पति के दोस्त के साथ मालदीव में हनीमून- 1

Bhabhi Sex Stories

अपने दोस्त की बीवी को सेक्स के लिए पटा लिया मेरे पति के दोस्त ने! यानि उसने मुझे उसके साथ मालदीव में हनीमून ट्रिप पर जाने के लिए तैयार कर लिया.

दोस्तो, मैं शमा, एक बार फिर से आपकी खिदमत में हाजिर हूँ.
मैं जानती हूँ कि आप सब मेरी विकास के साथ हनीमून की कहानी का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे हैं.

वैसे आपने मेरी पिछली कहानी में मेरे की पूरी घटना पढ़ ली होगी.

मुंबई से आने के बाद अब विकास मुझे तकरीबन हर रोज़ फ़ोन या मैसेज करने लगा था.
जैसा कि आप सब लोग जानते हैं कि जो शर्त उसने मानव से लगायी थी, वो उसने जीत ली थी.
इसलिए मानव भी अभी मुझे विकास से बात करने को नहीं रोकते थे.

वर्मा वाली शर्त का तो आप लोगों को मालूम ही है … हा हा हा.
उसे सिर्फ नंगा बदन देखना था मगर विकास ने तो उसे मेरी यानि दोस्त की बीवी की चुदाई दिखा कर उससे ख़ासा माल तक ऐंठ लिया था.

मुंबई से आने के तीन हफ्ते बाद विकास ने मुझे व्हाट्सैप पर मेरे नाम की मालदीव की फ्लाइट टिकट भेजी थी.
मैंने उससे पूछा- मानव की टिकट कहां है और मुझे इसके कितने पैसे ट्रांसफर करने हैं तुम्हें?

विकास ने कहा- ये टिकट हमारे हनीमून के लिए है, तो वहां मानव का क्या काम? बल्कि मैंने तो कुछ पैसे भी भेजे है तुम्हारे अकाउंट में, ब्राइडल शॉपिंग और ब्राइडल मेकअप वगैरह भी तो करवाना है तुम्हें.

जब विकास ने ये लिखा, तो मैं सोच रही थी कि मानव को मैं कैसे और क्या बताऊंगी?

उस वक्त शाम के सात बज रहे थे.
विकास का कॉल मेरे फ़ोन पर आया.
उसने पूछा- मानव कहाँ है?
“वो यहीं हैं.”

मेरे इतना कहने पर विकास ने मुझे फ़ोन का स्पीकर ऑन करने को कहा.

“हैलो मानव, मैंने भाभी की टिकट भेज दी है तुम्हारी.” विकास ने कहा.

ये सुनकर मेरी तो मानो गांड ही फट गयी कि ये विकास क्या बोल रहा है.

“कौन सी भाभी मेरी?” मानव ने हैरानी से पूछा.

“पूरी बात तो सुन लो पहले, भाभी की टिकट भेज दी है शमा की, तुम्हारी नहीं भेजी क्योंकि तुम्हें वर्मा से मिलने जाना है. वो बुला रहा है काम के सिलसिले में!”

विकास ने हंसते हुए ये कहा तो मैं भी उसकी गोल-मोल सी बात सुन कर मुस्कराने लगी थी कि साला कितना हरामी है.

“मैं भी बिज़ी रहूँगा शादी के चक्कर में … तुम्हें तो पता ही है.”
विकास ने अपनी बात को पूरा करते हुए कहा.

“मुझे भी तो शादी में आना था.” मानव बोले.

इस पर विकास ने मानव से कहा- आप काम खत्म होते ही वहां से सीधा शादी में आ जाना, बाकी मैं शॉपिंग की लिस्ट भाभी को भेजता हूँ.
विकास ने इतना कह कर फ़ोन बंद कर दिया.

मानव का मन रखने के लिए मैंने कहा- मेरा बिल्कुल मन नहीं है आपके बिना जाने का!
जबकि मेरी चूत में बेफिक्र होकर चुदने की ऐसी आग लग रही थी जैसे सच में ये मेरा पहला हनीमून हो.

मानव ने कहा- नहीं शमा, तुम्हें जाना चाहिए वो लड़की जिसकी शादी है, वो तुम पर भरोसा करके बैठी होगी.

अगले दिन सुबह मैं जल्दी ही घर से निकल गयी.
पहले मुझे सैलून जाना था जहां मैंने ब्राइडल पैकेज बुक करवा रखा था.

