उसे मेरा लंड अपनी चूत में लेने की जल्दी मचती हुई साफ़ दिखाई दे रही थी.

उसने आंख से इशारा किया कि अब पेल दो.

मैं उसे बेड के किनारे लाया और उसकी चूत पर अपना लंड रखकर एक जोरदार झटके के साथ पेल दिया.
उसकी चूत बिल्कुल कुंवारी लड़की की तरह टाइट थी. मुझे लंड पेलते समय दर्द हुआ.

लेकिन रेखा को और ज्यादा दर्द हो रहा था क्योंकि उसकी चूत की सील टूटी ही नहीं थी. उसका नामर्द पति उसे चोद ही नहीं पाया था.

वो रोने लगी.

मैंने लंड बाहर खींच लिया और तुरंत उसकी चूत पर वैसलीन लगा दी, जिससे उसकी चूत में चिकनाहट आ जाए.

फिर मैंने बिना देरी किए अपना लंड रेखा की चूत पर टिकाया और दांत भींच कर एक जोरदार धक्का लगा दिया.
इससे मेरा लंड रेखा की चूत की सील को तोड़ते हुए सीधे उसके बच्चेदानी तक पहुंच गया.

वो दर्द से ऐसे तड़प उठी जैसे किसी ने उसकी चुत में गर्म तलवार घौंप दी हो.
वो बिन पानी मछली सी तड़फने लगी और मुझसे छूटने की कोशिश करने लगी.

उसका मुँह मैंने दबा रखा था इसलिए उसकी आवाज निकल ही न सकी.

मैंने उसे कसके जकड़ रखा था और उसे किस किए जा रहा था.

कुछ देर बाद जब लंड ने चुत में अपनी जगह बना ली, तो वो शांत हो गई.

उसे शांत देख कर मैंने एक और धक्का दे दिया.
अब वो फिर से रोने लगी थी और उसकी चूत से खून भी भलभला कर निकल रहा था.

मैं कुछ देर के लिए रुक गया और उसके चूचों के साथ खेलने लगा.

जब उसे आराम मिला, तो मैं धीरे धीरे अपने लंड को रेखा की चूत में आगे पीछे करने लगा.

अब उसे मजा आने लगा था.
मैंने अपनी चुदाई की स्पीड बढ़ा दी, तो वो भी मेरा साथ देने लगी.

रेखा अपनी गांड उठा उठा कर चुदवाने लगी. मैंने भी पूरी ताकत लगा दी और उसे घपाघप चोदना चालू कर दिया.

वो बार बार बोल रही थी- आज तक मेरे पति ने मेरे चूत की खुजली खत्म ही नहीं की … आह बड़ा मज़ा आ रहा है … उंह चोदो मुझे … फाड़ दो मेरी बुर.

वो कामुक सिसकारियां ले रही थी. उसकी मादक सिसकारियों से पूरे कमरे का माहौल गर्म हो चुका था.

वो- आह चोद दो उह ..आह आह यस डार्लिंग.

अब रेखा का शरीर अकड़ने लगा था, तो मैं समझ गया कि वो झड़ने वाली है.
मैंने अपनी स्पीड को बढ़ाया और उसे जोर जोर से चोद रहा था.

तभी वो झड़ गयी. उसका शरीर एकदम शांत हो गया था. पर मैं उसे ताबड़तोड़ चोदे जा रहा था.

कुछ ही देर बाद मैं भी झड़ने वाला था. मैंने उसकी चूत में अपने लंड का फव्वारा छोड़ दिया और उसी तरह उसकी चूत में अपने लंड को डाले लेटा रहा.

कुछ देर बाद हम दोनों उठे और एक दूसरे को साफ करके उसी तरह नंगे ही मधु और पूजा के पास आ गए.
रेखा की चूत में दर्द हो रहा था. वो लंगड़ा कर चल रही थी.

तो मधु ने हंस कर कहा कि तुझे पता चल गया होगा कि मुझे क्या हुआ था … मैं किस कारण लंगड़ा रही थी. तेरे साथ तो ये आज पहली बार हुआ. हम लोग के साथ तो कितने महीने से हो रहा है.
इस पर रेखा हंस पड़ी.

फिर कुछ देर मजाक करने के बाद हम सभी ने उसी तरह बिना कपड़ों के साथ में खाना खाया.

खाने के बाद मधु ने रसगुल्ले का रस खुद के शरीर के साथ साथ पूजा और रेखा के शरीर पर भी लगा दिया.
मधु ने अपनी चूत पर प्लस्टिक का लंड बांध लिया और वो पूजा को चाटने लगी. पूजा मधु को चाटने लगी.

मैंने भी रेखा को जमीन पर लेटा दिया और उसके शरीर पर लगा रसगुल्ले के शीरा को चाटने लगा. मेरे चाटने से रेखा फिर से गर्म होने लगी. वो अपनी चूत का दर्द भूल गयी और मेरे लंड को चूसने लगी.

उधर पूजा भी चुदने को तैयार थी, तो मैंने रेखा की चूत पर एक प्लास्टिक का लंड बांध दिया.
मधु समझ गयी कि आगे क्या होने वाला है.

उसने झट से वैसलीन निकाली और रेखा के प्लस्टिक वाले लंड पर लगा दी.
फिर उसने अपनी गांड पर भी वैसलीन मल ली.

मैंने पूजा को बेड पर लिटा दिया और एक झटके में अपना लंड पूजा की चूत में डाल दिया.

तब मधु रेखा को चाट रही थी और उसके चूचों को मसल रही थी. मैं पूजा को चोदे जा रहा था.

