अध्यापिका की चूत चुदाई की कहानी

Teacher Sex Stories

सेक्सी पंजाबी कुड़ी चुदाई का मजा मैंने लिया जब एक पंजाबन लड़की मेरे घर में किराए पर रहने लगी. वो स्कूल टीचर थी. मैं उसे रोज चोदता था.

दोस्तो, मैं आज आपको अपनी सेक्स कहानी सुना रहा हूँ.
इसे मैं कोई कहानी नहीं कह सकता हूँ क्योंकि मैं अभी भी मालिनी को चोद रहा हूँ. इसलिए आप इसे चुदाई की लाइव कमेंट्री कह सकते हैं.

मैं बरनाला से हूँ. मेरी पूरी फैमिली ऑस्ट्रेलिया में है.

कॉलेज टाइम में हुए झगड़े के कारण मेरे ऊपर कई केस लग गए थे जिसके कारण मैं विदेश नहीं जा सका.
हालांकि उसका मुझे कोई गम भी नहीं है क्योंकि मैं यहां भी मस्त लाइफ जी रहा हूँ.

बिना शादी के मुझे एक बेटा भी है और दूसरे की पैदाइश के लिए भी बीजरोपण हो चुका है.

दरअसल मैं अपनी शादीशुदा प्रेमिका के साथ मजे कर रहा हूँ.
उसका पति भी हम दोनों के साथ ही रहता है.

मेरा लुधियाना में फास्ट फ़ूड और गर्ल पीजी है, मॉडल टाउन में कोठी है और एक फार्म हाउस भी है.

ये मार्च की बात है.
वो संडे का दिन था, मैं अपनी दुकान पर ही था.

सुबह दस बजे मेरे मोबाइल पर एक कॉल आया.
ये कॉल मेरी सेक्स कहानी की नायिका मालिनी का था.

मालिनी को एक रूम किराये पर लेना था.
मैंने मालिनी को अपनी दुकान पर आने को बोला और उसे अपनी दुकान की लोकेशन भेज दी.

मालिनी 10-15 मिनट में ही मेरी दुकान पर आ गई.
उसके साथ उसके पापा भी थे.

मालिनी देखने में बहुत सुंदर है, बिल्कुल परी के जैसी है.

उसको देखते ही मेरा लौड़ा खड़ा हो गया.
मैंने अंकल से पूछा- आपका एक रूम से काम चल जाएगा?

अंकल बोले- हां, मेरी बेटी को रूम चाहिए, मैं तो आज ही वापिस चला जाऊंगा.
मैंने उनको रूम देखने को बोला और रूम की चाबी उनको दे दी.

उन्हें रूम देखने जाने के लिए अपने एक स्टाफ के लड़के को साथ भेज दिया.

मालिनी अपने पापा के साथ कमरा देखने जाने लगी.
मैं पीछे से उसका फिगर निहारने लगा.
उसका 34-30-38 का सुपर हॉट फिगर मुझे बेहद सनसनी दे रहा था.

उसके एकदम उठे हुए दूध और बड़े बड़े चूतड़ों वाला जिस्म देख कर मैं उस पर पूरी तरह से मर मिटा था.

मालिनी को भी मेरी नजरों से पता चल गया था कि मैं उस पर फ़िदा हो गया हूँ.

वापिस आने पर किराए की बात हुई और मालिनी ने रूम ले लिया.
उसके पापा ने कहा- मेरी लड़की पहली बार लुधियाना आई है. यहां पर मॉडल टाउन में एक गर्लस्कूल में इसको टीचर की नौकरी मिली है. तीन दिन बाद स्कूल में इसका पहला दिन है.

मैंने कहा- अंकल, मेरा घर भी मॉडल टाउन में उस स्कूल के पास ही है, अगर आप चाहो तो आपको वहां भी रूम मिल जाएगा.
अंकल बोले- आप इसका ध्यान रखना. मॉडल टाउन वाला कमरा ये खुद देख लेगी. अगर इसको ठीक लगा तो आप इसको स्कूल के पास वाला रूम दिखा देना.