जो लड़की मेरी फुल बॉडी और बिकिनी वैक्स कर रही थी, उसने पूछा- दीदी, आपकी तो शादी हो चुकी है तो फिर आप दुबारा ब्राइडल पैकेज कैसे?
मैंने मुस्कुरा कर कहा- नहीं, ऐसा नहीं है. हम लोग अपने सेकंड हनीमून पर जा रहे हैं इसलिए!
उसने कहा- ओह ये बात है … तो मैं और भी अच्छे से करती हूँ, भईया खुश हो जाएंगे.

उसने मेरी चूत की अच्छी तरह वैक्स की, फिर मसाज की ताकि मेरी चूत और भी चिकनी और चमकदार हो जाए.
फिर उसने मुझे घोड़ी बना कर मेरी गांड की अच्छी तरह अन्दर तक वैक्स की और मसाज भी.

अब मेरी गांड और चूत ऐसी चिकनी और चमकदार बन गयी थी जैसे किसी नयी नवेली दुल्हन की होती है.
सैलून से निकल कर मैं ब्राइडल ब्रा पैंटी लेने गयी.

विकास ने स्पेशली रेड और वाइट कलर की लेस वाली ब्रा पैंटी लेने को कहा था.
मैंने बहुत ही सेक्सी ब्रा पैंटी के दो सैट ले लिए.

फिर मैंने विकास की पसन्द के हिसाब से एक लाल शिफॉन की साड़ी और शादी वाली लाल चूड़ियां भी ले लीं.

शाम हो चुकी थी और मैं पैकिंग कर रही थी, सुबह सात बजे की मेरी फ्लाइट थी.

मानव मेरे सूटकेस की तरफ दखते हुए बोले- ये तो सारे दुल्हन के कपड़े हैं, तुम्हारे कपड़े कहां है?
एक पल के लिए मैं सुन्न हो गयी और मेरी गांड ही फट गयी कि अब मैं क्या बोलूं.

“हां वो मैंने दूसरे बैग में रखे हैं, इसमें जगह नहीं थी … और ये दुल्हन के कपड़े नए हैं तो अलग बैग में ही पैक कर लिए.” मैंने हड़बड़ाहट में जो समझ आया, बोल दिया.

“अच्छा, ठीक है!” मानव ने मेरे माथे पर किस किया और दूसरे रूम में सोने चले गए क्योंकि उनकी दुबई की फ्लाइट भी सुबह ही थी.

अगली सुबह मैं जल्दी से तैयार हो गयी, मैंने प्लीट्स वाली स्कर्ट पहनी, साथ में क्रॉप टॉप, जिसके नीचे मैंने ब्रा पैंटी नहीं पहनी थी.
मानव ने जैसे ही मुझे देखा, वो बोले- तुम ये पहन कर जाने वाली हो फ्लाइट में?

वो मेरे मोटे मोटे मम्मों को घूरते हुए कह रहे थे, क्योंकि मेरे क्रॉप टॉप में से मेरे तने हुए निप्पल साफ़ दिखाई दे रहे थे.
मैंने कहा- हां, फ्लाइट में मैं थोड़ा रिलैक्स ही रहना चाहती हूँ, वैसे भी मुझे सोते हुए ही जाना है.

अब कुछ तो बहाना मारना ही था.

हम लोग कैब से एयरपोर्ट पहुंचे और जल्दी से बोर्डिंग पास के लिए काउंटर की तरफ बढ़े.
दोनों की फ्लाइटस अलग अलग होने की वजह से हमें अलग अलग काउंटर पर जाना था.

अभी हम काउंटर ढूंढ ही रहे थे कि इतने में किसी ने पीछे से आकर मेरी स्कर्ट के नीचे से गांड को टच किया.
मैं एकदम से उछल सी गयी.

मैंने जैसे ही मुड़ कर देखा, विकास ने मुझे गले से लगाते हुए मेरे कान में धीरे से कहा- वैरी गुड. मैं तो पैंटी चैक कर रहा था, कहीं पहनी तो नहीं तुमने.
उसको यूं अपने सामने यहां देख कर मेरे तो पूरे बदन में बिजली दौड़ गयी.

फिर उसने मानव से हाथ मिलाते हुए कहा- तुम्हारा काउंटर वहां सामने है. हमें पीछे की तरफ जाना है.
ये कहते ही उसने मेरी कमर में हाथ डाला और मुझे साथ लेकर घूम गया.

मैं मानव को ठीक से बाय भी नहीं बोल पायी.
मैंने मुड़ कर देखा तो मानव भी अपने काउंटर की तरफ जा रहा था.

मालूम नहीं उसने विकास को मुझे इस तरह पकड़ते हुए देखा या नहीं.
विकास ने मुझे कमर से पकड़ कर इस तरह अपने साथ चिपका रखा था, जैसे उसको आस-पास के लोगों की कोई परवाह ही ना हो.