उसके बाद मधु ने रेखा को उल्टा कर दिया और उसकी गांड पर अपनी उंगली से वैसलीन डालने लगी.
तब तक पूजा एक बार झड़ चुकी थी, मगर मैं उसे धकापेल चोदे जा रहा था.
वो सिर्फ जोर जोर से चोदने के लिए चिल्ला रही थी.

पूजा के झड़ने के बाद मैंने अपना लंड चुत से निकाला और पूजा को उलटा करके उसकी गांड में वैसलीन लगा दी.

फिर मैंने मधु को भी उल्टा कर दिया और उसे पूजा के ऊपर चढ़ा दिया. जिससे मधु का प्लास्टिक का लंड सीधा पूजा की गांड में घुस गया.

मैंने पीछे आकर मधु की गांड पर अपना लंड टिका कर एक झटके में उसकी गांड के अन्दर डाल दिया.

कुछ देर मधु की गांड मारने के बाद मैंने अपना लंड बाहर निकाला और रेखा को मधु के ऊपर लेटा दिया, जिससे रेखा की चूत में जो प्लास्टिक का लंड बंधा था, वो मधु की गांड में घुस गया था.
ऐसे में मधु की चूत पर बंधा प्लस्टिक का लंड पूजा की गांड में … और रेखा की चूत से बंधा प्लास्टिक का लंड मधु की गांड में चलने लगा था.

मैं खुद पीछे आकर रेखा की गांड में फिर से वैसलीन लगाने लगा.
मैंने अपने लंड पर भी चिकनाई लगाई तो रेखा समझ गयी कि अब उसकी गांड फटने की बारी है. लेकिन वो चुप थी.

मैंने भी बिना देरी किए रेखा की गांड पर अपना लंड टिकाया और पूरी ताकत के साथ उसकी गांड में अपना लंड घुसा दिया.
रेखा ने तब से पहले किसी से गांड नहीं मरवाई थी, जिस कारण मेरा लंड रेखा के गांड में अटक गया.

वो दर्द से छटपटा उठी और उसने अपनी गांड को टाइट कर लिया.
मैंने भी बिना देरी किए उसकी गांड पर एक जोरदार मुक्का मारा तो उसने तुरंत अपना गांड को ढीला कर दिया.

तभी मैंने एक जोरदार धक्का दे दिया. इस बार मेरा पूरा लंड रेखा की गांड में घुस गया था.

वो दर्द से सिहर उठी और उसने झटका दे दिया, जिस कारण से मधु को भी दर्द हुआ और पूजा को भी.

पर मधु ओर पूजा पुरानी खिलाड़ी थीं, इस कारण दोनों को फर्क नहीं पड़ा.

इधर मैंने अपनी स्पीड को बढ़ा दिया और रेखा की गांड को धकापेल चोदे जा रहा था. रेखा मधु और पूजा तीनों एकदम मस्त होकर गांड चुदा रही थीं.

तीनों ‘आह उन्ह आह … मार दिया … आह फाड़ फाड़ दे साले ..’ बोल रही थीं और तीनों की एक साथ गांड चुदाई चल रही थी.

मधु थोड़ी हरामी टाइप की थी, उसने जो नकली लंड लगाया था, वो 4 इंच मोटा और 8 इंच लम्बा था, जिससे पूजा की गांड की हालत खराब हो गई थी.

मैं रेखा की गांड को चोदे जा रहा था. वो बार बार बोल रही थी कि आज मुझे रांड बना दो … आह फ़क मी डार्लिंग आह साले कमीने भैन के लौड़े चोद दे.

मैं उसे रांड की तरह चोदे जा रहा था और उसे गाली भी दे रहा था- साली कुतिया … बहुत दिन से तेरी चूत चोदने की फिराक में था माँ की लौड़ी साली … ले लंड का मजा ले आह ले रानी अब मेरा गिरने वाला था.

मैंने रेखा को सीधा किया और उसकी चूत से प्लास्टिक का लंड खोल कर उसकी चूत में अपना लंड घुसा डाला.

वो एकदम से सिहर उठी. मैं पूरी स्पीड से उसकी चुदाई कर रहा था. उसकी चूत से फिर खून आने लगा था.

रेखा बेतहाशा चिल्ला रही थी- आह मादरचोद आज ही मुझे रांड बना दे कमीने कुत्ते साले चुत फाड़ दी हरजाई ने.
वो जितनी गाली देती, मैं उतनी और जोर से उसे चोदने लगता.

उधर मधु और पूजा भी शान्त हो चुकी थीं. अब मेरे लंड से सारी मलाई निकल गई और मैं अपना लंड रेखा की चूत में ही डाले रहा.

इस सामूहिक चुदाई से मैं पूरी तरह से थक चुका था. कुछ देर रुकने के बाद हम लोगों ने एक एक बियर के साथ सिगरेट पी और साथ में नमकीन लिया.

अब रात के 11 बज चुके थे. मैं थक चुका था. हम लोग उसी तरह बेड पर बिना कपड़ों के ही सो गए.

थोड़ी देर बाद मैंने महसूस किया कि मेरे लंड पर हलचल हो रही थी. इससे मेरी नींद खुल गई.

मैंने देखा कि मधु मेरे लंड को चूस रही थी.

अगली बार मैं आपको बताऊंगा कि आगे क्या हुआ. धन्यवाद. मेरी सामूहिक चुदाई कहानी आपको कैसी लगी?
आपके मेल मुझे मिलते रहेंगे, सेक्स कहानी लिखने की प्रेरणा मिलती रहेगी.
लकी सिंह

आगे की कहानी:

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