ट्रुथ एंड डेयर गेम खेल किया फोरसम – भाग २

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नमस्कार मैं कुणाल मोहाली, चंडीगढ़ से हूँ। अब मैं अपने रीडर्स के लिए लेकर आया हूं, ट्रुथ एंड डेयर गेम खेल किया फोरसम का दूसरा भाग।

अगर आपने इस कहानी का पहला पार्ट नहीं पड़ा है, तो पहले उसे जरूर पढ़ें। सके बिना आपको यह कहानी समझ में नहीं आएगी और ना ही इसमें आपके दिलचस्पी बनेगी।

तो शुरू करते हैं कहानी का दूसरा भाग। ट्रुथ एंड डेयर गेम खेलकर हम चारों काफी ज्यादा गर्म हो चुके थे। और बस अब सब का मन कर रहा था की एक जबरदस्त चुदाई हो जाए।

गेम के दौरान ही हम सभी अपने कपड़े उतार चुके थे। तो बेड पर आते ही सबसे पहले मेरे दोस्त शुभ ने मेरी गर्लफ्रेंड मालिनी को पकड़ा। और उसे बेड पर गिरा कर खुद के ऊपर चढ़ गया। उसने जोर-जोर से मालिनी के नंगे मम्मे दबाने शुरू कर दिए और उन्हें चूसना शुरू कर दिया।

लेकिन मालिनी अभी भी शुभ के साथ यह सब करने में पूरी तरह से नहीं खुली थी। वो अभी भी मेरा हाथ पकड़ कर मुझे अपने ऊपर खींच रही थी और शुभ को पीछे हटा रही थी। मैंने देखा कि शुभ को मालिनी के साथ काफी ज्यादा मजा आ रहा था।

और वो उसके मम्मो का दीवाना हो चुका था। इसलिए मैंने सोचा कि चलो कोई बात नहीं इसे थोड़ी देर मजा करने देता हूं। मैंने मालिनी से अपना हाथ छुड़वाया और पूजा को बेड पर लिटा कर खुद के ऊपर चढ़ गया।

यहां मैं पूजा के मम्मे दबा कर उनसे खेल रहा था वहां शुभ ने मालिनी के मम्मे मसल मसल कर लाल कर दिए थे। फिर शुभ ने अपने खड़े लंड पर कंडोम चढ़ाया मालिनी की दोनों टांगें खोलकर पहले उसकी चूत चाटने लगा। वहां मालिनी शर्म के मारे छटपटा रही थी।

फिर अचानक से शुभ ने अपना खड़ा लंड मालिनी की गुलाबी चूत में एक ही झटके से उतार दिया। मालिनी दर्द के मारे चिल्लाने लगी। लेकिन शुभ ने अपनी स्पीड और तेज कर ली और लगातार झटके लगाने लगा।

यहां में भी पूजा के साथ चुदाई का खेल शुरू कर चुका था। करीब 15 मिनट बाद मेने शुभ को साइड होने के लिए बोला और इशारे में पार्टनर चेंज करने को कहा। जैसे ही शुभ मालिनी के ऊपर से उतरा, मैं मालिनी की तरफ गया।

तो मालिनी ने मुझे पकड़कर अपने ऊपर खींच लिया और मुझे जोर-जोर से किस करने लगी। वह मुझे बोल रही थी कि, ‘मुझे सिर्फ आपके साथ ही करना है।‘ लेकिन मैंने कहा, ‘कोई बात नहीं आज जिंदगी का पूरा मजा लो।‘

ऐसे करते हुए 30 मिनट तक लगातार चुदाई का कार्यक्रम चला और मैं मालिनी के अंदर झड़ गया। मालिनी भी झड़ चुकी थी। लेकिन दूसरी तरफ शुभ पूजा के साथ लगा हुआ था लेकिन उसका अभी डिस्चार्ज नहीं हुआ था।

काफी देर तक ट्राई करने के बावजूद उसका डिस्चार्ज नहीं हुआ और वो पूजा के ऊपर से हट गया। फिर हम सब ने कपड़े पहन लिए। कुछ देर के लिए मैंने अपना लैपटॉप खोला और अपने ऑफिस का काम करने लगा। वहां मालिनी और पूजा बेड पर लेटी हुई थी और उन्होंने कंबल और रखा था।