अब मैं भी मानव का ख्याल दिमाग से निकाल चुकी थी, अगर उसने मुझे ऐसे देखा भी होगा तो जो होगा, वो वापिस आकर देखा जाएगा.
मैंने विकास से कहा- अब तो छोड़ दो … लोग देख रहे हैं.

विकास बोला- तो क्या हुआ, मैंने अपनी बीवी को पकड़ा है, जिसे मैं हनीमून पर दिल खोल कर चोदने ले जा रहा हूँ.
ये बोलते ही उसने सबके सामने मेरे होंठों पर किस कर लिया.

उसके मुँह से खुलेआम चुदाई की बात सुनकर मेरी तो शर्म के मारे चूत गीली होना शुरू हो गयी.

बोर्डिंग पास लेते टाइम जो लड़का बोर्डिंग पास इश्यू कर रहा था, विकास ने उससे बोला- मैं अपनी वाइफ के साथ हनीमून पर जा रहा हूँ तो हमें गैलरी के बगल वाली (सबसे आखिरी) सीट देना.

उस लड़के ने अजीब सी हंसी हंसते हुए मेरी तरफ देखा जैसे वो अपनी आंखों से मेरा चुदाई समारोह यहीं कर देगा.
उसने बोर्डिंग पास विकास को पकड़ा दिए.

हम लोग प्लेन में बैठ कर टेक ऑफ की वेट कर रहे थे.
मैं फ़ोन ऑफ करने ही वाली थी कि विकास ने मेरा फ़ोन लिया और मेरे साथ चिपक कर सेल्फी खींच कर मानव के नंबर पर सेंड कर दी.
नीचे हैप्पी जर्नी लिख दिया.

मेरी तो गांड फट कर हाथ में आ गयी कि ये क्या किया.
मैंने थोड़ी तिलमिलाहट से पूछा तो वो बोला- कुछ नहीं, सिर्फ मानव को बताया है कि तुम ठीक से फ्लाइट में बैठ गयी हो. वैसे भी हम दोनों फोटो में पति पत्नी की तरह ज्यादा सुंदर दिख रहे हैं.

उसके मुँह से ये सुनते ही मेरी आंखें शर्म से नीची हो गईं और मेरा गुस्सा भी शांत हो गया.
मैंने अपना फोन बंद किया और विकास के होंठों पर किस कर दिया.

प्लेन को टेक ऑफ हुए अब बीस मिनट हो चुके थे.
सभी लोग अपनी अपनी सीटों पर आराम से बैठे थे.

इतने में विकास ने मुझे अपनी गोद में बिठा लिया और मेरा क्रॉप टॉप एकदम झटके से ऊपर कर दिया.

विकास ने अब मेरे दोनों के दोनों गोल मटोल गोरे मम्मे प्लेन में नंगे कर लिए थे.
एक हाथ से वो मेरे मोम्मे मसल और चूस रहा था, वहीं दूसरा हाथ पूरा मेरी चूत में डाल रखा था.
मैं भी खूब मज़े ले रही थी.

मेरी मोटी गांड जो उसके लंड से छू रही थी, उससे कुछ ही देर में उसका लंड तन गया था.
मैंने जल्दी से उसकी गोद से उतर कर उसकी पैंट की जिप खोली तो उसने भी नीचे कुछ नहीं पहना था.

अपने एक हाथ से मैंने उसका लंड बाहर निकाला और दूसरे हाथ से उसके मोटे टट्टे सहलाए, जिनकी मैं पहले दिन से ही दीवानी हूँ.
मैंने दो बार उसका लंड चाटा क्योंकि उसका लंड मेरे मुँह में तो फिट होता नहीं इसलिए मैंने सीधा उसके ये मोटे चिकने माल से भरे हुए टट्टे मुँह में ले लिए. मैं विकास के टट्टों को तसल्ली से चाटने और चूसने लगी.

काफी देर तक मैं उसके टट्टे चूसती रही.

विकास ने कहा- मैं झड़ने वाला हूँ.
मैंने हाथ के इशारे से आने का कह दिया.
उसने अपना सारा माल मेरे मुँह में निकाल दिया.

उसका माल इतना गाढ़ा और गर्म था. मुझे इतना अच्छा लग रहा था कि मैं बिना रुके उसका सारा माल पीती चली गयी, जब तक उसके टट्टे खाली नहीं हो गए.

इतने में कप्तान की अनाउंसमेंट हुई कि हम लोग कुछ ही देर में लैंड करने वाले हैं.
मैं अपनी सीट पर ठीक होकर बैठ गयी, मैंने अपने कपड़े ठीक किए और बेल्ट लगा ली.

