नये बॉयफ्रेंड से बॉयज़ वॉशरूम में चुदी

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क्लासरूम सेक्स कहानी में पढ़ें कि मेरी क्लास के एक हैंडसम लड़के को मैं पसंद करती थी. एक दिन उसने मेरी चूची दबा दी. मेरा भी मन मचल उठा.

फ्रेंड्स कैसे हो आप सब?
आज मैं आपको मेरी क्लासरूम सेक्स की कहानी सुनाने जा रही हूं.

क्लासरूम सेक्स कहानी बताने से पहले अपने बारे में कुछ बता देती हूं.

इस कहानी को लड़की की वासना भारी आवाज में सुनें.

मेरा नाम निशा है और मैं 22 साल की हूं. मेरी हाईट 5.5 फीट है और मेरा रंग गोरा है. मेरा फिगर 35-28-34 है और मैं दिखने में बहुत सेक्सी हूं.

यह बात 4 साल पुरानी है जब मैं 12वीं में थी. मेरी क्लास के सारे लड़के मेरे बूब्स दबाने के लिए मरे जाते थे.

उन सबसे अलग मेरी क्लास में एक हैंडसम लड़का था. उसकी पर्सेनेलिटी बहुत अच्छी थी. मैं उसको देखा करती थी. उसकी पैंट में उसका लंड भी दिखता रहता था.

कई बार चलते हुए या क्लास में बैठे हुए भी उसका लंड दिखाई देता था. मेरी क्लास की अन्य लड़कियां भी उसको देखा करती थीं. उसकी पैंट की ओर उसके लंड को भी चोर नजर से देखती रहती थीं.

एक दिन टीचर ने हमारी सीट बदलवा दी और इत्तेफाक से उस लड़के की सीट मेरी सीट के पीछे ही आ गयी.

पीछे आकर बैठने के बाद वो बड़बड़ाता हुआ उसको गाली देने लगा- साली रंडी ने सीट बदलवा दी … इसकी मां की … साली ने सारा मूड खराब कर दिया.
मैं पीछे मुड़कर देखने लगी तो वो थोड़ा चुप हुआ.

फिर मैं बोली- ऐसे गाली मत दे उनको, टीचर है वो!
वो बोला- तुझे बड़ी लगी हुई है उसकी इज्जत की?
मैंने कहा- तो ठीक है, और गाली दे … अगर उसने सुन लिया तो तेरी खैर नहीं.

फिर वो चुप हो गया. उसके बाद उसने गाली नहीं दी.

बीच बीच में वो मुझसे बात करता रहा. मुझे भी अच्छा लग रहा था क्योंकि मैं भी उसको पसंद करती थी.

फिर बातों ही बातों में उसने मुझसे पूछा- तेरा कोई बॉयफ्रेंड है क्या?
मैंने जवाब दिया- हां है.
वो बोला- फिर तो तूने उसके साथ किया भी होगा?
मैंने अन्जान बनते हुए कहा- क्या?

फिर वो बेशर्म होकर बोला- सेक्स.
मैं बोली- नहीं, मैंने कभी नहीं किया.
उसने कहा- तो फिर तेरे इतने बड़े (बूब्स) कैसे हैं?

मैं हंसकर बोली- पता नहीं.
उसके बाद मैंने उससे बात नहीं की क्योंकि टीचर देख रही थी.
फिर वो भी आराम से बैठ गया.

तभी लंच का समय हो गया. लंच के बाद हमारा खेल का पीरियड था लेकिन मुझे लंच के बाद पेट में हल्का दर्द होने लगा था.

मैंने टीचर को ये बात बताई.
वो बोली- ठीक है, तो तुम प्लेग्राऊंड में मत जाना.

जब पीरियड शुरू हुआ तो क्लास के सारे स्टूडेंट नीचे चले गये. मैं कमरे में अकेली बैठी रही.

क्लास खाली देखकर मैं बेंच पर लेट गयी क्योंकि मुझे बैठने में दिक्कत हो रही थी.

मैं आंखें बंद करके लेटी हुई थी कि अचानक से किसी ने मेरी चूची को सहला दिया.
मैं सकपका गयी और एकदम से उठी तो सामने वही लफंगा खड़ा हुआ था.
वो मेरा चेहरा देखकर हंसने लगा.

गुस्सा होते हुए मैंने कहा- पागल है क्या तू, क्या कर रहा था ये?
उस पर जैसे मेरे गुस्से का फर्क ही नहीं पड़ा.