मैंने बोला- आप कोई टेंशन मत लो, मैं इसका सब देख लूँगा.
मेरी बात सुन कर मालिनी ने मेरी ओर देखा और धीरे से हंस पड़ी.

उसके पापा मेरी बात को नहीं समझ पाए थे शायद.

फिर उसके पापा स्टेशन चले गए.

अब मैं और मालिनी दोनों ही रह गए थे.

मैंने मालिनी से कुछ खाने पीने को पूछा.
मालिनी बोली- हां जरूर मुझको बहुत तेज भूख लगी है.

मैंने अपने कुक को मंचूरियन लाने को बोला और साथ ही मालिनी को भी कहा कि आपको खाना बनाने की भी जरूरत नहीं पड़ेगी, आप मेरी दुकान से जो चाहे ले जाना.
मालिनी ने ओके बोला और हंस दी.

हम दोनों बातें करने लगे.
कुछ देर बाद वो कमरे में जाकर आराम करने लगी और इस तरह वो मेरे पीजी में सैट हो गई.

कुछ दिन बीत गए थे.
मालिनी और मेरी काफ़ी अच्छी दोस्ती हो गई थी.

एक दिन मालिनी स्कूल के बाद मेरे पास दुकान में आई और बोली- आप बोल रहे थे कि स्कूल के पास भी रूम मिल जाएगा. क्या आप उधर मेरे लिए कमरा दिखा सकते हैं?
मैं बोला- हां बिल्कुल, अगर आप चाहो तो आप मेरी कोठी में ही रह सकती हो. मेरी कोठी के नीचे का हिस्सा पूरा खाली है.

मालिनी बोली- मुझे तो एक रूम ही चाहिए. पूरे हिस्से का मुझे क्या करना है … फिर उसका किराया भी ज्यादा होगा ना.

मैंने बोला- नहीं जी … आपसे क्या रेंट लेना मालिनी जी.
मालिनी हंसी और बोली- अच्छा जी इतनी कृपा क्यों?

मैंने बोला- कृपा नहीं, वैसे भी तो खाली ही है. आप आ जाओगी, तो मुझको भी कंपनी मिल जाएगी.
मालिनी बोली- आपके घर में क्या कोई नहीं है?

मैं बोला- नहीं, मैं अकेला ही रहता हूँ.
मालिनी बिना कुछ बोले अपने रूम में चली गई.

फिर उसकी कॉल आई. वो बोली- मैं अपना सामान पैक कर रही हूँ. शाम में आप मुझे ले जाना.
मुझे सुन कर अपने कानों पर यकीन नहीं हो रहा था.

फिर मैंने कहा- आप पैकिंग करके मुझे कॉल कर देना. हम घर को निकल जाएंगे, फिर आपको छोड़ कर मैं वापिस आ जाऊंगा.
मालिनी ने ओके बोला और कॉल कट कर दी.

अब मैं मालिनी की कॉल की वेट कर रहा था.
मुझे पता था कि अब मैं सेक्सी पंजाबी कुड़ी चुदाई के करीब होता जा रहा हूँ.
मालिनी भी जैसे चुदवाने को बेकरार थी.

कुछ देर बाद मालिनी की कॉल आई- मैं रेडी हूँ, आप आ जाओ.

मैंने 2 लड़के साथ लिए और मालिनी को गाड़ी में बैठने को बोला.
लड़कों ने मालिनी का सामान गाड़ी में रख दिया.

मैंने उन दोनों लड़कों को बाइक से घर पहुंचने को बोल दिया और मैं मालिनी को कार से अपने घर ले आया.

मालिनी ने ब्लैक टॉप और स्कर्ट पहनी हुई थी.
मेरी आंखें उसे ही देख रही थीं. उसकी आंखों में भी वासना नशा दिख रहा था.

कुछ ही देर में हम दोनों घर आ गए थे.
लड़के भी हमारे साथ ही आ गए थे.

मैंने एक रूम खोल दिया और सामान अन्दर लगवा दिया.
फिर लड़कों को शॉप पर वापिस जाने को बोला.