माले पहुंच कर हम लोग पास के एक होटल में आ गए.
विकास ने कहा- अभी आराम कर लो. दो-तीन घंटे हैं अपने पास, उसके बाद तो तुम्हें आराम नहीं मिलने वाला.

मैंने पूछा- ऐसा क्यों?
विकास मेरी मोटी गांड पर चमाट लगाते हुए बोला- हनीमून पर मैं आराम करने थोड़ी आया हूँ.

मैंने शर्मा कर आंखें नीची कर लीं.
मैं मन ही मन सोचने लगी कि इन पांच छह दिनों में मैं बहुत ज्यादा और बुरी तरह चुदने वाली हूँ. इससे पहले ये कमीना अभी मेरी चूत में लंड दे दे, मैं आराम ही कर लेती हूँ.

और मैं टांगें पसार कर सो गई.

अब शाम के छह बज चुके थे और तभी दरवाज़े की घंटी बजी जिसके कारण मेरी आंख खुल गयी.
एक सर्विस ब्वॉय हाथ में बड़ा सा बैग लेकर खड़ा था.

उसने वो बैग मेरे हाथ में दिया और थैंक्यू बोल कर चला गया.

मैंने वो बैग अन्दर आकर खोला तो उसमे बहुत ही सुंदर सफ़ेद वेडिंग गाउन था.
इतने में विकास शॉवर लेकर बाहर आया, आते ही पीछे से मुझे हग कर लिया.

मेरे पूछने से पहले ही बोला- इस गाउन में तुम कमाल लगोगी और तुम्हें इस गाउन में चोदने का मज़ा ही अलग होगा.
मैं उसकी तरफ घूम गयी और उसके नंगे बदन से लिपटते हुए मैंने पूछा- ये गाउन मेरे लिए है?

उसने बताया कि जैसे मानव से और वर्मा से शर्त लगायी थी, वैसे ही एक शर्त मैंने ऑफिस के कुछ दोस्तों से भी लगायी थी कि एक दिन तुम्हें अपनी बीवी बना कर चोदूँगा.
मैं उसकी तरफ सवालिया नजरों से देखने लगी.

“आज हम लोग पहले बीच पर इसाई पद्धति से शादी करेंगे, फिर सुहागरात. ऑफिस के कुछ लोग वहां आए हुए होंगे. कल सुबह हम लोग सी प्लेन से वाटर विला पर चलेंगे, जहां पांच दिन तक हमें कोई तंग नहीं करेगा.”

मैंने कुछ नहीं कहा; बस वो गाउन पहन कर मैं विकास के साथ बीच पर पहुंची, तो वहां दस बारह लोग पहले से खड़े थे.

मैं समझ गई कि ये सब ऑफिस वाले ही होंगे.
मैं और विकास जैसे ही वहां बने छोटे से स्टेज पर पहुंचे, सब लोग मेरी तरफ ऐसे देख रहे थे, जैसे मैं नंगी खड़ी हूँ.

इतने में मुझे अहसास हुआ कि सारी लाइट्स हमारी ओर होने के कारण सच में मेरे जाली दार गाउन में से मेरी पैंटी और ब्रा साफ़ दिख रहे थे. जैसे मैंने सिर्फ वो ही पहने हों.
मुझे इतनी शर्म आयी कि मैं विकास के पीछे छुपने की कोशिश करने लगी थी.

विकास ने मुझे वापिस सामने करते हुए कहा- अरे यार, वो लोग तुम्हें ही तो देखने आए हैं और तुम पीछे छुपोगी तो वो कैसे देखेंगे. तुम्हें पता नहीं कि आज तुम कितनी मस्त लग रही हो. सब लोगों के लंड अब तक तन चुके होंगे. लेकिन तुम्हें चोदूँगा सिर्फ मैं, ये सब सिर्फ तुम्हें याद करके अपना लंड हिलाएंगे.

पादरी ने शादी करवाने के बाद जैसे ही दुल्हन को चूमने के लिए कहा.
विकास ने सबके सामने मेरी कमर से अपनी तरफ खींच कर इतनी ज़ोर से मेरे होंठ चूसे कि साले ने मेरे होंठ सुजा दिए.

जब हम होटल में वापिस आए तो विकास ने रूम में आते ही मेरा गाउन फाड़ दिया.
अपने फ़ोन से मेरी उस वाइट ब्राइडल ब्रा पैंटी में काफी सारी तस्वीरें खींचना शुरू कर दीं.