वैसे तो मैं भी उसको पसंद करती थी लेकिन उसने बिना पूछे मुझे छू लिया इसलिए मैं नाराज थी.

वो बोला- तूने मेरी बात का जवाब नहीं दिया था तब.
मैंने कहा- कौन सी बात?
वो बोला- यही कि … तेरे इतने बड़े कैसे हो गये?

मैं बोली- उससे पहले तू ये बता कि तू क्लास में कैसे आ गया?
उसने कहा- मेरे भी पेट में दर्द है, मैं हम दोनों का दर्द मिटाने आया हूं.

मैं जान गयी कि ये उसने जानबूझकर किया है. उसने मेरी और टीचर की बातों को सुन लिया था.

फिर वो मेरे पास आ गया और मेरे हाथ को सहलाने लगा.
वो बोला- यार, एक बार तेरे टच करने का बहुत मन कर रहा है मेरा. बहुत बड़े हैं तेरे.

मैं मना करने लगी. मगर वो कहां मानने वाला था.

वो मेरे बहुत पास आ बैठा. मैं भी उसको पसंद करती थी. उसने आकर मेरी चूचियों को छूना और धीरे से सहलाना शुरू कर दिया.
मैंने भी उसका मन रखा और उसको कुछ नहीं कहा.

उस टाइम सर्दियां थीं तो मैंने स्वेटर पहना हुआ था. स्वेटर के नीचे से उसका हाथ आया और वो मेरे बूब्स को दबाने लगा.

मुझे शर्म आने लगी तो मैंने उसका हाथ हटा दिया.
मैं वहां से उठकर दूसरे बेंच पर जा बैठी.

मुझे खुद पर गुस्सा भी आ रहा था क्योंकि मैं उसके चक्कर में अपने पहले वाले बॉयफ्रेंड को भी धोखा दे रही थी.
मगर वो मेरे बॉयफ्रेंड से देखने में कहीं ज्यादा अच्छा था और मैं उसको रोक नहीं पा रही थी.

वो फिर से मेरे पास आ गया और बोला- छू तो लिये मैंने, एक बार अब दिखा भी दे तेरे बूब्स?
मैंने कहा- नहीं. कोई आ जायेगा.
वो बोला- कोई नहीं आयेगा.

फिर उसने समीज समेत मेरे कुर्ते को उठा दिया और मेरी चूची नंगी हो गयी.
उसने नंगी चूचियों को हाथों में भरा और जोर से दबा दिया.

मैं एकदम से उठ गयी.

इतने में ही क्लास के दूसरे छात्र भी आ गये. मैं अपनी सीट पर आ गयी. वो भी अपनी सीट पर आ बैठा.
उसने चुपके से मेरे कान में कहा- कल आयेगी क्या?
मैं बोली- हां, आऊंगी.

उसने कहा- ठीक है, तो फिर कल तुम काली ब्रा और काली ही पैंटी पहन कर आना.
फिर वो वहां से हटकर अपनी सीट पर चला गया.

अगले दिन जब मैं स्कूल पहुंची तो वो पहले से ही क्लास में बैठा हुआ था.
मैं अपनी सीट पर जाती उससे पहले वो वहां बैठ गया.

फिर मैं शर्मा कर बोली- क्या? ये क्या है, मुझे बैठने दे.

वो बोला- आज का क्या प्लान है? अगर तू हां करे तो कुछ करते हैं आज?
फिर वो खड़ा हुआ और धीमे से मेरे कान में बोला- आज लायब्रेरी का पीरियड है. अगर कुछ मूड हो तो बताना.

फिर अचानक से उसने मेरे गाल पर किस कर दी और अपने हाथ से मेरी गान्ड पर हाथ फेर कर चला गया.
मैं वहां 2 मिनट तक शॉक में ही खड़ी थी. तभी क्लास में बाकी बच्चे भी आना शुरू हो गये.

उसके बाद क्लास शुरू हो गयी. सब अपनी अपनी सीट पर बैठे थे.
वो मेरे पीछे ही था. वो बार बार अपना हाथ मेरी गांड पर लगा रहा था. मेरी गांड को सहलाने की कोशिश कर रहा था.

उस दिन मैं शॉल लेकर आई थी. उसने इसी का फायदा उठाया और नीचे ही नीचे मेरी शॉल में हाथ देकर मेरी चूचियों तक पहुंच गया.
उसने एक दो बार मेरी चूची दबा दी और मैं असहज हो गयी क्योंकि क्लास में बाकी स्टूडेंट्स भी थे.