मैंने मालिनी पूरा घर दिखा दिया.
घर देख कर मालिनी खुश हो गई और बोली- आप कब तक आ जाओगे, मुझे तो इतने बड़े घर में डर लगेगा.

मैंने कहा- मैं अब नहीं जाऊंगा. लड़के को बोल दिया है, वो दुकान बंद कर देगा.
वो मुस्कुराने लगी.

मैंने उससे पूछा- आप खाना क्या खाओगी, वो मंगवा लेते हैं.
मालिनी बोली- जो आपको पसंद हो, वही मैं खा लूंगी.

मैंने बोला- ठीक है, अभी आप फ्रेश हो कर ऊपर आ जाना. तब तक मैं भी फ्रेश हो जाता हूँ.
मालिनी ओके बोली और मैं ऊपर चला गया.

मेरे मन में मालिनी को चोदने के लड्डू फूट रहे थे.
दस मिनट के बाद मालिनी ऊपर आ गई.

मैं अभी बाथरूम में ही था, उसकी आवाज आई.
तो मैंने उससे बैठने को बोला.

कुछ ही देर में मैं बाथरूम से बाहर आ गया.

मालिनी और भी सेक्सी बन कर आई थी.
उसको भी शायद पता था कि आज कुछ ना कुछ तो जरूर होगा.

मैंने मालिनी से पूछा- क्या आप नॉनवेज खा लेती हो?
मालिनी बोली- हां.

मैंने चिकन ऑर्डर कर दिया.
हम दोनों बातें करने लगे.

मैं मालिनी को देख रहा था.
मालिनी बोली- आपको पता है मैं आपके साथ क्यों आई हूँ?
मैंने बोला- हां.

मालिनी बोली- फिर आप वेट क्यों करवा रहे हो, मेरे से वेट नहीं हो रहा है.
मैं समझ चुका था कि ये सेक्सी पंजाबी कुड़ी चुदाई की बात कर रही है.
मैंने कहा- आपको वेट करने के लिए बोल कौन रहा है?

मेरे इतना बोलते ही मालिनी मेरी बांहों में आ गई और हम एक दूसरे को किस करने लगे.
किस करते करते मैंने मालिनी की ड्रेस उतार दी.

अब मालिनी मेरे सामने लाल रंग की ब्रा और पैंटी में थी.

मालिनी ने मेरी टी-शर्ट और लोअर उतार दिया.
लोअर हटते ही मेरा मोटा लौड़ा मालिनी के सामने था.

मालिनी ने लौड़ा पकड़ कर अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी.
कुछ ही देर में हम दोनों चुदाई की मस्ती में आ गए थे.

मैंने चुदाई का मजा आराम आराम से लेने का तय किया.

तब मैंने व्हिस्की की बोतल खोली और मालिनी से शराब के लिए पूछा.
मालिनी बोली- आज की रात आपके नाम, जो मर्ज़ी करो.

मैंने पैग बना कर उसे देते हुए कहा- मैं तो अपनी हर एक रात आपके नाम करना चाहता हूँ.
मालिनी हंस कर हां बोली और चियर्स बोल कर एक ही सांस में पैग पी गई.

जल्दी ही हमारे दो दो पैग खत्म हो गए और शराब की मस्ती हम दोनों के ऊपर चढ़ गई थी.

मैंने अब उसकी चूत चाटना शुरू कर दी.
मालिनी की चूत बिल्कुल चिकनी थी.

दस मिनट के बाद मालिनी झड़ गई और बोली- प्लीज़ फक मी … चोदो मुझे … मुझे और इंतजार मत करवाओ. मुझे अपनी बना लो.
मैंने उसे चोदना चालू कर दिया.

मैं चोद रहा था और मालिनी मादक आवाजों के चिल्ला रही थी- आह पापा, आपकी मालिनी चुद गई … ऊऊ मांआ आआह चोद दो … आह चोदो … आह जोर जोर से … आज से मालिनी तेरी हुई चोद दे राजा … ऊओह!

कामुक आवाजें करती हुई मालिनी झड़ गई.