वो बोला- बाद में ये मेरे दोस्तों के काम आएंगी.
मुझे इतनी शर्म भी आ रही थी और गुस्सा भी, लेकिन आज बिना किसी रोक-टोक के उससे चुदने के लिए मैं बेताब थी.

फिर उसने मुझे कुतिया बना लिया और तीन-चार कस कसके मेरी मोटी गांड पर थप्पड़ लगाए.
मेरे दोनों चूतड़ बुरी तरह लाल हो गए और उस पर विकास की उंगलियां छप गयी थीं.

उसने एक फोटो मेरी उंगलियां छपी हुई लाल गांड की फिर से खींची.
फिर विकास ने मेरी पैंटी को दोनों हाथों से पकड़ा और एक झटके से फाड़ दिया.

मेरी गांड और चूत अब उसके सामने अब बिल्कुल नंगी होकर मानो उसके मोटे तगड़े लंड की भीख मांग रही थी.
विकास खुद भी पूरा नंगा हो गया और अपने लौकी जैसे मोटे लंड से मेरी गांड के ऊपर से मारा.

उसके लंड का गर्म अहसास होते ही मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया.
मैंने अपनी गांड पूरी तरह से उसकी तरफ घुमा दी.

विकास ने अपना मोटा लंड मेरी चूत पर रगड़ा और इससे पहले मैं कंडोम का जान पाती या उसे पहनने को कहती, विकास ने अपना गर्मा-गर्म बिना कंडोम वाला लौड़ा मेरी चूत में ठूंस दिया.
“उई मां मर गयी.”

विकास को मेरे चीखने पर जैसे और जोश चढ़ रहा था.
जैसे जैसे मेरी चीखें निकल रही थीं, उसके झटके तेज़ होते जा रहे थे.
उसके कुछ ज़बरदस्त झटकों के बाद मेरी चूत जैसे सुन्न हो गयी थी.

पन्द्रह मिनट में उसके खतरनाक झटकों से दो बार झड़ चुकी थी.
विकास रुकने का नाम नहीं ले रहा था.

मैंने मज़े लेते लेते कहा- प्लीज़ मुझे गोद में उठा कर लंड पर बिठा कर चोदो.
विकास ने बिना अपना लंड मेरी चूत से निकाले मुझे घुमा कर उठा लिया.

अब मैं पूरी हवा में सिर्फ उसके लंड पर बैठ कर चुद रही थी और वो मेरे मोटे गोरे चूचे पागलों की तरह चूस रहा था.

काफी देर तक मुझे तसल्ली से हर एक पोज़ में चोदने के बाद विकास ने कहा- मैं आने वाला हूँ.
जबकि मैं तीन-चार बार झड़ चुकी थी.

मैं खुद भी चुदने के नशे में इतनी चूर थी कि मैंने बिना सोचे उससे कह दिया- भर दो सारा माल मेरी चूत में, वैसे भी अब तो तुम ही मेरे पति हो. मैं इतना गाढ़ा माल वेस्ट नहीं करना चाहती हूँ.

ये सुनते ही उसने एक ज़बरदस्त झटका देते हुए सारा माल मेरी चूत में निकालना शुरू कर दिया.
मुझे पहली बार किसी का ऐसा माल जो गर्म था, अपनी चूत में भरवाने का अहसास हुआ.

विकास ने अपने टट्टे मेरी चूत में खाली करते ही मुझे बेड पर पटक दिया और खुद भी बेड पर लेट गया.

दोस्तो, अभी मैं अपनी कहानी यहां कुछ समय के लिए रोकती हूँ. मुझे अपनी सहेली के साथ मार्किट जाना है.
आगे की दोस्त की बीवी की चुदाई कहानी मैं आप लोगों को आकर बताती हूँ कि कैसे अगले पांच दिन विकास ने और किस किस ने मुझे कुतिया की तरह चोदा.

आप मुझे मेल कर सकते हैं, मुझे अच्छा लगेगा.

दोस्त की बीवी की चुदाई कहानी का अगला भाग:

Related Posts

Leave a Reply

DMCA Notice: RedHotStories.com respects the intellectual property rights of others and complies with the Digital Millennium Copyright Act (DMCA). If you believe that any content on this website infringes upon your copyright, please send a detailed notice to admin@redhotstories.com including: (1) your contact information, (2) a description of the copyrighted work you claim has been infringed, (3) the exact URL(s) of the allegedly infringing material, (4) a statement that you have a good faith belief that use of the material is not authorized by the copyright owner, and (5) a statement made under penalty of perjury that the information in your notice is accurate and that you are authorized to act on behalf of the copyright owner. Upon receiving a valid DMCA request, we will review and remove the infringing content promptly.