पहले एक दो पीरियड वो ऐसे ही करता रहा. फिर म्यूजिक का पीरियड आया तो ज्यादार बच्चे वहां चले गये.
मैं और वो वहीं क्लास में रह गये.

हमारे साथ ही 4-5 छात्र और भी थे क्लास में. वो सब अपना अपना समूह बनाकर गपशप में लग गये.

अब वो मेरी सीट पर मेरे साथ ही आ बैठा क्योंकि मेरे साथ बैठी लड़की भी म्यूजिक क्लास में चली गयी थी.

उसने मेरी जांघ पर हाथ रखा.
मैंने शॉल ओढ़ा था तो कुछ दिख नहीं रहा था.

उसका हाथ धीरे धीरे मेरे सूट के नीचे मेरी नाभि तक पहुंच गया.
मुझे सिरहन हो रही थी.

फिर उसने मेरी सलवार में हाथ दे दिया और मेरी चड्डी के अंदर हाथ देते हुए मेरी चूत को छू लिया.

चूत पर हाथ लगते ही मुझे करंट सा लगा. मैं एकदम से सिहर गयी.
मगर उसने उसी वक्त मेरी चूत को जोर से रगड़ते हुए सहला दिया.
मैं कामुक होने लगी और वो मेरी चूत में उंगली करने लगा.

अब मेरी जांघें अपने आप ही खुलकर उसके हाथ को अच्छी तरह से रास्ता देने लगीं ताकि उसकी उंगलियां मेरी चूत में और अंदर तक जा सकें.
उसने पूरी उंगली घुसा दी और मुझे बहुत मजा आने लगा.

मेरी सांसें तेजी से चलने लगीं और मैंने उसकी जांघ को कस कर पकड़ लिया.
वो अब और तेजी से उंगली चलाने लगा और फिर मैं बर्दाश्त नहीं कर पाई.
मेरी चूत ने पानी छोड़ दिया.

अच्छा हुआ कि मैंने अपने बैग में एक अतिरिक्त कपड़ा रखा हुआ था. मैंने कपड़ा निकाला और धीरे से शॉल के नीचे ही अपनी सलवार में कपड़ा डालकर अपनी चूत का पानी पौंछ दिया.

वो अब उठकर अपने दोस्त के पास चला गया और हाथ धुलवाने लगा.
मेरी चूत के रस में उसका हाथ भी गीला हो गया था. हाथ धुलते हुए वो मेरी तरफ देख रहा था और मुझे बहुत ज्यादा शर्म आ रही थी.

उसके बाद लंच हुआ और फिर लाइब्रेरी का पीरियड आ गया.
सब बच्चे जाने लगे.

वो मेरे पास आया और बोला- चलेगी क्या?
मैंने कहा- कहां चलना है?
वो बोला- तू चल तो सही … मैं बताता हूं.

हम दोनों लाइब्रेरी न जाकर दूसरी तरफ चले गये.
वो मुझे लड़कों के वॉशरूम में ले गया.

वहां जाते ही हम दोनों एक वॉशरूम में घुस गये और दरवाजा बंद कर दिया.

मैंने कहा- कोई आ गया तो?
वो बोला- कोई नहीं आयेगा.

फिर उसने अपनी जेब से कॉन्डम निकाला.
मैं कॉन्डम देखकर चौंक गयी.
वो बोला- ऐसे क्या देख रही है, मेरी नजर तुझपर पहले दिन से ही थी. अब जाकर तू हाथ आयी है.

उसके बाद उसने मेरा हाथ अपने लंड पर रखवा दिया.
उसका लंड पहले से ही तनाव में था. मैंने उसका लंड पकड़ लिया और वो कॉन्डम का रैपर फाड़ने लगा.

फिर उसने अपनी पैंट खोली और नीचे से सरका कर नंगा हो गया. मगर पैंट उसकी टांगों में ही फंसी रही.

उसने मुझे सलवार खोलने को कहा.
मैंने शॉल उतार कर एक तरफ रखा और फिर अपनी सलवार खोल दी.
उसने मेरी पैंटी नीचे कर दी. अपना लंड मेरी चूत पर लगाकर वो मुझसे लिपट गया.

मुझे किस करने लगा और नीचे ही नीचे मेरी चूत पर लंड को रगड़ने लगा.

अब मैं एकदम से गर्म होने लगी. उसके होंठ मेरे होंठों पर और उसका लंड मेरी चूत पर कहर ढहा रहे थे.

उसने मेरा कुर्ता ऊपर किया और काली ब्रा निकाल कर फिर मेरी चूचियों को पीने लगा.