लेकिन मैं अभी भी मैदान में डटा था.
मैंने लंड खींच कर मालिनी की चूत से निकले पानी को साफ किया और फिर से लंड पेल कर उसे चोदने लगा.

कुछ देर बाद मालिनी ने फिर से लौड़ा मुँह में ले लिया और किस करती हुई चाटने लगी.

अब की बार मालिनी घोड़ी बन गई.
मैंने पीछे से लौड़ा पेलना शुरू कर दिया.

मालिनी की अह आह की आवाजों से पूरी कोठी गूँज रही थी.

अबकी बार मैं आने वाला था. मैंने मालिनी से पूछा- मैं झड़ने वाला हूँ कहां लोगी?

मालिनी बोली- अन्दर ही करो … और अपने माल से मेरे अन्दर लगी आग को ठंडा कर दो.

मैं अब स्पीड में चोदने लगा और मालिनी के अन्दर ही झड़ गया.
कुछ देर बाद हम दोनों अलग हुए.

चिकन का डिनर किया और फिर से लग गए.
उस रात हम दोनों ने 4 बार चुदाई की और नंगे ही चिपक कर सो गए.

अब हर रात मेरी और मालिनी की गोल्डन नाइट बनने लगी थी.

कुछ दिनों के बाद मालिनी के पापा आ गए और 3 दिन तक हमारे साथ रहे.
तब हम दोनों ने मिलना कम कर दिया था.

मैं सुबह दुकान पर आ जाता, मालिनी स्कूल चली जाती.

ऐसा करने से हमें एक फ़ायदा हो गया था.
मालिनी के पापा को यकीन हो गया था कि उनकी बेटी सेफ है.

फिर वो महीने में एक या दो दिन के लिए ही आने लगे और बाकी दिन हर रात में हम दोनों चुदाई का मजा लेने लगे.
पहली बार की चुदाई से ही मालिनी प्रेगनेंट हो गई थी.

हमें गर्भपात करवाना पड़ा.
फिर हम दोनों कंडोम यूज करने लगे.

एक साल बाद मालिनी की शादी हो गई.
उसको अपने पापा की जिद के चलते किसी दूसरे से शादी करनी पड़ी.

मालिनी ने शादी से 10 दिन पहले स्कूल से 20 दिन की छुट्टी ले ली थी.
वो शादी के दस दिन बाद अपने हज़्बेंड के साथ लुधियाना वापिस आ गई थी.

अब वो दोनों ही मेरे घर में रहते हैं.
मालिनी का हज़्बेंड किसी सरकारी दफ्तर में ड्यूटी करता है. सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक वो ऑफिस में रहता था.

मालिनी 9 बजे से 12 बजे तक स्कूल में और मैं दुकान में.
फिर हम दोनों मेरे बेडरूम में.

मालिनी की शादी के बाद उसकी माहवारी की तारीख आ गई थी.
वो 4 दिन हम दोनों ने सेक्स नहीं कर सका था.

फिर हम दोनों बिना कंडोम के सेक्स करने लगे.
मालिनी मुझको ही अपने बच्चों का पिता बनाना चाहती थी और उसने बनाया भी.

उसने नौ महीने के बाद मेरे पहले बेटे को जन्म दिया.
सरकारी नौकरी होने की वजह से मालिनी का पति बड़ा वाला पियक्कड़ है. वो नशे में टुन्न रहता है, मालिनी भी उससे कुछ नहीं कहती है.

हम दोनों उसके बेड पर ही रोज करते हैं.

मैं मालिनी को इतनी ज्यादा पेलता हूँ तब भी उस चूतिया को पता ही नहीं चल पाता है कि उसकी बीवी मालिनी मेरे दूसरे बच्चे की मां बनने जा रही है.

आज भी हम दोनों सेक्स करने के समय ही अपनी चुदाई की कहानी आपके साथ साझा कर रहे हैं.

ये थी सेक्सी पंजाबी कुड़ी चुदाई कहानी.
आपको कैसी लगी, प्लीज़ कमेंट्स से बताएं.

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