पता नहीं एकदम मालिनी के मन में क्या आया। और वह यह सोच कर उदास होने लगी कि शुभ का डिस्चार्ज नहीं हुआ है। जब में लैपटॉप पर अपने ऑफिस का काम कर रहा था उस दौरान मालिनी ने शुभ को आवाज देकर अपने पास बुलाया।

उसने शुभ कहा कि, ‘यहां आओ मेरे पास कंबल में लेटो।‘ शुभ तुरंत मालिनी के पास कंबल में चला गया। कंबल में जाते ही उसने अपने हाथ सीधा मालिनी के टॉप के ऊपर से उसके मोमो पर रखे और उन्हें दबाने लगा। साथ ही उसने मालिनी की गर्दन पर किस करना शुरू कर दिया।

मालिनी को भी इस बात का अंदाजा हो चुका था कि शुभ को पूजा के साथ कोई मजा नहीं आ रहा। इसलिए उसने अपनी दरियादिली दिखाई। और अपना हाथ शुभ की पेंट के ऊपर से उसके लंड के ऊपर रख दिया। पेंट के ऊपर से ही उसका लंड मसल रही थी।

इतने में शुभ ने मालिनी का टॉप उसके पेट से ऊपर करते हुए उसके मम्मे नंगे करती है और उनके साथ खेलने लगा। वो बार-बार मालिनी के निप्पल मसल रहा था और बीच-बीच में दूध जैसे गोरे मम्मे चूस रहा था।

इतने में मालिनी ने भी शुभ की पेंट का बटन खोल और उसका नंगा लंड बाहर निकाल। उसे अपने हाथों से ऊपर नीचे करने लगी। शुभ को पूरी मस्ती चढ़ रही थी और वह लगातार मालिनी के मोमो के साथ खेल रहा था। यह काम तो दोनों चुपचाप बिना कोई आवास किए कर रहे थे।

यहां मैं अपने ऑफिस का काम करता हुआ उन्हें देख रहा था और अंदर ही अंदर मजे ले रहा था। करीब 10 मिनट बाद शुभ की आवाज आई, ‘आह।।।आह।।।हो गया मेरा।’ और वो अपना नंगा लंड हाथ मे लेकर बाथरूम की तरफ चला गया।

मैंने मुस्कुराते हुए मालिनी से पूछा क्या हुआ। तो मालिनी ने अपना कंबल हटाया और मेरी तरफ देखने लगी। उसे याद नहीं रहा की उसके मम्मे बिल्कुल नंगे हैं। जब मैंने उसकी तरफ देखा तो उसके मम्मे शुभ की थूक लगी होने के कारण चमक रहे थे।

मैंने हंसते हैं पूछा, ‘क्या हुआ अब मजा आने लग गया?’ इतने में मालिनी दोबारा फिर शर्म आ गई और उसने दोबारा अपने चेहरे को कंबल से ढक लिया और अपना टॉप ठीक कर लिया। 5 मिनट बाद जब शुभ बाथरूम से बाहर आया तो उसके चेहरे पर एक संतुष्टि और मुस्कान नजर आ रही थी।

फिर मैंने उसे इशारे में पूछा कि, ‘हो गया तेरा?’ उसने हाथ जोड़ते हुए मेरी तरफ देखा और आंखों ही आंखों में मुझे थैंक यू बोला। यह सारा कार्यक्रम पूजा भी चुपचाप लेटी हुए देख रही थी पर अंदर ही अंदर मजे ले रही थी ।

पूजा ने मेरी तरफ देखा और इशारा करते हुए बोली की मालिनी अब जाकर मजा आया है। मैंने भी पूजा की तरफ देखते हुए मुस्कुरा कर जवाब दिया कि हां हम सही बोल रही हो।

अब मैं आपको इससे अगली कहानी में बताऊंगा की कैसे मालिनी को शुभ के साथ मजा आने लगा था और वह उसके साथ अकेले में चुदाई का मजा लेना चाहती थी। मालिनी मुझसे बहुत ज्यादा प्यार करती है। वह सिर्फ मेरे सामने मेरे दोस्त के साथ नंगी होकर चुदाई करने में झिझक रही थी।

फिर मैंने यह मौका भी उनको दिया।

उम्मीद करता हूं कि आपको यह कहानी पसंद आई होगी। आप मुझे मेरे ईमेल आईडी kunalphoto157@gmail।com पर कहानी का फीडबैक दे सकते हैं।

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