मैं पागल होने लगी. उसकी जीभ मेरे निप्पलों पर जादू कर रही थी. मेरे निप्पल तन गये और अब मैंने उसके सिर को चूचियों पर दबाना शुरू कर दिया.

फिर वो नीचे बैठ कर मेरी चूत को चाटने लगा.
मैं बदहवास सी होने लगी. मेरी चूत में बहुत मजा आ रहा था.
पहली बार मैं किसी लड़के से चूत चटवाने का मजा ले रही थी मैं क्योंकि मेरे पहले बॉयफ्रेंड ने कभी मेरी चूत नहीं चाटी थी.

अब कुछ देर चाटने के बाद वो उठा और मुझे लंड चूसने के लिए कहने लगा.
मैंने मना कर दिया क्योंकि उस वक्त लंड मुझे बहुत गंदा लगता था.

फिर उसने अपने लंड पर कॉन्डम पहन लिया.
उसके बाद उसने लंड को मेरी चूत पर रख दिया और जोर से मेरे बूब्स दबाने लगा.

फिर उसने मेरी टांग हल्की सी उठाई और एक धक्का लगा दिया.
उसके लंड का सुपारा मेरी चूत में उतर गया.

मेरी आह्ह … निकल गयी और मैं उससे लिपट गयी.
वो मेरी पीठ को सहलाने लगा और फिर मेरी गर्दन और गालों को चूमने लगा.

फिर उसने दूसरा धक्का दे दिया और इससे पहले कि मैं चिल्लाती उसने मेरे मुंह को अपने होंठों से बंद कर दिया.
मेरी चीख अंदर ही रह गयी.

फिर उसने धीरे धीरे पूरा लंड मेरी चूत में घुसा दिया.
मेरी आंखों से आंसू गिरने लगे.
वो मुझे चोदने लगा.
मुझे दर्द होता रहा लेकिन वो चोदता गया.

फिर कुछ देर बाद मुझे चुदने का मजा आने लगा और धीरे धीरे दर्द कम हो गया.
अब मैं भी मजा लेकर चुदने लगी.
मैंने उसको कस कर पकड़ लिया और अपनी चूत के धक्के भी बदले में लगाने लगी.

अब मैं खुद उसके होंठों को चूस रही थी.
वो भी मशीन की तरह मेरी चूत को पेलने में लगा हुआ था.

उसने 20 मिनट तक मेरी चूत वहीं वॉशरूम में चोदी.
मैं झड़ चुकी थी.

फिर वो अचानक से रुक गया. उसने लंड बाहर निकाला और कॉन्डम उतार दिया. उसको उसने नीचे टॉयलेट सीट में डालकर फ्लश कर दिया.

फिर उसने मेरे हाथ में लंड दे दिया और हिलाने को कहा.

मैं उसका लंड हिलाने लगी और दो मिनट बाद उसके लंड से सफेद वीर्य निकला. उसकी कई पिचकारी छूटी और फिर वो शांत होता चला गया.
मेरा हाथ उसके माल में सन गया.

उसके बाद उसने अपने लंड को धोया और मैंने अपना हाथ धो लिया.
फिर मैंने भी अपने कपड़े सही किये.

अब उसने धीरे से बाहर की ओर झांका. उसने मुझे निकलने का इशारा किया.

मैं निकली और चुपके से अपनी क्लास में चली गयी.

कुछ देर के बाद वो भी आ गया.

मैं काफी थकी हुई महसूस कर रही थी. मैं वहीं बेंच पर लेटकर सो गयी.

उस दिन के बाद अक्सर हम क्लास में मस्ती करने लगे. जब क्लास में कोई न होता तो वो मुझे चूसने लगता और मेरे बूब्स दबा देता था. मैं उसके लंड की मुठ मार देती थी.

अपने पुराने बॉयफ्रेंड को मैंने फिर छोड़ ही दिया. मैं अपने नये बॉयफ्रेंड के साथ मजे लेने लगी.

अभी भी हम दोनों बॉयफ्रेंड गर्लफ्रेंड हैं और एक दूसरे के साथ पूरा मजा करते हैं और एक दूसरे की फंतासी भी पूरी करते हैं.

दोस्तो, ये थी मेरी की पहली कहानी. आपको मेरी क्लासरूम सेक्स कहानी कैसी लगी मुझे बताना न भूलना.
अगर आपका अच्छा फीडबैक मिला तो मैं आगे भी आपके लिए अपनी सेक्स स्टोरी लाऊंगी. कहानी में कुछ गलती हुई हो तो माफ करना.
मेरा ईमेल आईडी है

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